गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के Gorakhpur से एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है। एक 10 वर्षीय बच्ची, जो अपनी बीमार बड़ी बहन के लिए जिला अस्पताल खाना लेकर गई थी, घर लौटते समय लापता हो गई। अगले दिन उसका शव चिलुआताल स्थित श्मशान घाट के पास बरामद हुआ। पुलिस जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डायल-100 में तैनात एक पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए भोजन लेकर गोरखपुर जिला अस्पताल पहुंची थी। उसकी बड़ी बहन अस्पताल में भर्ती थी और बच्ची रात के समय उससे मिलकर वापस अपने घर लौट रही थी।

लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंची, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चला, जिसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी।

परिजनों की शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

परिजनों की सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल परिसर और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने बच्ची की गतिविधियों का क्रम समझने की कोशिश की और यह पता लगाने का प्रयास किया कि अस्पताल से निकलने के बाद वह किस दिशा में गई थी।

CCTV फुटेज बना जांच का अहम आधार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान एक वर्दीधारी व्यक्ति बच्ची को मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया।

इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति की पहचान की और जांच को आगे बढ़ाया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच की जा रही है।

पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ

जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर डायल-100 में तैनात पुलिसकर्मी अभिषेक यादव को हिरासत में लिया गया।

पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

चिलुआताल श्मशान घाट से मिला बच्ची का शव

पुलिस की तलाश के दौरान गुरुवार तड़के लगभग चार बजे चिलुआताल स्थित श्मशान घाट क्षेत्र से बच्ची का शव बरामद किया गया।

शव मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।

फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जार

पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और आवश्यक नमूने जुटाए।

इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

परिवार में शोक लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद मृतक बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की मांग उठाई है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले की जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें आधिकारिक रूप से साझा किया जाएगा।

बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को अकेले भेजने से बचना चाहिए और यदि किसी कारणवश ऐसा करना पड़े, तो परिवार के सदस्य लगातार संपर्क में रहें तथा सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

Gorakhpur में 10 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जबकि फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी जांच जारी है। मामले की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदारी जांच पूरी होने तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।