झारखंड: बिरनी प्रखंड में पत्रकार संघ ने Journalists पर हुए हमले के खिलाफ आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। गुंडों पर कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। हजारीबाग में मंत्री इरफान अंसारी के गुंडों द्वारा न्यूज 18 समेत पत्रकारों पर हमला – ये लोकतंत्र पर प्रहार। इस लेख में हम जानेंगे कि Journalists पर हुए हमले का पूरा मामला, प्रदर्शन क्यों और आगे क्या। पत्रकारिता के समर्थक दोस्तों, अंत तक पढ़िए।

बिरनी में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन पत्रकार संघ सड़कों पर

शनिवार को बिरनी प्रखंड पत्रकार संघ ने Journalists पर हुए हमले को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। हजारीबाग में मंत्री इरफान अंसारी के कार्यक्रम में चतरा सिमरिया विमान हादसे के पीड़ितों को सहायता राशि पर सवाल पूछा। मंत्री भड़के, गुंडों ने न्यूज 18 समेत कई पत्रकारों पर बर्बरता से मारपीट की। कई घायल।

मंत्री ने कार्रवाई की बजाय भाग गए। गुंडों पर कार्रवाई की मांग करते राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। संघ ने निंदा की – पत्रकार सुरक्षा कानून लाएं। चेतावनी – कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन। रणवीर बर्णवाल, सकलदेव पंडित, विनय संगम समेत दर्जनों उपस्थित।

हजारीबाग हमला मंत्री इरफान अंसारी के सामने मारपीट

28 अप्रैल को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने Journalists पर हमला। चतरा विमान हादसे में मृतकों को मुआवजा न मिलने पर सवाल। भीड़ ने आशीष साव समेत न्यूज 18 पत्रकारों पर टूट पड़े। घायलों का इलाज चला।

मंत्री मौन। जिला प्रशासन चुप। Journalists पत्रकारों पर हुए हमले ने पूरे राज्य में आक्रोश भड़काया। धनबाद, पाकुड़ प्रेस क्लब विरोध में। सांसद ढुल्लू महतो निंदा।

घटना का विवरण सवाल पर गुंडागर्दी

मंत्री से सहायता राशि पूछा, गुंडे भड़के। धक्का-मुक्की, मारपीट। कैमरा तोड़ा। पत्रकार घायल। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में।

राज्यव्यापी विरोध Journalists सुरक्षा कानून की मांग

आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन झारखंड भर में। बिरनी ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर गुंडों पर कार्रवाई मांगी। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें। संघ सलाह – खबर लेते लाठी-डंडा-टांगी साथ रखें। प्रशासन चेतावनी – उग्र आंदोलन।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप प्रसाद निंदा। प्रेस क्लब काला बिल्ला।

Journalists पर खतरा क्यों बढ़ रहे हमले?

झारखंड में Journalists निशाना। गिरिडीह, धनबाद पहले भी। सत्ता सवाल बर्दाश्त न करे। Journalists पर हुए हमले अभिव्यक्ति स्वतंत्रता पर चोट। सरकार जिम्मेदार। सुरक्षा कानून जरूरी।

समाधान कार्रवाई और कानून

गुंडों पर कार्रवाई तुरंत। FIR दर्ज, गिरफ्तारी। पत्रकार Journalists कानून बनाएं। प्रशिक्षण दें। मीडिया संगठन एकजुट। जनता समर्थन दे। राज्यपाल सक्रिय हों।

Journalists पर हुए हमले को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन जायज। गुंडों पर कार्रवाई हो, राज्यपाल सुनें। सवाल पूछना अपराध नहीं। पत्रकारिता बचाओ!