आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या-32 की पार्षद श्रीमती मालती देवी के पति एवं समाजसेवी श्री Ramchandra गिरि का गुरुवार, 11 जून 2026 की रात्रि लगभग 9:35 बजे टाटा मोटर्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्री Ramchandra गिरि अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में दो पुत्रियां और तीन पुत्र हैं, जो अपने पिता के संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सादगी और आध्यात्मिक जीवन के लिए थे प्रसिद्ध
Ramchandra गिरि अपने शांत, सरल और आध्यात्मिक स्वभाव के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। धार्मिक गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि रहती थी और वे नियमित रूप से सामाजिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लेते थे। उनका मानना था कि समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी सोच के साथ उन्होंने अपना जीवन समाज के बीच बिताया।

उनका व्यवहार इतना सहज और विनम्र था कि हर वर्ग के लोग उनसे आत्मीयता महसूस करते थे। वे हमेशा लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे और जरूरतमंदों की मदद को अपना कर्तव्य मानते थे।
सामाजिक कार्यों में निभाई सक्रिय भूमिका
Ramchandra गिरि केवल एक पारिवारिक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय समाजसेवी भी थे। क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। वे समाज के हर वर्ग के लोगों के बीच समान रूप से लोकप्रिय थे।
उनकी प्रेरणा से परिवार के अन्य सदस्य भी सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। यही कारण है कि गिरि परिवार आज पूरे क्षेत्र में सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है।
मृदुभाषी स्वभाव ने बनाया सबका प्रिय
श्री Ramchandra गिरि की सबसे बड़ी पहचान उनका मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व था। वे हमेशा मुस्कुराकर लोगों का स्वागत करते थे और हर किसी की बात धैर्यपूर्वक सुनते थे। उनके इसी व्यवहार ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और सभी के सुख-दुख में बराबर की भागीदारी निभाई। उनकी सादगी और सहजता लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रामचन्द्र गिरि के निधन से उनके परिवार पर गहरा आघात पहुंचा है। पत्नी मालती देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक लगातार उनके आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आसानी से संभव नहीं है।
आज निकलेगी अंतिम यात्रा
परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिवंगत रामचन्द्र गिरि की अंतिम यात्रा शुक्रवार, 12 जून 2026 को प्रातः 11:00 बजे सामाजिक एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के पश्चात उनके निवास स्थान से पार्वती घाट के लिए प्रस्थान करेगी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है।
परिजनों ने सभी शुभचिंतकों और परिचितों से अंतिम यात्रा में शामिल होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।
समाज हमेशा याद रखेगा उनका योगदान
Ramchandra गिरि का जीवन सेवा, सादगी और संस्कारों का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और सामाजिक प्रतिबद्धता से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। वे हमेशा समाज को जोड़ने और लोगों की मदद करने के लिए आगे रहते थे।
उनके निधन से एक ऐसे व्यक्तित्व का अंत हुआ है जिसने अपने जीवन को समाज और परिवार के लिए समर्पित कर दिया। क्षेत्रवासी उन्हें एक सरल, धार्मिक और संवेदनशील इंसान के रूप में हमेशा याद रखेंगे। उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।



















