पूर्वी सिंहभूम: जिले में समग्र विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने और जनहितकारी Plan के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला Plan समिति की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला योजना अनाबद्ध निधि के अंतर्गत संचालित और प्रस्तावित विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित योजनाओं पर विचार करना तथा उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, स्वीकृति प्रक्रिया तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

पूर्व स्वीकृत 38 विकास योजनाओं को मिली घटनोत्तर स्वीकृति

बैठक के दौरान पहले से स्वीकृत 38 विकास Plan को कार्यकारिणी समिति द्वारा घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना तथा आम नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इन योजनाओं में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं, जिनमें—

  • आरसीसी कल्वर्ट निर्माण
  • गार्डवाल निर्माण कार्य
  • ग्रामीण एवं शहरी पहुंच पथों का निर्माण
  • घाटशिला में जोहार मार्ट हेतु दुकान एवं शोरूम निर्माण
  • सोलर आधारित मिनी पाइप्ड वाटर सप्लाई योजनाओं की मरम्मत एवं रखरखाव
  • आंगनबाड़ी केंद्र भवनों में जलापूर्ति व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण

जिला प्रशासन का मानना है कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और अधिक तेज़ी से आगे बढ़ेगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की राशि के उपयोग पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना अनाबद्ध निधि के अंतर्गत प्राप्त राशि के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग अधिकतम जनहित में किया जाए।

योजना समिति ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक योजना का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हो ताकि जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित 139 जनहितकारी योजनाओं पर हुआ मंथन

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय माननीय सांसद एवं विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों द्वारा अनुशंसित 139 जनहितकारी योजनाओं पर विचार-विमर्श रहा।

इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है। प्रस्तावित योजनाओं में शामिल प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

  • ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण
  • पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाना
  • सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास
  • जनसुविधा केंद्रों का निर्माण
  • सड़क एवं पुल-पुलियों का विकास
  • सार्वजनिक भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य
  • जल संरक्षण एवं जलापूर्ति से संबंधित योजनाएं

इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले के हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का होगा विस्तार

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें बल्कि समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, पुलिया, पेयजल, सामुदायिक भवन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

विशेष रूप से सोलर आधारित जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत से जल संकट वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।

उपायुक्त ने दिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व दिया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग पूरी ईमानदारी एवं दक्षता के साथ किया जाए।

समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन पर दिया गया विशेष जोर

कार्यकारिणी समिति की बैठक में संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने तथा योजनाओं की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया गया ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर विकास कार्य पूरे किए जा सकें।

अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की समीक्षा लगातार की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें—

  • वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी
  • उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान
  • अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्नव मिश्रा
  • विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी राहुल जी आनंद
  • अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी
  • उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार

सहित जिला योजना समिति की कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।

जिले के विकास को मिलेगी नई गति

जिला योजना समिति की कार्यकारिणी समिति की यह बैठक पूर्वी सिंहभूम जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 139 जनहितकारी योजनाओं पर विचार-विमर्श, 38 योजनाओं को घटनोत्तर स्वीकृति तथा आगामी वित्तीय वर्ष की विकास रणनीति से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन आधारभूत संरचना, पेयजल, सड़क, सामुदायिक परिसंपत्तियों और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है।

यदि इन योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है तो जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर देखने को मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।

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