बंगाल: पश्चिम Bengal विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान शुरू होते ही हिंसा की खबरें आ गईं। आसनसोल में BJP विधायक अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर पथराव हुआ, शीशा टूटा। मुर्शिदाबाद में बमबाजी और झड़पें। यह लोकतंत्र पर सवाल खड़ा कर रहा है।

चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में भारी फोर्स लगाई, लेकिन TMC, BJP, AUJP समर्थकों के बीच टकराव हो गया। आइए विस्तार से जानें।

Bengal आसनसोल में BJP विधायक पर हमला

आसनसोल दक्षिण से BJP उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल रहमत नगर से गुजर रही थीं। अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर भारी पथराव किया। पिछला शीशा चूर-चूर, सुरक्षाकर्मी घायल। पॉल सुरक्षित रहीं, FIR दर्ज। BJP ने TMC पर आरोप लगाया। इलाके में तनाव।

मुर्शिदाबाद में बमबाजी और झड़पें

मुर्शिदाबाद के नौदा/नवादा में मतदान केंद्र पर देसी बम फेंके गए। कई मतदाता घायल। TMC और AUJP कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी, डंडों से भिड़ंत। AUJP नेता हुमायूं कबीर की गाड़ी पर हमला। पुलिस ने घेराबंदी की।

अन्य जिलों में हिंसा की घटनाएं

  • दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में BJP के शुभेंदु सरकार पर TMC समर्थकों ने लाठियां-घूंसे चलाए। पुलिस मौजूद रही।
  • चोपड़ा में झंडा विवाद से BJP-TMC भिड़ंत।
  • भवानीपुर समेत कई जगह धक्कामुक्की, बूथ कैप्चरिंग के आरोप।

एक BJP उम्मीदवार को भीड़ ने घेरा, खेतों में भागना पड़ा। मतदान प्रभावित।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

BJP ने TMC पर “लोकतंत्र हत्या” का आरोप लगाया। TMC ने BJP को दोषी ठहराया। AUJP ने TMC पर हमला बताया। चुनाव आयोग ने वेबकास्टिंग बढ़ाई, CAPF तैनात। लेकिन हिंसा रुकी नहीं।

विश्लेषक कहते हैं, बंगाल में चुनावी हिंसा पुरानी समस्या। 2021 में भी 100+ मौतें हुईं। प्रशासनिक नरमी जिम्मेदार।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चुनाव आयोग ने 100+ संवेदनशील बूथ चिह्नित किए। 200 कंपनियां CAPF लगाईं। फिर भी हिंसा। मतदाता डर रहे। EVM सुरक्षित, लेकिन माहौल खराब।

हिंसा की घटनाओं की टाइमलाइन

इलाकाघटनाप्रभावित
आसनसोलअग्निमित्रा पॉल पर पथरावशीशा टूटा, घायल 
मुर्शिदाबादबमबाजी, TMC-AUJP झड़पमतदाता घायल 
कुमारगंजशुभेंदु पर हमलाBJP नेता 
चोपड़ाझंडा विवाद से भिड़ंतकार्यकर्ता 

Bengal में मतदान शुरू होते ही हिंसा, BJP विधायक की गाड़ी पर पथराव – बंगाल चुनाव 2026 का पहला चरण हिंसक रहा। राजनीतिक दलों को संयम बरतना चाहिए। चुनाव आयोग सख्ती करे। मतदाता बिना डर वोट दें। लोकतंत्र की रक्षा सबकी जिम्मेदारी!

इसी दौरान मुर्शिदाबाद समेत कई अन्य जिलों से भी हिंसक झड़पों की खबरें आई हैं। कहीं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हुई तो कहीं पत्थरबाजी और बमबाजी जैसी घटनाएं भी सामने आईं। कुछ जगहों पर उम्मीदवारों के साथ धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की घटनाएं भी देखी गईं, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

एक अन्य घटना में एक भाजपा उम्मीदवार को भीड़ ने घेर लिया और उस पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद उसे खेतों की ओर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है तथा विभिन्न दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि प्रशासन और चुनाव आयोग की ओर से पहले ही कई क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित कर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, इसके बावजूद कई जगहों पर हालात नियंत्रण से बाहर होते नजर आए। इन घटनाओं ने एक बार फिर चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मतदाताओं में डर का माहौल भी देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में चुनावी हिंसा की यह समस्या पुरानी है, लेकिन हर बार यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सख्ती की कमी और आपसी तनाव ऐसे हालात को और बढ़ाते हैं।

Bengal फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं और आने वाले चरणों के लिए सुरक्षा और कड़ी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि बाकी चरणों में मतदान कितना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो पाता है और क्या मतदाता बिना भय के अपने अधिकार का प्रयोग कर पाते हैं।