जमशेदपुर: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) Azadnagar थाना समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मानगो में आयोजित की गई। बैठक में मानगो नगर निगम से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं और आगामी 27 जुलाई को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जदयू आजाद नगर थाना समिति के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने की। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैठक में नेताओं ने मानगो क्षेत्र में जल निकासी, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कथित लापरवाही और अव्यवस्था के कारण आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

27 जुलाई के धरना-प्रदर्शन को लेकर बनी रणनीति

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 27 जुलाई को मानगो नगर निगम के खिलाफ आयोजित किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन की रणनीति तैयार करना था। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की।

नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए आंदोलन को व्यापक रूप देना जरूरी है। इसके लिए जदयू कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करने और उन्हें जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया।

नगर निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल

बैठक में जदयू नेताओं ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए। नेताओं का आरोप है कि नगर निगम क्षेत्र में कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन उनके समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पार्टी नेताओं ने विशेष रूप से जल निकासी की बदहाल व्यवस्था, पेयजल संकट, साफ-सफाई की समस्या और मूलभूत नागरिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।

उनका कहना था कि बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या आम लोगों के लिए और गंभीर हो जाती है। कई इलाकों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जल निकासी व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी

बैठक में जल निकासी की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया। जदयू नेताओं ने कहा कि मानगो के कई क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है।

बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति बनने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। सड़क, गली और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं भी पैदा होती हैं।

पार्टी नेताओं ने नगर निगम से जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने की मांग की।

पेयजल संकट का मुद्दा भी उठा

बैठक में मानगो क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि नागरिकों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम तथा संबंधित प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जदयू नेताओं का कहना था कि आम लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। पेयजल जैसी आवश्यक सेवा में किसी प्रकार की लापरवाही से सीधे तौर पर आम परिवार प्रभावित होते हैं।

उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में पेयजल से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थायी समाधान किया जाए।

साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग

बैठक में मानगो क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर नियमित सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।

जदयू नेताओं ने कहा कि साफ-सफाई केवल शहर की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण से भी संबंधित है।

नगर निगम को नियमित सफाई, कचरा उठाव और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने क्या कहा?

बैठक को संबोधित करते हुए जदयू पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड आम जनता के अधिकारों और जनसमस्याओं को लेकर मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि यदि आम लोगों को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। 27 जुलाई को मानगो नगर निगम के समक्ष सैकड़ों नागरिकों के साथ धरना-प्रदर्शन कर जनसमस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदार प्रशासन के सामने मजबूती से रखना है।

सैकड़ों लोगों के शामिल होने का दावा

जदयू नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को शामिल कराया जाएगा। बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों से संपर्क करने और उन्हें आंदोलन की जानकारी देने की अपील की गई।

पार्टी का मानना है कि अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी से जनसमस्याओं को मजबूती से उठाया जा सकेगा और संबंधित प्रशासन तक जनता की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।

आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी

जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि यदि धरना-प्रदर्शन के बाद भी जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जदयू आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी चरणबद्ध तरीके से जनता की समस्याओं को उठाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

जदयू नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मानगो क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाना है।

कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील

बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता के साथ काम करें। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें आंदोलन से जोड़ें।

नेताओं ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए जनता और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। यदि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो प्रशासन पर भी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने का दबाव बनेगा।

बैठक में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

जदयू Azadnagar थाना समिति की बैठक में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से मुश्ताक अहमद, वलीउल्ला अंसारी, इमरान, अकीब, शाहनवाज, सूफियान, फैय्याज, शारिक, कुलविंदर सिंह पन्नू, अजय कुमार, विकास साहनी, संजीव सिंह, ममता सिंह, लालू गॉड और अशोक सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी ने आगामी कार्यक्रम को सफल बनाने और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही।

जनता की समस्याओं को लेकर जदयू ने तेज की तैयारी

बैठक के बाद जदयू नेताओं ने संकेत दिया कि मानगो नगर निगम क्षेत्र की नागरिक समस्याओं को लेकर पार्टी आने वाले दिनों में और सक्रिय नजर आएगी। जल निकासी, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर पार्टी जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।

जदयू का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान की मांग करना उसका अधिकार है। इसी उद्देश्य से 27 जुलाई के धरना-प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई है।