• पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और विधायक राजेश कच्छप रहे मौजूद, स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में परियोजना को बताया अहम कदम

रांची । झारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुए समारोह के बाद परियोजना के पहले चरण के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और झारखंड विधानसभा के विधायक राजेश कच्छप प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा शहर के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, चिकित्सक और शिक्षाविद भी समारोह में शामिल हुए। अतिथियों ने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परियोजना के लिए प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और इसे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा।

सितवांतो देवी महिला कल्याण समिति की प्रमुख परियोजना

मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थापना सितवांतो देवी महिला कल्याण समिति की प्रमुख इकाई के रूप में की जा रही है। संस्थान के निर्माण और विकास की जिम्मेदारी समूह के चेयरमैन मदन मोहन सिंह के नेतृत्व में आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रबंधन के अनुसार, संस्थान को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित चिकित्सा मानकों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य रांची और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सा शिक्षा के लिए नए अवसर तैयार करना है।

झारखंड-बिहार में पहले से संचालित हैं कई संस्थान

मदन मोहन सिंह के नेतृत्व वाला समूह झारखंड और बिहार में शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से कई संस्थानों का संचालन कर रहा है। समूह के अंतर्गत जमशेदपुर में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी संचालित है। बिहार में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के साथ इंजीनियरिंग और डिप्लोमा कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में भी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। समूह की ओर से बिहार और झारखंड में करीब एक दर्जन स्कूलों के संचालन की भी जानकारी दी गई।

अगले साल अस्पताल शुरू करने का लक्ष्य

भूमि पूजन समारोह के दौरान प्रबंधन की ओर से बताया गया कि निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अनुसार अगले वर्ष अस्पताल को शुरू करने का लक्ष्य है।

अस्पताल के संचालन के बाद रांची सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। प्रबंधन का दावा है कि उपचार को अपेक्षाकृत किफायती रखने पर भी जोर दिया जाएगा।

नियामकीय मंजूरी के बाद शुरू होगी मेडिकल पढ़ाई

मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया संबंधित वैधानिक और नियामक संस्थाओं से आवश्यक अनुमतियां तथा निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद शुरू की जाएगी। यानी अस्पताल के निर्माण और संचालन के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी नियामकीय प्रक्रियाएं भी पूरी की जाएंगी।

प्रबंधन के मुताबिक संस्थान की परिकल्पना आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। समारोह में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि परियोजना के पूरा होने के बाद रांची और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तथा मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे।