कुरुक्षेत्र: Kurukshetra में पति की बेरहमी से हत्या और उसके शरीर के अंग निकालने के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी पत्नी विमला ने मृतक राजेश के शरीर से केवल आंतें ही नहीं निकाली थीं, बल्कि पुलिस द्वारा बरामद की गई प्लास्टिक की बोरी से लीवर का एक हिस्सा और किडनी भी मिली हैं।

पुलिस ने बरामद अंगों को जांच के लिए पंचकूला स्थित लैब भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या से पहले मृतक को किसी नशीले पदार्थ या अन्य किसी पदार्थ का सेवन कराया गया था अथवा नहीं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच

मामले में आरोपी महिला की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस और चिकित्सकों के अनुसार महिला का व्यवहार सामान्य नहीं था। इसी वजह से उसे इलाज और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है।

इससे पहले जब विमला का इलाज लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में चल रहा था, तब वह मैथिली भाषा में बातचीत कर रही थी। अस्पताल के चिकित्सकों को उसकी बात समझने में परेशानी हो रही थी। अस्पताल में मौजूद एक महिला उसकी भाषा समझती थी और उसने डॉक्टरों को विमला की बातें समझाने में मदद की।

इलाज के दौरान पति को बताया चचेरा भाई

इलाज के दौरान आरोपी महिला के बयानों ने पुलिस और चिकित्सकों को और उलझन में डाल दिया। महिला कथित तौर पर अपने पति राजेश को अपना चचेरा भाई बता रही थी।

बताया गया कि इससे पहले भी वह ऐसे बयान दे चुकी थी, जिनमें उसने कहा था कि उसके सिर पर काली माता आई थीं और किसी आत्मा ने उसे छत से नीचे धक्का दे दिया था।

उसके इन बयानों और अस्पताल में उसके व्यवहार को देखते हुए चिकित्सकों ने उसकी मानसिक स्थिति की जांच आवश्यक समझी। फिलहाल महिला को इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

एक साल से कुरुक्षेत्र में रह रहा था राजेश

पुलिस जांच के अनुसार मृतक राजेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला था। वह करीब एक वर्ष से कुरुक्षेत्र के पिहोवा रोड स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था।

राजेश पास के एक आरओ प्लांट में काम करता था। स्थानीय स्तर पर वह सामान्य रूप से अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। उसकी वैवाहिक जिंदगी को लेकर भी जांच में कई जानकारियां सामने आई हैं।

बताया गया है कि विमला राजेश की तीसरी पत्नी थी। राजेश की पहली दो शादियां तलाक के बाद समाप्त हो गई थीं। इसके बाद उसने विमला से प्रेम विवाह किया था।

21 अगस्त को हुई हत्या

पुलिस जांच के मुताबिक यह घटना 21 अगस्त को हुई। आरोप है कि इसी दिन विमला ने राजेश की हत्या कर दी।

हत्या के बाद वह कथित तौर पर करीब तीन से चार घंटे तक शव के पास बैठी रही। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब शाम करीब चार से पांच बजे मकान मालिक रिंकू राजेश के कमरे में पहुंचा।

मकान मालिक ने वहां कथित तौर पर विमला को शव के पेट से आंतें निकालते हुए देखा। उसे देखते ही विमला ने छत से छलांग लगा दी।

इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

तीन चाकुओं के इस्तेमाल की बात सामने आई

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि राजेश के शरीर पर वार करने और अंग निकालने के लिए तीन चाकुओं का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

जांच के दौरान शव के पेट पर करीब 37 सेंटीमीटर लंबा और साढ़े तीन सेंटीमीटर चौड़ा गहरा चीरा पाए जाने की जानकारी दी गई है।

इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी कट के निशान मिले थे। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए संभावित हथियारों और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।

शरीर के अंग प्लास्टिक की बोरी में रखे गए थे

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला ने शरीर से निकाले गए अंगों को एक प्लास्टिक की बोरी में रखा था। पुलिस को तलाशी और जांच के दौरान बोरी से आंतों के अलावा लीवर का एक हिस्सा और किडनी भी बरामद हुई।

इन बरामद अंगों को सुरक्षित तरीके से जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

क्या हत्या से पहले दिया गया था कोई नशीला पदार्थ?

मामले की जांच में पुलिस इस पहलू पर भी ध्यान दे रही है कि क्या हत्या से पहले राजेश को किसी नशीले पदार्थ या अन्य पदार्थ का सेवन कराया गया था।

पुलिस ने बरामद अंगों को जांच के लिए भेज दिया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।

अस्पताल में भी महिला का व्यवहार रहा आक्रामक

विमला के अस्पताल में इलाज के दौरान उसके व्यवहार को लेकर भी चिकित्सकों ने जानकारी दी थी। एलएनजेपी अस्पताल में उसका इलाज करने वाले डॉक्टर गुंजन उपाध्याय के अनुसार, अस्पताल लाए जाने के समय उसकी हालत काफी खराब थी।

डॉक्टर के मुताबिक महिला आक्रामक व्यवहार कर रही थी और खाना-पीना भी नहीं ले रही थी। उसके साथ बातचीत करने में भाषा की समस्या भी सामने आई।

वह मैथिली भाषा में बात कर रही थी, जिसके कारण चिकित्सकों को उसके बयानों को समझने में परेशानी हुई। बाद में भाषा समझने वाली एक महिला की मदद से उसके कथनों को समझने का प्रयास किया गया।

पुलिस कर रही है मामले के सभी पहलुओं की जांच

कुरुक्षेत्र पुलिस इस मामले में हत्या के कारण, आरोपी महिला की मानसिक स्थिति, मृतक के साथ उसके संबंध और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या हुआ था और हत्या के पीछे क्या कारण था।

मामले में बरामद हथियार, शरीर से संबंधित साक्ष्य, लैब रिपोर्ट, चिकित्सकीय जांच और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।

लैब रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे कई तथ्य

केयूके थाना प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू के अनुसार, आरोपी महिला ने प्लास्टिक की बोरी में आंतों के साथ शरीर के अन्य अंग भी रखे थे। बरामद अंगों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद हत्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की संभावना है। विशेष रूप से मृतक के शरीर में किसी नशीले या अन्य पदार्थ की मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

मामले में कई सवाल अभी भी अनसुलझे

इस हत्याकांड में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। हत्या का वास्तविक कारण क्या था, आरोपी महिला की मानसिक स्थिति कितनी प्रभावित थी, क्या हत्या से पहले मृतक को कोई पदार्थ दिया गया था और शरीर के अंग निकालने के पीछे क्या वजह थी—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस वैज्ञानिक और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

Kurukshetra का यह हत्याकांड जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के कारण और गंभीर हो गया है। पुलिस को प्लास्टिक की बोरी से आंतों के अलावा लीवर का एक हिस्सा और किडनी मिलने की जानकारी सामने आई है। बरामद अंगों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।

आरोपी महिला की मानसिक स्थिति को लेकर भी चिकित्सकीय जांच जारी है और उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है। पुलिस हत्या के कारण से लेकर घटना की परिस्थितियों तक सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस की नजर लैब रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।