जमशेदपुर: मानगो से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33)की बदहाल स्थिति एक बार फिर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे, उड़ती धूल और निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का कहना है कि वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल उनके घरों के अंदर तक पहुंच रही है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय बुधवार को सड़क का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने पारडीह स्थित होटल सिटी इन से बालीगुमा तक सड़क का निरीक्षण किया और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जल्द से जल्द स्थिति सुधारने की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने सड़क पर बने छोटे-बड़े गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण उड़ रही धूल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एनएच-33 की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। पहले भी सड़क की खराब स्थिति को लेकर आंदोलन हो चुका है, लेकिन एक बार फिर हालात बिगड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है और इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई की होगी।
पारडीह से बालीगुमा तक सड़क का निरीक्षण, जगह-जगह मिले गड्ढे
बुधवार को सड़क की स्थिति का जायजा लेने के दौरान सरयू राय ने पारडीह स्थित होटल सिटी इन से बालीगुमा तक के हिस्से का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि सड़क पर कई स्थानों पर छोटे-छोटे गड्ढे बने हुए हैं। वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति और खराब हो रही है।

निर्माणाधीन फ्लाईओवर के आसपास भी धूल की समस्या बनी हुई है। सड़क पर वाहनों के गुजरने के दौरान धूल का गुबार उठता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। वहीं, सड़क के किनारे बसे परिवारों के घरों तक धूल पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति के कारण सामान्य आवागमन भी मुश्किल हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों से बचकर निकलना पड़ता है, जबकि पैदल चलने वालों को उड़ती धूल का सामना करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों को भरने के लिए डाली गई सामग्री भी कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान परेशानी बढ़ा रही है।
सरयू राय ने कहा कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढों में मिट्टी या अन्य सामग्री डाल देना पर्याप्त नहीं है। सड़क को इस तरह दुरुस्त किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। उन्होंने एनएचएआई से सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर व्यवस्थित तरीके से मरम्मत कराने की मांग की।
घरों में घुस रही धूल, स्थानीय परिवारों की बढ़ी परेशानी
NH-33 के किनारे रहने वाले लोगों के लिए उड़ती धूल गंभीर परेशानी बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहनों के गुजरने से उठने वाली धूल घरों के अंदर तक पहुंच जाती है। इससे घरों की सफाई बनाए रखना मुश्किल हो रहा है और लगातार धूल के बीच रहने को लेकर चिंता बढ़ रही है।
सड़क के आसपास रहने वाले परिवारों को दिनभर वाहनों की आवाजाही के साथ धूल का सामना करना पड़ता है। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण भी क्षेत्र में धूल उड़ने की समस्या बनी हुई है। ऐसे में सड़क के किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है।
सरयू राय ने कहा कि सड़क की बदहाली केवल यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि इससे आसपास के लोगों के सामान्य जीवन पर भी असर पड़ रहा है। लोगों को अपने घरों में भी धूल से राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने तत्काल राहत के लिए सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने पर जोर दिया। इससे सड़क पर जमा धूल उड़ने की समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पानी का छिड़काव स्थायी समाधान नहीं है। सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना भी जरूरी है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से फोन पर हुई बातचीत
निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से फोन पर बातचीत की। बातचीत में प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है।
इस पर सरयू राय ने उनसे कहा कि जिम्मेदारी संभालने के बाद सबसे पहले सड़क पर उड़ रही धूल को नियंत्रित करने के लिए तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की मांग की, ताकि सड़क किनारे रहने वाले लोगों और राहगीरों को कुछ राहत मिल सके।
सरयू राय ने कहा कि जब तक सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं होता, तब तक धूल नियंत्रण के उपाय लगातार किए जाने चाहिए। केवल एक-दो बार पानी का छिड़काव करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए नियमित निगरानी और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने नियमित पानी का छिड़काव कराने पर सहमति जताई। इससे तत्काल राहत मिलने की उम्मीद जताई गई। हालांकि, सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए मरम्मत का काम शुरू करना भी आवश्यक है, ताकि लोगों को लंबे समय तक इस समस्या का सामना न करना पड़े।
दशहरा से पहले सड़क की मरम्मत कराने की मांग
सरयू राय ने कहा कि बरसात समाप्त हो चुकी है और दशहरा का त्योहार सामने है। ऐसे समय में लोगों को धूल और गड्ढों के बीच आवागमन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। त्योहार के दौरान बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति लोगों की परेशानी और बढ़ा सकती है।
उन्होंने एनएचएआई से कहा कि सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। गड्ढों में मिट्टी या अन्य सामग्री डालकर अस्थायी खानापूर्ति करने के बजाय सड़क की बाकायदा पिचिंग कराई जाए। उनका कहना था कि सड़क को इस तरह दुरुस्त किया जाना चाहिए कि वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल कम उड़े और लोगों को गड्ढों से राहत मिले।
सरयू राय के अनुसार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने आश्वासन दिया कि दो से तीन दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि सड़क का हिस्सा लंबा होने के कारण पूरे कार्य को पूरा करने में समय लगेगा।
इस आश्वासन के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर सड़क मरम्मत के काम पर रहेगी। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और धूल तथा गड्ढों से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
पहले भी एनएच-33 की बदहाली को लेकर हुआ था आंदोलन
सरयू राय ने निरीक्षण के दौरान एनएच-33 की पुरानी स्थिति और सड़क की बदहाली के खिलाफ हुए आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले भी सड़क की खराब हालत को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था।
उनके अनुसार, उस समय सड़क की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर रांची स्थित एनएचएआई कार्यालय तक प्रदर्शन किया गया था। उस आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई थीं और इस संबंध में मुकदमा चला था।
सरयू राय ने कहा कि उस दौर में सड़क की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी थी। अब एक बार फिर सड़क पर गड्ढे और धूल की समस्या सामने आने से वही परिस्थितियां बनने की आशंका है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सड़क की स्थिति खराब होने के बाद ही संबंधित विभाग सक्रिय क्यों होता है। नियमित निरीक्षण, समय पर मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान उचित प्रबंधन से ऐसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
विधायक ने कहा कि सड़क जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा की देखरेख लगातार होनी चाहिए। यदि समय रहते छोटी समस्याओं को दूर नहीं किया जाता, तो वे आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं।
केवल गड्ढे भरने से नहीं चलेगा काम, व्यवस्थित पिचिंग जरूरी
एनएच-33 की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सरयू राय ने सड़क की मरम्मत के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गड्ढे भरने के लिए सामग्री डाल दी गई है, लेकिन इससे सड़क की स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं हो रही है।
उनका कहना था कि सड़क की सतह को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त करना जरूरी है। केवल गड्ढों में मिट्टी या दूसरी सामग्री डालने से वाहन चालकों को स्थायी राहत नहीं मिलेगी। सड़क की पिचिंग कर उसे समतल और उपयोग के योग्य बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने एनएचएआई से मांग की कि मरम्मत का काम निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के आसपास सड़क की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि निर्माण कार्य के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इसके साथ ही उन्होंने धूल नियंत्रण के लिए पानी का नियमित छिड़काव कराने और सड़क पर जमा सामग्री का उचित प्रबंधन करने की आवश्यकता बताई। सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य में समन्वय बनाए रखने से यातायात की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है जनाक्रोश
सरयू राय ने कहा कि एनएच-33 की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। सड़क के किनारे रहने वाले परिवार धूल से परेशान हैं, जबकि वाहन चालकों को गड्ढों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने एनएचएआई को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और समस्या केवल आश्वासनों तक सीमित रही, तो लोगों का आक्रोश फूट सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित एजेंसी को जवाबदेही लेनी होगी।
विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। लोगों को लंबे समय तक धूल, गड्ढों और खराब सड़क के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि एनएचएआई सड़क की स्थिति सुधारने के लिए जल्द काम शुरू करेगा और धूल नियंत्रण के लिए नियमित व्यवस्था लागू करेगा।
अब मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार
पारडीह से बालीगुमा तक NH-33 की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद सरयू राय ने तत्काल राहत और स्थायी मरम्मत, दोनों पर जोर दिया है। एक ओर सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव कर धूल नियंत्रित करने की मांग की गई है, वहीं दूसरी ओर गड्ढों की व्यवस्थित मरम्मत और पिचिंग कराने को आवश्यक बताया गया है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से दो से तीन दिनों में निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, सड़क का लंबा हिस्सा होने के कारण काम पूरा होने में समय लगने की बात भी सामने आई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मरम्मत का काम कब शुरू होता है और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को धूल तथा गड्ढों से कितनी जल्दी राहत मिलती है। स्थानीय लोगों की मुख्य मांग यही है कि एनएच-33 को जल्द दुरुस्त किया जाए, निर्माण कार्य के दौरान धूल पर नियंत्रण रखा जाए और भविष्य में सड़क की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए।
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