ब्रिटेन: ब्रिटेन में किशोरों को सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा देने वाले एक Army ट्रेनिंग कॉलेज को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। हैरोगेट, नॉर्थ यॉर्कशायर स्थित आर्मी फाउंडेशन कॉलेज में प्रशिक्षण लेने वाली चार युवतियों ने कथित यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। युवतियों का दावा है कि पिछले करीब पांच वर्षों के दौरान जब वे 17 साल की थीं, तब कॉलेज में उनके साथ कथित तौर पर यौन हिंसा और दुर्व्यवहार किया गया।

इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले की पुलिस जांच शुरू हो गई है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान के भीतर महिलाओं के प्रति कथित तौर पर शत्रुतापूर्ण माहौल होने की बात कही है।

किशोरों को सैन्य प्रशिक्षण देता है कॉलेज

हैरोगेट स्थित आर्मी फाउंडेशन कॉलेज ब्रिटेन की सेना से जुड़ा ऐसा संस्थान है, जहां 19 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा दी जाती है।

युवा उम्र में सेना में करियर बनाने का सपना देखने वाले कई छात्र यहां प्रशिक्षण लेते हैं। लेकिन अब इस संस्थान से जुड़े कुछ पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने गंभीर आरोप लगाकर वहां के माहौल और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

चार युवतियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर साथी सैनिकों और कुछ अन्य लोगों के व्यवहार का सामना करना पड़ा।

टिली ने बताया कैसे टूटा सेना में जाने का सपना

BBC से बातचीत में अपनी पहचान छिपाने के लिए ‘टिली’ नाम से पहचानी गई एक युवती ने अपने साथ कथित यौन हिंसा की आपबीती साझा की।

टिली के मुताबिक, वह हमेशा से सैनिक बनना चाहती थीं और सेना में करियर बनाने का सपना देखती थीं। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान कथित घटना ने उनके इस सपने को पूरी तरह बदल दिया।

उन्होंने बताया कि कुछ साथी सैनिकों ने उन्हें कमरे में आने के लिए कहा। उस समय वह केवल 17 साल की थीं। उनके अनुसार, कमरे में पहुंचने के बाद उन लोगों ने कथित तौर पर उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया।

टिली ने कहा कि उस दौरान कमरे में कई लोग मौजूद थे और उन्होंने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया तथा उनकी इच्छा और सहमति की अनदेखी की।

कथित घटना के दो सप्ताह बाद छोड़ दी सेना

टिली ने बताया कि इस कथित घटना के बाद उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ा और उन्होंने करीब दो सप्ताह बाद सेना छोड़ दी

उन्होंने कहा कि जिस संस्थान में वह अपने भविष्य का निर्माण करने गई थीं, वहीं उन्हें ऐसे अनुभव से गुजरना पड़ा जिसने उनके सैन्य करियर के सपने को खत्म कर दिया।

उनकी कहानी के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि प्रशिक्षण संस्थानों में कम उम्र के युवाओं की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे के लिए कितनी प्रभावी व्यवस्था मौजूद है।

चार युवतियों ने साझा किए कथित अनुभव

इस मामले में कुल चार युवतियों ने ब्रॉडकास्टर के सामने अपने अनुभव साझा किए हैं। इन युवतियों ने दावा किया कि आर्मी फाउंडेशन कॉलेज में महिलाओं के प्रति कथित तौर पर हिंसक और अपमानजनक रवैया देखने को मिला।

एक अन्य युवती ने आरोप लगाया कि एक साथी सैनिक ने उसे कथित तौर पर एक कमरे में रोक लिया और उसके साथ जबरदस्ती की। युवती के अनुसार, जब उसने अपनी सहमति नहीं दी तो भी आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध व्यवहार किया।

इन आरोपों ने संस्थान में महिला प्रशिक्षुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

महिलाओं की शक्ल-सूरत पर नंबर देने का भी आरोप

एक अन्य महिला ने संस्थान के कुछ स्टाफ और इंस्ट्रक्टरों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

उसका दावा है कि कुछ इंस्ट्रक्टर युवतियों की दिखावट और शारीरिक आकर्षण को 10 में से नंबर देते थे। उसके मुताबिक, इस तरह का व्यवहार महिला प्रशिक्षुओं के प्रति सम्मानजनक वातावरण के विपरीत था।

इन आरोपों के बाद संस्थान में महिलाओं के साथ व्यवहार, प्रशिक्षण वातावरण और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

संस्थान में महिलाओं के प्रति माहौल पर सवाल

चारों महिलाओं के आरोपों में एक समान बात यह सामने आई कि उन्हें संस्थान में महिलाओं के प्रति कथित तौर पर नफरत और हिंसा का माहौल महसूस हुआ।

हालांकि ये सभी आरोप हैं और इनके संबंध में जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति या संस्था की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जा सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नॉर्थ यॉर्कशायर पुलिस ने क्या कहा?

आरोप सामने आने के बाद नॉर्थ यॉर्कशायर पुलिस ने कहा कि हैरोगेट स्थित आर्मी फाउंडेशन कॉलेज में यौन शोषण से संबंधित खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।

पुलिस के अनुसार, वह युवा पीड़ितों और उनके परिवारों को संवेदनशील तरीके से सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि कथित अपराधों के जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

पुलिस ने संभावित पीड़ितों से आगे आने और उपलब्ध विशेष सहायता का लाभ लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि घटना पुरानी होने के बावजूद पीड़ित सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।

सेना ने कहा- आपराधिक व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं

मामले पर ब्रिटेन की सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि सशस्त्र सेनाओं में अस्वीकार्य और आपराधिक व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है

सेना के अनुसार, लोग बेहतर करियर और देश की सेवा की उम्मीद के साथ सैन्य सेवा में शामिल होते हैं। इसलिए इस तरह की कोई भी घटना या रिपोर्ट सेना के मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है।

प्रवक्ता ने संकेत दिया कि सैन्य संस्थानों में अनुशासन, सम्मान और पेशेवर आचरण को लेकर किसी भी तरह के गंभीर आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

आर्मी फाउंडेशन कॉलेज से जुड़े इन आरोपों ने ब्रिटेन में सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में युवतियों की सुरक्षा को लेकर बहस को तेज कर दिया है। चार महिलाओं के कथित अनुभवों ने संस्थान में शिकायत व्यवस्था, प्रशिक्षुओं की सुरक्षा और स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में आरोपों की पूरी तस्वीर जांच के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी। पीड़ितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में किसी भी युवा प्रशिक्षु को इस तरह के कथित शोषण या दुर्व्यवहार का सामना न करना पड़े।