चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध Liquor के निर्माण बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को जगन्नाथपुर और मंझारी थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान विभाग ने कुल 60 लीटर अवैध चुलाई Liquor बरामद की, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को जिले में अवैध Liquor कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अधीक्षक उत्पाद के निर्देश पर चला विशेष अभियान

जानकारी के अनुसार यह अभियान अधीक्षक उत्पाद के निर्देशानुसार चलाया गया। विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से चुलाई शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

जगन्नाथपुर क्षेत्र में दो लोगों की गिरफ्तारी

विशेष अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के गितिलीपी और बारला गांव में छापेमारी की। यहां अवैध चुलाई शराब की बिक्री किए जाने की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।

छापेमारी के दौरान दो लोगों को अवैध शराब बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके से बड़ी मात्रा में चुलाई शराब भी बरामद की गई। विभाग ने जब्त शराब को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मंझारी थाना क्षेत्र में भी हुई कार्रवाई

उत्पाद विभाग की टीम ने मंझारी थाना क्षेत्र के काठभारी और पीलका गांव में भी छापेमारी अभियान चलाया। यहां अवैध शराब बिक्री केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

हालांकि कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। विभाग की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद

दोनों थाना क्षेत्रों में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल 60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई। उत्पाद विभाग ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है और उसे साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। इसी कारण ऐसे कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

चार अलग-अलग मामलों में दर्ज हुए अभियोग

उत्पाद विभाग ने इस कार्रवाई के बाद चार अलग-अलग मामलों में अभियोग दर्ज किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

विभाग का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध Liquor कारोबार पर लगातार रहेगी नजर

उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध Liquor के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की टीमें नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या अवैध शराब के कारोबार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

लोगों से सहयोग की अपील

उत्पाद विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या परिवहन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या उत्पाद विभाग को दें। लोगों के सहयोग से ही अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

विभाग का मानना है कि जनसहभागिता और प्रशासनिक कार्रवाई के संयुक्त प्रयास से जिले को अवैध Liquor के कारोबार से मुक्त बनाया जा सकता है।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

पश्चिमी सिंहभूम में चलाया गया यह विशेष अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग अवैध Liquor कारोबार के खिलाफ पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहे हैं। विभाग ने दोहराया है कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न इलाकों में इसी प्रकार की छापेमारी जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।