जमशेदपुर: Jamshedpur के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुई बड़ी डकैती की जांच अब चतरा तक पहुंच गई है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चतरा में कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन लोगों के बैंक लूटकांड के आरोपितों के संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका केवल संपर्क तक सीमित थी या वे किसी अन्य तरीके से भी वारदात से जुड़े थे।
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए चारों संदिग्ध चतरा सदर थाना क्षेत्र के आसपास लगे डिजनीलैंड मेले के कर्मचारी हैं। जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि इन लोगों का कुछ समय पहले जमशेदपुर में भी आना-जाना हुआ था। इसी दौरान गणेश उत्सव के समय इनकी मुलाकात बैंक डकैती के आरोपितों से होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब इस संपर्क की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। मोबाइल कॉल डिटेल, संपर्क में रहे लोगों और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

गोलमुरी केनरा बैंक में हुई थी बड़ी डकैती
गोलमुरी बाजार स्थित केनरा बैंक की शाखा में 24 सितंबर 2026 को हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती की थी। पुलिस और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अपराधियों ने बैंक कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लिया और चेस्ट खुलवाकर नकदी तथा सोना लेकर फरार हो गए।
रिपोर्टों के अनुसार, वारदात में करीब 23 किलोग्राम से अधिक सोना और लगभग 42-43 लाख रुपये नकद लूटे जाने की जानकारी सामने आई है। सोने की कीमत को शामिल करने पर लूट की कुल रकम कई करोड़ रुपये बताई गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में कुल राशि के आंकड़े में अंतर है, जबकि पुलिस जांच में वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
वारदात के बाद जमशेदपुर पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया। बैंक और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और अपराधियों की पहचान की दिशा में कार्रवाई शुरू हुई।
सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग
बैंक डकैती के बाद पुलिस ने बैंक परिसर के साथ-साथ आसपास के रास्तों और संभावित भागने वाले मार्गों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस के मुताबिक, फुटेज के आधार पर पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान की गई और उनकी तस्वीरें भी जारी की गईं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं।
पुलिस ने संदिग्ध अपराधियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्येक आरोपी के संबंध में सूचना देने पर दो लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की गई है।
ऐसे में चतरा से चार लोगों का हिरासत में लिया जाना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका पांचों संदिग्ध अपराधियों से किस तरह का संपर्क था।
चतरा पुलिस को कैसे मिली सूचना?
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि जमशेदपुर बैंक लूटकांड से जुड़े कुछ लोगों का संपर्क चतरा से भी रहा है। इसके बाद चतरा पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है और उनके संपर्कों की जांच की जा रही है।
पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि संदिग्धों की मुलाकात लूटकांड के आरोपितों से कब और कहां हुई थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस संपर्क के दौरान बैंक या उसके आसपास की कोई जानकारी साझा की गई थी।
डिजनीलैंड मेले से सामने आया कनेक्शन
चतरा में हिरासत में लिए गए चारों संदिग्धों का संबंध डिजनीलैंड मेले से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, ये लोग चतरा सदर थाना क्षेत्र के पास लगे मेले में काम कर रहे थे।
जांच में सामने आया है कि इससे पहले डिजनीलैंड मेला जमशेदपुर में भी लगाया गया था। इसी दौरान संदिग्धों का जमशेदपुर आना हुआ था।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि जमशेदपुर में गणेश उत्सव के दौरान इन लोगों का संपर्क बैंक लूटकांड में शामिल बताए जा रहे आरोपितों से हुआ था।
यही संपर्क अब पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
गणेश उत्सव के दौरान हुई थी मुलाकात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों और बैंक लूटकांड के आरोपितों के बीच संपर्क गणेश उत्सव के दौरान हुआ था। हालांकि, केवल किसी व्यक्ति से मुलाकात या संपर्क होना अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता।
इसी वजह से पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच कितनी बार बातचीत हुई और बातचीत का विषय क्या था।
जांच में यह भी देखा जा सकता है कि क्या संदिग्धों ने आरोपितों को किसी प्रकार की जानकारी, रहने की जगह, आने-जाने की सुविधा या अन्य मदद उपलब्ध कराई थी।
फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
क्या बैंक लूट की योजना में शामिल थे संदिग्ध?
चतरा से चार लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे बैंक डकैती की योजना में शामिल थे?
फिलहाल पुलिस की जांच में इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, उनका आरोपितों से संपर्क होने की बात सामने आई है। लेकिन संपर्क होना और अपराध में प्रत्यक्ष भूमिका निभाना अलग-अलग बातें हैं।
पुलिस अब पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संदिग्धों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
मोबाइल और संपर्क रिकॉर्ड की हो सकती है जांच
पूछताछ के साथ पुलिस संदिग्धों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उन्होंने किन लोगों से बात की और बैंक डकैती के आरोपितों से उनका संपर्क किस समय हुआ था।
पुलिस कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को घटनाक्रम से जोड़ने का प्रयास कर सकती है।
अगर संदिग्धों और बैंक डकैती के आरोपितों के बीच लगातार संपर्क के प्रमाण मिलते हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
वारदात से पहले हुई थी बैंक की रेकी
Jamshedpur पुलिस की जांच में पहले से यह बात सामने आई है कि बैंक डकैती को अंजाम देने वाले अपराधियों ने वारदात से पहले बैंक और आसपास के इलाके की रेकी की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, अपराधियों ने बैंक की गतिविधियों और आसपास के माहौल का अध्ययन किया था।
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों को बैंक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी किस माध्यम से मिली थी।
यही वजह है कि चतरा से सामने आया संपर्क पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। जांचकर्ता यह जानना चाहते हैं कि क्या हिरासत में लिए गए संदिग्धों को बैंक, इलाके या आरोपितों की गतिविधियों से संबंधित कोई जानकारी थी।
कई राज्यों तक पहुंची पुलिस की जांच
बैंक डकैती के बाद पुलिस ने जांच का दायरा झारखंड से बाहर भी बढ़ाया है। अपराधियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने बिहार, बंगाल और ओडिशा में भी संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की है।
इससे साफ है कि पुलिस केवल बैंक के आसपास के क्षेत्र तक सीमित रहकर जांच नहीं कर रही है, बल्कि अपराधियों के संभावित नेटवर्क और उनके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
चतरा में चार संदिग्धों से पूछताछ इसी व्यापक जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
बैंक लूट के आरोपितों की तलाश जारी
जमशेदपुर पुलिस ने बैंक डकैती में शामिल बताए जा रहे पांच अपराधियों की तस्वीरें जारी की हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
पुलिस के सामने अब दो प्रमुख चुनौतियां हैं—पहली, मुख्य आरोपितों तक पहुंचना और दूसरी, लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी करना।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों को घटना के पहले या बाद में किस-किस व्यक्ति से मदद मिली।
चतरा कनेक्शन से क्या खुलेगा?
चतरा से हिरासत में लिए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को बैंक डकैती के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
अगर पूछताछ में आरोपितों के साथ संपर्क की पुष्टि होती है, तो पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि यह संपर्क किस उद्देश्य से था। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संपर्क वारदात से पहले हुआ था या उसके बाद।
पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संदिग्धों की भूमिका केवल जान-पहचान और संपर्क तक सीमित थी या उन्होंने किसी तरह की सहायता भी की थी।
पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई
फिलहाल चारों संदिग्ध पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में मिली जानकारी को अन्य साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है।
यदि जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस आगे कानूनी कार्रवाई कर सकती है। वहीं, यदि उनकी भूमिका केवल सामान्य संपर्क तक सीमित पाई जाती है, तो जांच उसी आधार पर आगे बढ़ेगी।
पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच को आधार बना रही है।
पुलिस की नजर आरोपियों के पूरे नेटवर्क पर
इतनी बड़ी बैंक डकैती के बाद पुलिस केवल वारदात को अंजाम देने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच में यह भी महत्वपूर्ण है कि अपराधियों को किसने जानकारी दी, किसने रेकी में मदद की और घटना के बाद उन्हें कहां से सहायता मिली।
इसी कड़ी में अलग-अलग जिलों में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।
चतरा का कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस को आरोपितों के संभावित नेटवर्क के बारे में नई जानकारी मिल सकती है।
आगे और गिरफ्तारी की संभावना
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
चतरा में हिरासत में लिए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को अगर बैंक डकैती के मुख्य आरोपितों के बारे में ठोस सुराग मिलता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई तेज की जा सकती है।
चतरा कनेक्शन ने बढ़ाया जांच का दायरा
गोलमुरी केनरा बैंक डकैती मामले में चतरा से चार संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। डिजनीलैंड मेले से जुड़े इन लोगों का जमशेदपुर में आना और गणेश उत्सव के दौरान कथित तौर पर बैंक लूटकांड के आरोपितों से संपर्क होना अब जांच का अहम बिंदु है।
हालांकि, अभी तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि हिरासत में लिए गए चारों लोगों की लूट में प्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं। फिलहाल उनसे पूछताछ के जरिए संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
उधर, जमशेदपुर पुलिस बैंक डकैती के मुख्य आरोपितों की तलाश में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं।
अब चतरा से मिले सुराग पुलिस को बैंक डकैती के पूरे नेटवर्क तक पहुंचाने में कितने उपयोगी साबित होते हैं, यह आगे की जांच से स्पष्ट होगा।




















