जमशेदपुर: JNC पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा उठाव, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट की खराब स्थिति जैसी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई हैं। इन मुद्दों के समाधान में लगातार हो रही देरी के कारण कार्यकर्ताओं ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNC ) के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर गुरुवार को जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सोनारी, कदमा, बिष्टुपुर और साकची मंडल के प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बिष्टुपुर स्थित विधायक सरयू राय के कार्यालय में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने की।
सोनारी, कदमा, बिष्टुपुर और साकची की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में विभिन्न मंडलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं महीनों से लंबित हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा उनके समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि अनेक क्षेत्रों में नियमित रूप से कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण मोहल्लों में गंदगी का अंबार लग रहा है। इससे न केवल पर्यावरण प्रभावित हो रहा है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
डोर-टू-डोर कचरा उठाव व्यवस्था की बदहाली बनी चिंता का विषय
बैठक के दौरान सबसे अधिक चर्चा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन वर्तमान में कई क्षेत्रों में इसका संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो रहा है।
कई वार्डों में कचरा वाहन समय पर नहीं पहुंचते, जिसके कारण लोग मजबूरी में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने को विवश हो जाते हैं। इससे सड़क किनारे और खाली भूखंडों में गंदगी बढ़ रही है।
कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
नालियों की सफाई में लापरवाही से बढ़ा जलजमाव का खतरा
बैठक में नालियों की सफाई को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कई इलाकों में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसी स्थिति में नालियों का जाम होना जलजमाव की बड़ी समस्या को जन्म दे सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालियों में जमा कचरा और गाद बारिश के दौरान पानी की निकासी को बाधित करता है, जिससे सड़कें और मोहल्ले जलमग्न हो जाते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट की खराब स्थिति से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
बैठक में स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट की खराब स्थिति को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि शहर के कई प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और आवासीय क्षेत्रों में लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी हैं।
कई स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें भी बंद हैं, जिसके कारण रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। इससे राहगीरों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंधेरे वाले क्षेत्रों में असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए खराब पड़ी सभी लाइटों की तत्काल मरम्मत आवश्यक है।
उप नगर आयुक्त को कई बार दी गई शिकायतें, फिर भी नहीं हुआ समाधान
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार उप नगर आयुक्त से मुलाकात की गई। लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासनिक स्तर पर केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे जनता का भरोसा प्रभावित हो रहा है और लोगों में निराशा बढ़ रही है।
JNC की कार्यशैली पर कार्यकर्ताओं ने जताया असंतोष
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में जेएनएसी का रवैया अत्यंत उदासीन दिखाई दे रहा है। जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण लोगों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे नियमित रूप से जनता के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाते हैं। लेकिन यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो जनता में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।
मुकुल मिश्रा ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं होगा तो लोगों का विश्वास व्यवस्था से कमजोर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता लगातार जनता के हितों के लिए काम कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। अब समय आ गया है कि प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करे।
उपायुक्त से मुलाकात कर सौंपा जाएगा विस्तृत ज्ञापन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे उपायुक्त से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग करेगा।
इसके साथ ही विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, नाली सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा व्यापक जनआंदोलन
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उपायुक्त स्तर पर भी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। यदि प्रशासन सकारात्मक पहल करता है तो जनता को राहत मिलेगी और विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
मानसून से पहले सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग
बैठक में यह भी कहा गया कि मानसून का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे समय में यदि सफाई और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो शहर के कई हिस्सों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता
बैठक में सुझाव दिया गया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाए। इससे स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय पर मिलेगी और उनके समाधान में तेजी आएगी।
बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जनता की अपेक्षाओं को भी पूरा किया जा सकता है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि यदि मिलकर काम करें तो नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता
बैठक में मुख्य रूप से धर्मेंद्र प्रसाद, नीरज सिंह, मनोज सिंह, तारक मुखर्जी, संजय तिवारी, भीम सिंह, बिनोद सिंह, विवेक पाण्डेय, रवि ठाकुर, सुनील सिंह और अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि नागरिक सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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