जमशेदपुर: Chakradharpur में बाल तस्करी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ पुलिस एवं प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। इस कार्रवाई में गुजरात के दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के Chakradharpur थाना क्षेत्र का है, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस, श्रम विभाग और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त टीम ने होटल K2 में छापेमारी की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 17 मई 2026 की रात श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को सूचना मिली थी कि कुछ अज्ञात मानव तस्कर किशोर बालक-बालिकाओं तथा महिला-पुरुष मजदूरों को गुजरात ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने की तैयारी में हैं। सभी लोगों को Chakradharpur स्थित होटल K2 में ठहराया गया था।

सूचना मिलते ही श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने तत्काल कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन रांची एवं चाइल्ड लाइन DLSA को अवगत कराया। साथ ही पुलिस प्रशासन को भी मामले की गंभीरता से जानकारी दी गई, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।

ASP के नेतृत्व में गठित हुई विशेष छापेमारी टीम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम में थाना प्रभारी अवधेश कुमार समेत सशस्त्र बल के जवानों को शामिल किया गया।

छापेमारी टीम ने होटल K2 में कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद 30 महिला-पुरुष मजदूरों तथा 6 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। मुक्त कराए गए नाबालिगों में 5 लड़के और 1 लड़की शामिल हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई से बाल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

गुजरात भेजने की थी तैयारी

जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि सभी मजदूरों और नाबालिग बच्चों को गुजरात मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। इसके लिए राजलक्ष्मी बस का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बस संख्या OR 11H 0797 को जब्त कर लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बच्चों और मजदूरों को बेहतर रोजगार का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था, जहां उनसे बंधुआ मजदूरी कराए जाने की आशंका थी।

दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

इस मामले में चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 61/2026 दिनांक 17.05.2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए गुजरात निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

  • निकुंज गोविंद बोरसानिया (32 वर्ष)
  • कादिवार निलेश भाई जेयेन्द्र भाई (34 वर्ष)

के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

मुक्त कराए गए नाबालिगों को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया

छापेमारी के दौरान मुक्त कराए गए 6 नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति चाईबासा को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई। फिलहाल बच्चों को चाइल्ड लाइन चाईबासा के हवाले किया गया है, जहां उनकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि बच्चों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित वापस भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।

छापेमारी दल में शामिल रहे ये अधिकारी

इस बड़ी कार्रवाई में कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे। छापेमारी दल में शामिल अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं—

  • सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, Chakradharpur
  • थाना प्रभारी अवधेश कुमार
  • पु० अ० नि० परमेश्वर उरांव
  • परि० पु० अ० नि० राज किशोर तिवारी
  • स०अ०नि० बिरबल चौबे
  • चक्रधरपुर थाना के सशस्त्र बल
जब्त की गई सामग्री

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान निम्न सामग्री जब्त की—

  • राजलक्ष्मी बस (OR 11H 0797)

बाल तस्करी के खिलाफ प्रशासन सख्त

Chakradharpur में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर बाल तस्करी और बंधुआ मजदूरी के गंभीर खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और मजदूरों की अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें या बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित करें।

यह कार्रवाई न केवल 6 नाबालिग बच्चों के जीवन को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण साबित हुई, बल्कि बाल तस्करी के खिलाफ प्रशासन की गंभीरता को भी दर्शाती है।