जमशेदपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी NIT जमशेदपुर में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (MoE) के निर्देशानुसार पांच दिवसीय फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया जा रहा है। संस्थान के माननीय निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता को और मजबूत बनाना, छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना तथा आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने के लिए फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षित करना है।

यह कार्यक्रम स्टूडेंट मेंटरिंग, साइकोसोशल वेल-बीइंग, काउंसलिंग सपोर्ट सिस्टम, परिणाम आधारित शिक्षण पद्धति और समावेशी शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर केंद्रित है।

चौथे दिन ऑनलाइन मोड में आयोजित हुई लेक्चर सीरीज़

फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम के चौथे दिन 19 जून 2026 को ऑनलाइन माध्यम से विशेष लेक्चर सीरीज़ आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सरोज कुमार सारंगी, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) एवं रजिस्ट्रार (आई/सी) तथा प्रो. दिलीप कुमार यादव, डीन (फैकल्टी वेलफेयर) ने संयुक्त रूप से की।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अनुसंधान प्रबंधन तथा सकारात्मक कैंपस संस्कृति पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

AI आधारित डिजिटल पेडागोजी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम का पहला तकनीकी सत्र “डिजिटल पेडागोजी – AI आधारित ई-लर्निंग” विषय पर आयोजित किया गया। इस सत्र को शिक्षा विशेषज्ञ सुश्री कल्याणी गोखले ने संबोधित किया।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण प्रणाली की बढ़ती उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक शिक्षा जगत में बड़े बदलाव ला रही है। AI आधारित ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी पढ़ाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना रहे हैं।

डिजिटल क्लासरूम और स्मार्ट लर्निंग पर दिया जोर

सुश्री कल्याणी गोखले ने अपने व्याख्यान में टेक्नोलॉजी आधारित स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कंटेंट, इंटरएक्टिव लर्निंग और AI समर्थित शैक्षणिक उपकरणों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि डिजिटल पेडागोजी के माध्यम से छात्रों की सहभागिता बढ़ाई जा सकती है तथा सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की।

रिसर्च सुपरविजन और स्कॉलर मैनेजमेंट पर हुआ विशेष सत्र

कार्यक्रम का दूसरा सत्र “रिसर्च सुपरविजन और स्कॉलर मैनेजमेंट” विषय पर आयोजित किया गया, जिसे डॉ. अभिजीत सिंह ने संबोधित किया।

उन्होंने शोधार्थियों के प्रभावी मार्गदर्शन, शोध कार्यों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन तथा शोध निर्देशन की बेहतर प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि एक सफल शोध कार्य के लिए गाइड और स्कॉलर के बीच मजबूत संवाद और विश्वास का संबंध अत्यंत आवश्यक होता है।

बेहतर शोध संस्कृति विकसित करने पर दिया बल

डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान किसी भी संस्थान की पहचान होते हैं। इसके लिए शोधार्थियों को उचित मार्गदर्शन, समय पर मूल्यांकन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने फैकल्टी सदस्यों को शोध निर्देशन के दौरान पारदर्शिता, नियमित संवाद और गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों को बढ़ावा देने की सलाह दी।

सकारात्मक कैंपस संस्कृति पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

कार्यक्रम का तीसरा सत्र “कैंपस कल्चर और सकारात्मक माहौल बनाना” विषय पर आयोजित किया गया, जिसे सुश्री प्रिया कुमारी ने संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं बल्कि उसके सकारात्मक, समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण से भी तय होती है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को विद्यार्थियों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

मानसिक स्वास्थ्य और सहयोगी वातावरण पर रहा विशेष फोकस

सुश्री प्रिया कुमारी ने भावनात्मक स्वास्थ्य, पारस्परिक सम्मान, सहयोगात्मक व्यवहार और सकारात्मक संस्थागत संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि परिसर में स्वस्थ और सहयोगी माहौल होगा तो विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, उनकी सीखने की क्षमता में सुधार होगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

फैकल्टी सदस्यों ने लिया सक्रिय भाग

तीनों तकनीकी सत्रों में NIT जमशेदपुर के फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई तथा शिक्षण और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

फैकल्टी सदस्यों ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल शिक्षा और शोध प्रबंधन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।

शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह फैकल्टी अपग्रेडेशन लेक्चर सीरीज़ NIT जमशेदपुर की शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण से परिचित कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सके।

संस्थान का उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षण और अनुसंधान संस्कृति विकसित करना है, ताकि छात्र और शिक्षक दोनों निरंतर प्रगति कर सकें।

NIT जमशेदपुर द्वारा आयोजित फैकल्टी अपग्रेडेशन लेक्चर सीरीज़ ने डिजिटल शिक्षा, AI आधारित ई-लर्निंग, रिसर्च सुपरविजन और सकारात्मक कैंपस संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षकों को नई सोच और उपयोगी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों के व्याख्यान और संवादात्मक सत्रों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक बनाया। यह पहल संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, फैकल्टी विकास और छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करती है।