विधायक सरयू राय ने डीएफओ से की बातचीत

जमशेदपुर: मानगो क्षेत्र की सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं में हो रही देरी को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम वन प्रमंडल के डीएफओ से बातचीत की। बातचीत में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि वन विभाग जमीन हस्तांतरण के लिए तैयार है, लेकिन मानगो नगर निगम ने अब तक परिवेश पोर्टल पर विधिवत आवेदन ही नहीं किया है।

मुख्य बातें

🔹 वन विभाग ने दो बार भेजा स्मरण पत्र, फिर भी आवेदन नहीं

🔹 डीएफओ ने कहा – देरी और जनता की परेशानी के लिए मानगो नगर निगम जिम्मेदार

🔹 सरयू राय ने कहा – केंद्र और राज्य सरकार पहल कर जल्द शुरू कराएं काम

🔹 केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा था कि वनभूमि हस्तांतरण होते ही ऊपरी पथ का निर्माण तेज होगा

डीएफओ ने क्या बताया?

विधायक सरयू राय को डीएफओ ने बताया कि पायल सिनेमा के सामने सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने को वन विभाग तैयार है। इसके बावजूद मानगो नगर निगम ने अब तक परिवेश पोर्टल पर आवश्यक आवेदन जमा नहीं किया है।

डीएफओ के अनुसार, वन विभाग की ओर से निगम को दो बार इस संबंध में याद दिलाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। डीएफओ ने स्पष्ट कहा कि इस देरी के कारण जनता को जो असुविधा हो रही है, उसकी जिम्मेदारी मानगो नगर निगम पर है।

केंद्रीय मंत्री के बयान पर भी हुई चर्चा

गौरतलब है कि बुधवार को केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा था कि सरकार जितनी जल्दी वनभूमि हस्तांतरित करेगी, उतनी जल्दी एनएच-33 पर बन रहा ऊपरी पथ (एलिवेटेड रोड) पूरा हो जाएगा। इस पर डीएफओ ने सरयू राय को बताया कि संबंधित परियोजना के लिए वन विभाग की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ बोर्ड की अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है। डीएफओ का कहना था कि संभवतः केंद्रीय मंत्री को इस स्थिति की पूरी जानकारी नहीं रही होगी, जिसके कारण उन्होंने सभा में ऐसा बयान दिया।

सरयू राय ने क्या कहा?

सरयू राय ने कहा कि जब वन विभाग और वाइल्ड लाइफ बोर्ड से आवश्यक अनुमतियां मिल चुकी हैं, तब अब केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को आगे बढ़कर परियोजनाओं को गति देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि:

“मानगो नगर निगम को चाहिए कि वह तत्काल परिवेश पोर्टल पर अपना आवेदन अपलोड करे, ताकि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो सके और जनता को राहत मिल सके।”

किन परियोजनाओं पर पड़ रहा असर?

वन भूमि हस्तांतरण में देरी को अब तक दो बड़ी परियोजनाओं की बाधा माना जा रहा था।

1. मानगो चौक–पायल सिनेमा फ्लाईओवर रैम्प परियोजना

फ्लाईओवर रैम्प के अंतिम हिस्से में वन भूमि की आवश्यकता है। भूमि हस्तांतरण नहीं होने के कारण निर्माण अधूरा है। इससे रोजाना ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

2. पारडीह काली मंदिर से बालीगुमा तक ऊपरी पथ

एनएच-33 पर बन रहे इस महत्वपूर्ण एलिवेटेड रोड के निर्माण में भी वन भूमि हस्तांतरण को बाधा बताया जा रहा था। केंद्रीय मंत्री ने भी अपने बयान में इसी परियोजना का उल्लेख किया था।

मानगो क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं में देरी को लेकर अब नया तथ्य सामने आया है। वन विभाग का दावा है कि आवश्यक अनुमतियां उपलब्ध हैं और विभाग भूमि हस्तांतरण के लिए तैयार है, लेकिन मानगो नगर निगम द्वारा औपचारिक आवेदन नहीं किए जाने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि आवेदन ही नहीं किया गया, तो फिर वन विभाग जमीन हस्तांतरित कैसे करे?

अब लोगों की निगाहें मानगो नगर निगम और संबंधित सरकारी विभागों पर टिकी हैं कि वे इस प्रक्रिया को कितनी जल्दी आगे बढ़ाते हैं और जाम व दुर्घटनाओं की समस्या से जनता को कब राहत मिलती है।