जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के Sonari थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी प्रिया सिंह उर्फ ‘चटनी डॉन’ को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा चुकी है।

सड़क किनारे खेल रहे बच्चे को बचाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 को आदर्श नगर, ग्वाला बस्ती निवासी पूजा देवी ने सोनारी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि उनके पति ओम प्रकाश सिंह घर के बाहर बैठे थे और पास में एक छोटा बच्चा सड़क किनारे खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार वहां से गुजरी, जिससे बच्चा बाल-बाल बच गया।

वादिनी के अनुसार, उनके पति ने चालक को सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई और विवाद बढ़ गया।

शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कार चालक पवन यादव ने पहले मारपीट की और उसके बाद उसकी पत्नी प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन ने कथित रूप से अपने सहयोगियों को मौके पर बुलाया। शिकायत के अनुसार, हथियारों से लैस लोगों ने परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस ने गठित की विशेष टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी सोनारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार कई मामलों में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन के विरुद्ध पूर्व में भी मारपीट, रंगदारी, लूट, छिनतई, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में कई प्राथमिकी दर्ज हैं।

हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि किसी भी आरोपी के विरुद्ध दर्ज मामले न्यायालय में विचाराधीन हो सकते हैं और अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होती है।

रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों के आरोप

पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके गिरोह पर स्थानीय व्यवसायियों एवं ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस का दावा है कि क्षेत्र में भय का माहौल होने के कारण कई लोग शिकायत दर्ज कराने से भी हिचकिचाते रहे हैं।

इन आरोपों की भी जांच संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

जिला बदर की कार्रवाई का भी उल्लेख

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध पूर्व में झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 के तहत जिला बदर (तड़ीपार) की कार्रवाई भी की गई थी। प्रशासन ने उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया था।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला

सोनारी थाना कांड संख्या 49/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना में शामिल अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Sonari थाना क्षेत्र में हुए इस हिंसक विवाद ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की वास्तविक परिस्थितियां और सभी आरोपों की पुष्टि अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।