चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के Gulkeda पंचायत के पूर्व उप मुखिया संजय बोयपाई हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते इस हत्याकांड की साजिश रची गई थी।
घर के आंगन में सो रहे थे संजय बोयपाई
पुलिस के अनुसार, 1 जून 2026 की रात लगभग 12:10 बजे Gulkeda पंचायत के पूर्व उप मुखिया संजय बोयपाई अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी।

हत्या के बाद दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 66/26 दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
एसआईटी में अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर तथा थाना प्रभारी के नेतृत्व में कई अनुभवी पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया। टीम को हत्याकांड के जल्द खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना से मिली सफलता
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस, गुप्त सूचनाओं और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया। विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
पुलिस को जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद 4 जून को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पांच आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सुरेश सोय, कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा, गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा, बुधू बोदरा तथा बिजू चौधरी शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान भी बरामद किया।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक संजय बोयपाई और आरोपी बिजू चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश भी थी।
जांच में खुलासा हुआ कि इसी विवाद के कारण बिजू चौधरी ने संजय बोयपाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने अन्य आरोपियों को सुपारी देकर हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिलाया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया था। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण वे ज्यादा दिनों तक कानून से बच नहीं सके।
बरामद हुए हथियार और अन्य सामान
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया एक देशी कट्टा बरामद किया है। इसके अलावा चार जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग घटना की योजना बनाने और अपराध को अंजाम देने में किया गया था। बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है ताकि हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुरेश सोय (20 वर्ष), निवासी उंचीबीता (गाजीडीह), थाना टोकलो शामिल है। इसके अलावा कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा (31 वर्ष), निवासी कोटसोना, तोड़ांगसाई, थाना मुफ्फसिल को भी गिरफ्तार किया गया है।
अन्य आरोपियों में गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा (22 वर्ष), निवासी हिजिया, बांदासाई, थाना चक्रधरपुर, बुधू बोदरा (27 वर्ष), निवासी जोंको, थाना कराईकेला तथा बिजू चौधरी (31 वर्ष), निवासी गुईगांव, थाना चक्रधरपुर शामिल हैं।
विशेष जांच दल की भूमिका रही अहम
इस हत्याकांड के खुलासे में विशेष जांच दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने दिन-रात मेहनत कर तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए गए। इसी का परिणाम है कि कम समय में मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल में परमेश्वर उरांव, रंजीत उरांव, राजकिशोर तिवारी, बिरबल चौबे, दिलीप कुमार और शशिभूषण सामड शामिल थे।
इसके अलावा तकनीकी शाखा से चन्द्रशेखर और गंगाराम पुरती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चक्रधरपुर थाना के सशस्त्र बल एवं चौकीदार चन्दन कांडेयांग सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग किया।
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने इस मामले के खुलासे के साथ यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचाया नहीं जा सकता। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
संजय बोयपाई हत्याकांड का खुलासा होने से परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है तथा यह भी जांच की जा रही है कि हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
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