जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने Jugsalai क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित अवैध हथियार सप्लाई गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक लोडेड देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े एक संगठित नेटवर्क से है, जिसकी गहन जांच जारी है।
इस मामले में जुगसलाई थाना कांड संख्या 44/2026 दिनांक 4 जून 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुप्त सूचना के आधार पर बनाई गई विशेष टीम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को 3 जून 2026 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जुगसलाई क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। सूचना में यह भी बताया गया था कि एक आरोपी हथियार उपलब्ध कराने और दूसरा व्यक्ति उसे खरीदने की प्रक्रिया में शामिल है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था सुमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रेलवे पुल के नीचे से दबोचे गए दोनों आरोपी
गठित टीम ने सूचना के आधार पर जुगसलाई के गरीब नवाज कॉलोनी क्षेत्र में रेलवे पुल के नीचे निगरानी शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय जाहिद हुसैन उर्फ विक्की तथा 19 वर्षीय मो. रेहान हुसैन के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी और अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों के बयान के आधार पर रेलवे पुल के नीचे झाड़ियों में छिपाकर रखा गया हथियार बरामद किया गया।
झाड़ियों से बरामद हुआ लोडेड देशी पिस्टल
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नदी किनारे रेलवे पुल के नीचे स्थित पिलर के पास झाड़ियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक लोहे का देशी पिस्टल तथा उसमें लोड एक 7.65 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
बरामद हथियार को पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है। अधिकारियों का मानना है कि इस हथियार का उपयोग किसी आपराधिक घटना में किया जा सकता था या भविष्य में किसी अपराध को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
हथियार सप्लायर और अपराधियों के बीच कड़ी था जाहिद
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी जाहिद हुसैन उर्फ विक्की ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के नेटवर्क में वह बिचौलिए की भूमिका निभाता था।
उसने बताया कि हथियार सप्लायर द्वारा एक देशी पिस्टल 40 हजार से 60 हजार रुपये तक की कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। उसका काम हथियार बेचने वाले और खरीदने वाले अपराधियों के बीच संपर्क स्थापित करना था।
इस खुलासे के बाद पुलिस को आशंका है कि क्षेत्र में एक बड़ा अवैध हथियार नेटवर्क सक्रिय है, जिसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
संगठित अपराध से जुड़े होने की आशंका
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं दिख रहा है। उपलब्ध तथ्यों और आरोपियों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि यह एक संगठित आर्म्स सप्लाई गिरोह का हिस्सा है।
गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियार उपलब्ध कराने वाले सप्लायरों और संभावित खरीदारों की पहचान करने के लिए पुलिस लगातार जांच कर रही है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
जाहिद हुसैन का आपराधिक इतिहास भी आया सामने
गिरफ्तार आरोपी जाहिद हुसैन उर्फ विक्की का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पूर्व में कई मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ वर्ष 2023 में मारपीट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2024 में आर्म्स एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 में भी उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
लगातार दर्ज हो रहे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी पहले से ही पुलिस की निगरानी में था और आपराधिक गतिविधियों से उसका संबंध रहा है।
मो. रेहान हुसैन की भूमिका की भी जांच जारी
दूसरे आरोपी मो. रेहान हुसैन की भूमिका की भी पुलिस गहराई से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार वह हथियार खरीदने की प्रक्रिया में शामिल था।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी हथियार किस उद्देश्य से खरीद रहा था और क्या उसका संबंध किसी आपराधिक गिरोह या घटना से जुड़ा हुआ है।
पुलिस का मानना है कि आगे की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
बरामद सामानों की सूची
पुलिस ने आरोपियों के पास और उनकी निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
- एक लोहे का देशी पिस्टल
- एक 7.65 बोर का जिंदा कारतूस
- दो मोबाइल फोन
बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस टीम की सक्रियता से मिली सफलता
इस पूरे अभियान में पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था सुमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छापामारी दल में Jugsalai थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां, धनंजय कुमार सिंह, गोपाल कुमार, विवेक कुमार पंडित, कृष्ण कुमार यादव, वासुदेव महतो तथा गृहरक्षक चालक बिहारी कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित अपराध को रोका जा सका और अवैध हथियार बरामद करने में सफलता मिली।
अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियारों के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
Jugsalai में हुई यह कार्रवाई पूर्वी सिंहभूम पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी, लोडेड देशी पिस्टल की बरामदगी और संगठित हथियार सप्लाई नेटवर्क के खुलासे ने यह संकेत दिया है कि पुलिस अब अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ और अधिक सख्ती से कार्रवाई कर रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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