राजस्थान: Rajasthan अलवर जिले और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से जुड़ा एक दर्दनाक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक नवविवाहित दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटकी हुई लाश मिलने के बाद दोनों राज्यों में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान सतविंदर सिंह और उनकी पत्नी अमनदीप कौर के रूप में हुई है। दोनों की शादी करीब छह महीने पहले हुई थी और परिवार के अनुसार अमनदीप तीन महीने की गर्भवती थीं।

पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि दोनों की हत्या कर शवों को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, अलवर जिले के प्यारी बास शेखपुर गांव निवासी सतविंदर सिंह अपनी पत्नी अमनदीप कौर को लेने 15 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बिजनौर पहुंचे थे। अमनदीप पिछले लगभग 15 दिनों से अपने मायके में रह रही थीं।

16 जुलाई को दोनों मोटरसाइकिल से यह कहकर घर से निकले कि उन्हें कोटद्वार जाकर मोबाइल फोन ठीक कराना है। इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे। परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन बंद मिले।

जब देर शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने स्थानीय पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

मोटरसाइकिल मिलने के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

17 जुलाई को प्रेमनगर क्षेत्र के एक स्थानीय व्यक्ति ने सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल देखी। बाइक की चाबी इग्निशन में लगी हुई थी और उस पर एक महिला का हैंडबैग भी टंगा हुआ था।

वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस और परिवार को सूचना दी गई। इसके बाद आसपास के जंगल में तलाशी अभियान चलाया गया।

जंगल में पेड़ से लटके मिले दोनों के शव

तलाशी अभियान के दौरान देर रात पुलिस को जंगल में एक पेड़ से दोनों के शव लटके हुए मिले।

पुलिस के अनुसार, सतविंदर का शव अमनदीप के दुपट्टे से और अमनदीप का शव सतविंदर की पगड़ी से लटका हुआ था। घटनास्थल से उनका क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।

इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की और मामले की जांच प्रारंभ कर दी।

परिवार ने हत्या की आशंका जताई

मृतकों के परिजनों ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की है।

परिवार का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करतीं। उनका दावा है कि जिस पेड़ की डाल से शव लटके मिले, वह काफी नीची और पतली थी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों के हाथ बंधे हुए थे तथा शवों की स्थिति भी सामान्य आत्महत्या जैसी नहीं लग रही थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है।

शरीर पर चोटों को लेकर भी उठे सवाल

परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों के शरीर पर चोटों के निशान थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमनदीप के साथ अपराध होने की आशंका है और इस पहलू की भी गहन जांच होनी चाहिए।

इन आरोपों की पुष्टि केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।

लूटपाट का मकसद नहीं होने का दावा

परिजनों का कहना है कि घटनास्थल से दंपति के गहने, नकदी और अन्य सामान सुरक्षित मिले।

उनके अनुसार यदि यह लूटपाट की घटना होती तो कीमती सामान गायब होता। इसी आधार पर परिवार हत्या की आशंका जता रहा है।

हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और किसी एक संभावना पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

मोबाइल फोन भी मिला क्षतिग्रस्त

घटनास्थल से दंपति का मोबाइल फोन टूटी हुई अवस्था में बरामद हुआ।

पुलिस अब मोबाइल के डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि घटना से पहले दोनों की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।

पोस्टमॉर्टम और जांच को लेकर परिवार की मांग

शनिवार को दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

परिवार और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई।

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

दूसरे पोस्टमॉर्टम पर नहीं बनी सहमति

पुलिस के अनुसार परिवार दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए सहमत नहीं हुआ और बाद में शवों को अपने गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इसके बावजूद पुलिस ने कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

गर्भवती थीं अमनदीप

परिवार के अनुसार अमनदीप लगभग तीन महीने की गर्भवती थीं।

यह खबर दोनों परिवारों के लिए खुशी लेकर आई थी और सभी नए सदस्य के स्वागत की तैयारियां कर रहे थे। ऐसे में इस दुखद घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

सतविंदर के भविष्य से थीं परिवार को उम्मीदें

सतविंदर सिंह ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे थे और परिवार को उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद थी।

परिजनों के अनुसार वह मेहनती और जिम्मेदार युवक थे तथा अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं—

  • घटनास्थल का फॉरेंसिक परीक्षण
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
  • मोबाइल फोन का डेटा
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड
  • सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध)
  • परिवार और परिचितों के बयान
  • घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य

जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट निष्कर्ष सामने आ सकेगा।

Rajasthan और उत्तर प्रदेश से जुड़ा यह मामला कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। एक नवविवाहित दंपति, जिनकी शादी को अभी छह महीने ही हुए थे और जिनके परिवार नए जीवन की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सभी को झकझोर दिया है।

फिलहाल परिवार हत्या की आशंका जता रहा है, जबकि पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और विस्तृत पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना आवश्यक है।