जमशेदपुर: उच्च शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में Srinath विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के माध्यम से छात्रों को वित्तीय बाजार, निवेश, बैंकिंग और पूंजी बाजार से जुड़ी आधुनिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। शिक्षा जगत में इस पहल को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एनआईएसएम और Srinath विश्वविद्यालय के बीच हुआ समझौता
इस एमओयू पर एनआईएसएम के सहायक महाप्रबंधक शुभायु दास तथा श्रीनाथ विश्वविद्यालय के डीन प्रशासन डॉ. जे. राजेश ने हस्ताक्षर किए। समझौते के साथ ही दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक वित्तीय ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।
क्या है राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम)?
राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा स्थापित एक प्रमुख संस्थान है। यह संस्थान वित्तीय एवं प्रतिभूति बाजारों में शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कार्य करता है। एनआईएसएम का उद्देश्य देश में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना तथा युवाओं को वित्तीय क्षेत्र में बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है।

विद्यार्थियों को मिलेंगे प्रमाणन पाठ्यक्रमों का लाभ
इस साझेदारी के तहत श्रीनाथ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एनआईएसएम द्वारा संचालित विभिन्न प्रमाणन पाठ्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, निवेश प्रबंधन, वित्तीय नियोजन, पूंजी बाजार और अन्य वित्तीय विषयों का गहन अध्ययन कर सकेंगे। इससे उनकी व्यावसायिक दक्षता और ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
शिक्षकों के लिए भी होंगे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
यह समझौता केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा। एनआईएसएम द्वारा संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Program) आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से शिक्षकों को नवीनतम वित्तीय तकनीकों, बाजार की प्रवृत्तियों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी मिलेगी। इससे विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होगी।
इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण के खुलेंगे नए अवसर
एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को वित्तीय बाजारों से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। इससे छात्र वास्तविक कार्य वातावरण में अनुभव प्राप्त करेंगे और उद्योग की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझ सकेंगे। यह अनुभव उनके भविष्य के करियर निर्माण में अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
संयुक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम विकसित करेंगे दोनों संस्थान
Srinath विश्वविद्यालय और एनआईएसएम मिलकर उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नए स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम विकसित करेंगे। इन पाठ्यक्रमों में सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कार्य करने में सक्षम बन सकें।
छात्रों की रोजगार क्षमता में होगी बढ़ोतरी
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस सहयोग से छात्रों की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वित्तीय क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अवसरों को देखते हुए प्रशिक्षित और प्रमाणित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एनआईएसएम के सहयोग से छात्रों को बैंकिंग, निवेश, वित्तीय सेवाओं, बीमा, स्टॉक मार्केट और पूंजी बाजार जैसे क्षेत्रों में बेहतर रोजगार मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
उद्योगोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
Srinath विश्वविद्यालय लंबे समय से कौशल आधारित और उद्योगोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ सहयोग कर रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक कौशल से लैस कर आत्मनिर्भर बनाना है। एनआईएसएम के साथ हुआ यह समझौता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी
आज के समय में वित्तीय क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलावों से गुजर रहा है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए छात्रों के पास आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव होना आवश्यक है। एनआईएसएम के सहयोग से श्रीनाथ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे वैश्विक रोजगार बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकेंगे।
शिक्षा और रोजगार के बीच बनेगा मजबूत सेतु
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच इस प्रकार की साझेदारी शिक्षा और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों की जरूरतों की जानकारी मिलती है और वे उसी के अनुरूप स्वयं को तैयार कर पाते हैं।
Srinath विश्वविद्यालय और एनआईएसएम के बीच हुआ यह एमओयू शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस सहयोग से छात्रों और शिक्षकों दोनों को आधुनिक वित्तीय शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रमाणन और इंटर्नशिप का लाभ मिलेगा। साथ ही, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित होने से विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। यह पहल न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, बल्कि छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार करेगी।




















