चाईबासा: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को Saraikela मोड़ के समीप सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का नेतृत्व मोटरयान निरीक्षक ने किया। अभियान के दौरान दोपहिया, चारपहिया और यात्री वाहनों की गहन जांच करते हुए चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।

परिवहन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना और वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।

हेलमेट सीट बेल्ट और दस्तावेजों की हुई जांच

जांच अभियान के दौरान पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे चालकों तथा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सभी वाहन चालकों से अपने दस्तावेज हमेशा अद्यतन रखने की अपील की।

ड्रिंक एंड ड्राइव पर विशेष निगरानी

अभियान के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों पर भी विशेष नजर रखी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वाहन चालकों को समझाया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल उनकी अपनी जान के लिए खतरा है, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति किया गया जागरूक

जांच अभियान केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वाहन चालकों और वाहन स्वामियों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। अधिकारियों ने उन्हें यातायात संकेतों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाने की सलाह दी।

अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

यात्री वाहन चालकों को दी गई विशेष सलाह

मौके पर मौजूद मोटरयान निरीक्षक नेल्सन तिर्की एवं कृष्णा सोरेन ने विशेष रूप से यात्री वाहन चालकों और वाहन स्वामियों को परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यात्री वाहनों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी आवश्यक होती है क्योंकि इन वाहनों में कई लोगों की सुरक्षा जुड़ी रहती है। चालक की एक छोटी सी गलती गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ वाहन चलाना चाहिए।

निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील

अधिकारियों ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। यदि चालक गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सम्मान करें तो दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और पूरी एकाग्रता के साथ ड्राइविंग करने की भी सलाह दी गई।

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यात्री वाहनों का संचालन करने वाले चालकों की जिम्मेदारी और भी अधिक होती है। उन्हें वाहन की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच करनी चाहिए तथा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि समय-समय पर वाहन की सर्विसिंग कराना और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में पहल

परिवहन विभाग का यह विशेष अभियान सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करना भी है।

अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रत्येक चालक जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाए और नियमों का पालन करे तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान

परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के वाहन जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वहीं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

विभाग ने सभी वाहन चालकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।