उज्जैन। भारतीय जन महासभा की ओर से क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा की जयंती उज्जैन स्थित गीता भवन परिसर में मनाई गई। इस अवसर पर महासभा से जुड़े लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर देश की स्वतंत्रता के लिए उनके योगदान और बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम में भारतीय जन महासभा के अध्यक्ष धर्म चन्द्र पोद्दार ने मदन लाल ढींगरा के जीवन और उनके क्रांतिकारी संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीयों के साथ किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ ढींगरा ने अंग्रेजी शासन को चुनौती दी थी।
धर्म चन्द्र पोद्दार ने कहा कि मदन लाल ढींगरा ने वर्ष 1909 में ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्जन वायली की हत्या की थी। उन्होंने इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास की एक महत्वपूर्ण क्रांतिकारी घटना बताया।

उन्होंने कहा कि ढींगरा की कार्रवाई के बाद ब्रिटेन में भी इस घटना की व्यापक चर्चा हुई और इससे भारतीय क्रांतिकारियों की गतिविधियों को लेकर अंग्रेजी शासन में चिंता बढ़ी। पोद्दार ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में ढींगरा जैसे क्रांतिकारियों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
विभिन्न स्थानों पर भी मनाई गई जयंती
कार्यक्रम में नरेंद्र नाथ राय, अंतर्यामी पांडा, रंजन महाकुर, जया साहू, अनन्या साहू और शंभू साहू सहित महासभा से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
भारतीय जन महासभा के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में भी मदन लाल ढींगरा की जयंती मनाई गई। रतलाम में अनीता यादव, मधु परिहार और अनीता झालीवाल, पाकुड़ में कृष्णा कुमार साहा, जमशेदपुर में आरती श्रीवास्तव और निशा वाणी तथा डाल्टेनगंज में पीयूष तुलस्यान सहित अन्य लोगों ने कार्यक्रम आयोजित कर क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में क्रांतिकारियों की भूमिका पर चर्चा की और युवाओं से देश के स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन तथा उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।




















