चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला Health समिति एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में सदर अस्पताल चाईबासा के सभागार में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर इसकी समीक्षा की तथा प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मानसिक Health आज सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण विषय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य एक अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि समुदाय स्तर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (सीएचओ) की भूमिका मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान, उचित परामर्श और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों से अपील की कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने में करें।

Health एवं कल्याण केंद्रों के माध्यम से सेवाएं पहुंचाने का निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों की समय पर पहचान कर आवश्यकता अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

जिला Health समिति और यूनिसेफ के प्रयासों की सराहना
उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति एवं यूनिसेफ की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य तंत्र को अधिक संवेदनशील, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी समाज में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को दूर करने और जरूरतमंद लोगों तक सही परामर्श पहुंचाने में अहम योगदान देंगे।
60 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों ने लिया प्रशिक्षण
दो दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 60 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में डॉ. राजीव कुमार, उपनिदेशक (रिसर्च, ट्रेनिंग एवं कम्युनिकेशन), मानसिक स्वास्थ्य, रांची ने प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, परामर्श, पहचान एवं रेफरल प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
जुलाई 2026 तक सभी सीएचओ को मिलेगा प्रशिक्षण
जिला Health समिति ने जानकारी दी कि यूनिसेफ के सहयोग से जुलाई 2026 तक जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है।
इस पहल का उद्देश्य समुदाय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना है।
कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, यूनिसेफ प्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
मानसिक Health संबंधी समस्याएं आज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसे में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों को प्रशिक्षित कर समुदाय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की यह पहल निश्चित रूप से लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होगी। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।




















