चाईबासा: पश्चिमी Singhbhum जिले को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने 10 जून से 26 जून 2026 तक विशेष ‘नशा मुक्त पश्चिमी सिंहभूम’ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के माध्यम से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

इसी संबंध में मंगलवार को जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की रूपरेखा, कार्ययोजना और विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त बोले- समाज की भागीदारी के बिना नहीं मिलेगी सफलता

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई केवल प्रशासनिक कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का निर्देश दिया, ताकि जिले के प्रत्येक गांव और मोहल्ले तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंच सके।

विद्यालयों में दिलाई जाएगी नशा मुक्ति की शपथ

अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी नशा मुक्ति का संदेश पहुंचा सकें।

प्रशासन का मानना है कि बच्चों और युवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और नशे के खिलाफ मजबूत जनमत तैयार किया जा सकता है।

कई विभाग मिलकर चलाएंगे जागरूकता अभियान

बैठक में जेएसएलपीएस, पुलिस विभाग, प्रखंड प्रशासन, बीएलओ, जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं, जल सहियाओं तथा अन्य संबंधित विभागों को अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि यह लोगों की भागीदारी से जन-आंदोलन का रूप ले।

प्रभात फेरी से लेकर नुक्कड़ नाटक तक होंगे कई कार्यक्रम

विशेष नशा मुक्ति अभियान के दौरान जिलेभर में अनेक रचनात्मक और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रभात फेरी, चौपाल बैठक, रंगोली प्रतियोगिता, ब्लैक डॉट अभियान, काला रिबन अभियान, पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शन, निबंध लेखन, चित्रांकन प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, साइकिल रैली और नुक्कड़ नाटक शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

ग्राम सभाओं में दिलाया जाएगा नशामुक्ति का संकल्प

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही समुदाय आधारित जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देकर गांव स्तर पर नशे के खिलाफ सामाजिक माहौल तैयार किया जाएगा।

प्रशासन का प्रयास है कि गांवों में भी लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो और नशे के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो।

अवैध मादक पदार्थों पर चलेगा विशेष छापेमारी अभियान

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

उपायुक्त ने अधिकारियों को अभियान की नियमित निगरानी करने और निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने ली नशा मुक्त पश्चिमी सिंहभूम की शपथ

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पश्चिमी सिंहभूम को नशा मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली।

बैठक की शुरुआत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

नशा मुक्त समाज की दिशा में बड़ा कदम

जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया जा रहा यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक प्रयास है। यदि समाज के सभी वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, तो पश्चिमी Singhbhum को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से सफल हो सकता है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी इस अभियान में जुड़कर स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की है।