संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज डेटा प्रोटेक्शन बिल 2025 पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने बिल को “गोपनीयता के अधिकार पर हमला” बताया, जबकि सरकार ने इसे “डिजिटल सुरक्षा और साइबर क्राइम से बचाव के लिए ऐतिहासिक कदम” करार दिया।