नई दिल्ली, 15 सितंबर। राइड बुक करते समय यात्रियों को ज्यादा पैसे देने के लिए दबाव बनाने पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने रेपिडो पर बड़ी कार्रवाई की है। CCPA ने रेपिडो का संचालन करने वाली कंपनी रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
CCPA ने कहा कि रेपिडो के ऐप पर राइड बुक करते समय यात्रियों को ऐसे संदेश दिखाए जाते थे, जिनसे उन्हें ज्यादा पैसे देने के लिए प्रेरित किया जाता था। प्राधिकरण ने कंपनी को इस तरह के संदेश और व्यवस्था को बंद करने का निर्देश दिया है।
ज्यादा पैसे देने पर राइड मिलने की बात
जांच के दौरान CCPA को रेपिडो ऐप पर ऐसे संदेश मिले, जिनमें कहा जाता था कि जितना ज्यादा किराया देंगे, राइड मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।

एक संदेश में यात्रियों से कहा जाता था कि “कैप्टन 60 रुपये पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं। 10, 20 या 30 रुपये बढ़ाकर देखें।”
CCPA के अनुसार, ऐसे संदेश यात्री को यह सोचने पर मजबूर कर सकते थे कि अगर उसने ज्यादा पैसे नहीं दिए तो उसकी राइड नहीं मिलेगी। प्राधिकरण ने इसे ‘कन्फर्म शेमिंग’ यानी यात्री पर मानसिक दबाव बनाने वाला तरीका माना।
कीमत कम करने पर लाल और ज्यादा करने पर हरा रंग
CCPA ने रेपिडो के ‘अपनी कीमत निर्धारित करें’ विकल्प की भी जांच की। जांच में पाया गया कि किराया बढ़ाने पर ऐप में हरे रंग के साथ ‘राइड मिलने की संभावना अधिक’ जैसा संदेश दिखाई देता था। वहीं कीमत कम करने पर लाल या नारंगी रंग में चेतावनी दिखाई जाती थी।
CCPA का कहना है कि ऐप का यह डिजाइन भी यात्रियों को ज्यादा पैसे देने की ओर आकर्षित करता था। इसे प्राधिकरण ने ‘इंटरफेस इंटरफेरेंस’ यानी ऐप के डिजाइन के जरिए ग्राहक के फैसले को प्रभावित करना माना।
राइड से पहले टिप लेने पर भी सवाल
CCPA ने राइड शुरू होने से पहले ‘टिप’ के नाम पर अतिरिक्त पैसे देने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। प्राधिकरण के अनुसार, राइड का किराया पहले से ही दूरी, समय, ट्रैफिक, टोल और दूसरे खर्चों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। ऐसे में राइड शुरू होने से पहले उसी राइड के लिए अतिरिक्त पैसे मांगना उचित नहीं है।
CCPA ने कहा कि टिप आमतौर पर सेवा मिलने के बाद अपनी इच्छा से दी जाती है। इसे राइड मिलने की शर्त की तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए। मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशा-निर्देश, 2025 के अनुसार भी टिप देने की सुविधा राइड पूरी होने के बाद होनी चाहिए।
रेपिडो की दलील को नहीं माना सही
रेपिडो ने अपनी सफाई में कहा था कि अतिरिक्त पैसा देना यात्री की इच्छा पर निर्भर करता है और राइड का मिलान करने वाला सिस्टम पैसे देने या नहीं देने के बावजूद काम करता है।
लेकिन CCPA ने कंपनी की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। प्राधिकरण ने कहा कि रेपिडो ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दे सकी, जिससे यह साबित हो कि ज्यादा पैसे देने पर वास्तव में राइड मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए CCPA ने ज्यादा पैसे देने पर राइड मिलने की संभावना बढ़ने वाले संदेश को भ्रामक माना।
उबर और ओला की भी जांच जारी
CCPA की यह कार्रवाई केवल रेपिडो तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण ने उबर, ओला, रेपिडो और नम्मा यात्री जैसे राइड-बुकिंग प्लेटफॉर्मों की भी जांच शुरू की है। उबर और ओला से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।
CCPA ने कहा है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों, गलत तरीकों और ऐप के ऐसे डिजाइन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
1915 पर कर सकते हैं शिकायत
अगर किसी उपभोक्ता को किसी ऐप या कंपनी की ओर से भ्रामक जानकारी, ज्यादा पैसे देने का दबाव या गलत व्यापारिक तरीका अपनाए जाने की शिकायत है, तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के 1915 नंबर पर शिकायत कर सकता है।




















