नई दिल्ली: PM नरेंद्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं को ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ कार्यक्रम के जरिए संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को समझना और विकसित भारत के निर्माण में उनके विचारों एवं भागीदारी को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर होगा आयोजन
हर वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के हिस्से के रूप में मेरा युवा भारत (MY Bharat) द्वारा ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम को केवल खेलों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को देश के व्यापक विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। खेलों के साथ-साथ युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

देशभर के युवाओं की होगी भागीदारी
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापक भागीदारी होगी। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवा इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच मिलेगा। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और जिलों के युवा भी देश की खेल व्यवस्था, युवा नीतियों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर प्राप्त करेंगे।
PM का युवाओं से सीधा संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन देशभर में जुड़े युवा प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भारत की खेल यात्रा, खेल क्षेत्र में हो रहे बदलाव और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
खेल और राष्ट्र निर्माण का होगा संगम
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ का उद्देश्य खेलों को केवल प्रतियोगिता और पदक जीतने तक सीमित रखना नहीं है। इस पहल में खेलों को अनुशासन, नेतृत्व, फिटनेस, टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
खेल युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष करने की भावना विकसित करते हैं। इसी वजह से खेलों को युवा विकास और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी होगा युवा संवाद
राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर भी ‘युवा संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। इन संवाद कार्यक्रमों में युवा प्रतिभागियों के साथ MY Bharat के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे।
स्थानीय स्तर के इन संवादों का उद्देश्य युवाओं को अपनी समस्याओं, सुझावों और आकांक्षाओं को सीधे सामने रखने का अवसर देना है। इससे स्थानीय स्तर पर खेल और युवा विकास से जुड़े मुद्दों को समझने में भी मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों और युवाओं के बीच सीधा संवाद
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं और देश के प्रमुख खिलाड़ियों एवं पदक विजेताओं के बीच संवाद होगी।
युवा प्रतिभागियों को अनुभवी खिलाड़ियों से उनके संघर्ष, प्रशिक्षण, अनुशासन और उपलब्धियों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है।
‘युवा संवाद’ की पांच प्रमुख थीम
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ के तहत आयोजित होने वाले ‘युवा संवाद’ को पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित किया गया है। इन विषयों में खेल विकास से लेकर युवा नेतृत्व और नशामुक्त भारत तक के महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
1. भारत के खेल इकोसिस्टम को मजबूत बनाना
पहली थीम भारत में खेलों के इकोसिस्टम को मजबूत करने से संबंधित है। इसके तहत बेहतर खेल सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल विज्ञान और सभी वर्गों की समावेशी भागीदारी पर चर्चा होगी।
देश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल मैदान और उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण, फिटनेस, चिकित्सा सहायता और योग्य प्रशिक्षकों की भी आवश्यकता होती है। इसलिए खेल इकोसिस्टम को व्यापक रूप से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
2. 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं की तैयारी
दूसरी प्रमुख थीम 2036 ओलंपिक के लिए नई खेल प्रतिभाओं को तैयार करने से जुड़ी है।
इसके तहत वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान दिया जाएगा। कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विचार-विमर्श होगा।
2036 ओलंपिक की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए देश के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना इस संवाद का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
3. युवा नेतृत्व और शासन में भागीदारी
तीसरी थीम युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और शासन व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने से संबंधित है।
युवाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि देश के विकास में सक्रिय भागीदार के रूप में देखने पर जोर दिया जा रहा है। शासन से जुड़े प्लेटफॉर्म और MY Bharat के स्वयंसेवा अभियानों के माध्यम से नए युवा नेताओं को तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
युवाओं को अपनी नेतृत्व क्षमता का उपयोग सामाजिक समस्याओं के समाधान और सामुदायिक विकास के लिए करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
4. विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण
चौथी थीम विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण है। इसके अंतर्गत नागरिक कर्तव्य, भविष्य के लिए जरूरी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। यदि युवाओं को सही कौशल, अवसर और जिम्मेदारी दी जाए तो वे आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इसलिए युवाओं को रोजगार और शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
5. नशामुक्त युवा अभियान पर जोर
‘युवा संवाद’ की पांचवीं और महत्वपूर्ण थीम ‘नशामुक्त युवा’ है। इसके तहत युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से दूर रखने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी।
खेलों को युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। खेलों में सक्रिय भागीदारी युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ सकती है।
इसके अलावा साथियों के नेटवर्क और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान से जुड़ी पहल
‘नशामुक्त युवा’ विषय को प्रधानमंत्री द्वारा 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान से भी जोड़ा गया है। इस अभियान के तहत साप्ताहिक ‘जन भागीदारी’ कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ में नशामुक्त युवा विषय को शामिल करना इसी व्यापक प्रयास को युवाओं और खेल गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
युवाओं की आकांक्षाओं को मिलेगा मंच
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को अपनी आकांक्षाएं और विचार साझा करने का अवसर देना है। युवा प्रतिभागी खेलों, शिक्षा, नेतृत्व, कौशल विकास और सामाजिक बदलाव से जुड़े अपने सुझाव सामने रख सकेंगे।
इससे नीति निर्माण और युवा विकास से जुड़ी चर्चाओं में युवाओं की आवाज को शामिल करने में मदद मिल सकती है।
फिटनेस को बनाया जाएगा जन आंदोलन
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ में फिटनेस को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्वस्थ और फिट युवा ही देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
खेल और शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि आम युवाओं के बीच भी फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
स्वयंसेवा के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम में स्वयंसेवा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। MY Bharat के स्वयंसेवकों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्वयंसेवा युवाओं को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में योगदान देने का अवसर देती है। इससे नेतृत्व और नागरिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हो सकती है।
खेलों में समावेशी भागीदारी पर जोर
भारत के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी आवश्यक है। इसी कारण खेल सुविधाओं को व्यापक और समावेशी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिले, इसके लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर संवाद में चर्चा होगी।
खेल विज्ञान की बढ़ती भूमिका
आधुनिक खेलों में केवल प्रतिभा और मेहनत पर्याप्त नहीं मानी जाती। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में खेल विज्ञान, पोषण, फिटनेस, रिकवरी और तकनीकी विश्लेषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ में खेल विज्ञान को खेल इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर चर्चा होगी। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया की आवश्यकता
2036 ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों की तैयारी के संदर्भ में पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया गया है।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से हो तथा उन्हें प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह युवा खिलाड़ियों के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण है।
युवाओं के लिए राष्ट्रीय मंच
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इससे उन्हें यह महसूस करने का अवसर मिलेगा कि उनके विचार और सुझाव भी राष्ट्रीय विकास की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से युवा केवल दर्शक नहीं, बल्कि संवाद और विचार-विमर्श के सक्रिय भागीदार बनेंगे।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश की बड़ी युवा आबादी को कौशल, शिक्षा, खेल, नेतृत्व और स्वयंसेवा से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ इसी सोच के अनुरूप युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक पहल है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम से स्थानीय पहल तक
इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय स्तर का संबोधन होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी संवाद जारी रहेगा। इससे राष्ट्रीय विचारों को स्थानीय परिस्थितियों और युवाओं की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि युवाओं के साथ चर्चा करेंगे, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर खेल सुविधाओं और युवा गतिविधियों से जुड़े मुद्दों को सामने लाया जा सकेगा।
युवाओं में बढ़ेगा खेलों के प्रति उत्साह
भारत में पिछले कुछ वर्षों में खेलों के प्रति युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ी है। विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों ने भी युवाओं को प्रेरित किया है।
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ जैसे कार्यक्रम इस रुचि को मजबूत करने और युवाओं को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
27 अगस्त 2026 को होने वाला ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ खेल और युवा विकास को एक साथ जोड़ने वाली राष्ट्रव्यापी पहल के रूप में सामने आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाएं तैयार करने, युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और नशामुक्त युवा अभियान को मजबूत करने जैसी पांच प्रमुख थीम पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस पहल का व्यापक उद्देश्य युवाओं को केवल खेलों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। युवाओं के विचारों और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास की चर्चा का हिस्सा बनाकर ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ आने वाले वर्षों में भारत के युवा और खेल इकोसिस्टम को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।
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