सरिया: रांची-दुमका मुख्य मार्ग पर Sariya रेलवे फाटक के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास सड़क धंस जाने से सोमवार को आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के धंसने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ी गाड़ियों के सरिया में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके कारण सरिया के अलावा बिरनी और बगोदर की ओर भी भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। सड़क पर अचानक उत्पन्न हुई इस स्थिति के कारण यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क धंसने से यातायात व्यवस्था चरमराई

रांची-दुमका मुख्य मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क मार्ग माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। लेकिन सरिया रेलवे फाटक के समीप ओवरब्रिज निर्माण कार्य के पास सड़क का एक हिस्सा धंस जाने के बाद वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।

सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी गाड़ियों को सरिया में प्रवेश करने से रोक दिया है। इसके कारण भारी वाहनों को दूसरे रास्तों की ओर मोड़ा जा रहा है। वहीं, कई वाहन सड़क पर ही फंस गए हैं। बिरनी और बगोदर की ओर बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लगने से यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।

निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बनी स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वहां ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणाधीन स्थल के आसपास सड़क की स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण थी। सड़क धंसने के बाद समस्या और गंभीर हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर इस तरह सड़क धंसना यात्रियों के लिए परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मामला है। यदि समय रहते सड़क की स्थिति को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।

मौके पर पहुंचे नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि

सड़क धंसने की सूचना मिलने के बाद सरिया नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि सह झामुमो नेता फागू पंडित निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कार्यस्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया और निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक से बातचीत कर सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की बात कही।

फागू पंडित ने सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण बड़ी घटना होते-होते बची है। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग पर इस तरह की स्थिति यात्रियों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

संवेदक को दी गई हिदायत

झामुमो नेता फागू पंडित ने बताया कि उन्होंने संवेदक को सड़क की समस्या को जल्द दूर करने की स्पष्ट हिदायत दी है। उनके अनुसार, संवेदक ने सड़क को दुरुस्त करने के लिए 1 अक्टूबर तक का समय लिया है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि सड़क की स्थिति ठीक नहीं की गई तो स्थानीय लोगों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों की परेशानी को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

1 अक्टूबर तक काम पूरा करने की चेतावनी

फागू पंडित ने कहा कि सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को सामान्य करना प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से आम लोगों के साथ-साथ व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि संवेदक ने 1 अक्टूबर तक समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। यदि इस अवधि में सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो मजबूर होकर स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

Sariya बाजार में फंसे ट्रकों को निकालने की पहल

सड़क धंसने के कारण सिर्फ मुख्य मार्ग ही प्रभावित नहीं हुआ, बल्कि सरिया बाजार के अंदर भी कई बड़े वाहन फंस गए हैं। इससे बाजार में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

इसी समस्या को लेकर झामुमो नेता फागू पंडित ने Sariya एसडीपीओ धनंजय राम से मुलाकात की। उन्होंने सरिया बाजार में फंसे ट्रकों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि बाजार के व्यापारियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

व्यापारियों को परेशानी से बचाने की मांग

सरिया बाजार में भारी वाहनों के फंसने से दुकानदारों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। यदि ट्रकों को समय रहते बाहर नहीं निकाला गया तो बाजार में जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फागू पंडित ने एसडीपीओ से आग्रह किया कि प्रशासन आवश्यक व्यवस्था करते हुए बाजार में फंसे वाहनों को निकालने की पहल करे। इससे बाजार में कारोबार करने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी और सड़क पर अनावश्यक जाम की स्थिति से भी बचा जा सकेगा।

बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक से बढ़ी परेशानी

सड़क धंसने के बाद प्रशासन द्वारा बड़ी गाड़ियों के सरिया प्रवेश पर रोक लगाए जाने से यातायात का दबाव आसपास के क्षेत्रों में बढ़ गया है। बिरनी और बगोदर की तरफ भारी वाहनों की कतार लगने की बात सामने आई है।

वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए इससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है। वहीं, स्थानीय यात्रियों को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों ने जल्द समाधान की मांग की

सड़क धंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात और सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क पर हर समय वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में सड़क की स्थिति खराब होने पर दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए मरम्मत कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

संवेदक की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

सड़क धंसने के बाद निर्माण कार्य में लगे संवेदक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। झामुमो नेता फागू पंडित ने भी संवेदक की लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यदि सुरक्षा मानकों और सड़क की मजबूती का ध्यान रखा जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने संवेदक से तय समय सीमा के भीतर सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।

प्रशासन के सामने यातायात सामान्य करने की चुनौती

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सड़क पर यातायात व्यवस्था को सामान्य करना है। बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक के कारण आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। वहीं, बाजार में फंसे वाहनों को निकालना भी जरूरी है।

प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क को जल्द दुरुस्त किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में लगातार निगरानी रखने की बात कही है।

समय पर काम नहीं हुआ तो होगा विरोध

झामुमो नेता फागू पंडित ने स्पष्ट किया है कि यदि 1 अक्टूबर तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को लंबे समय तक परेशानी में नहीं छोड़ा जा सकता।

अब देखना होगा कि संवेदक निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर पाता है या नहीं। फिलहाल सड़क धंसने से रांची-दुमका मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित है और बड़ी संख्या में वाहन चालक परेशानी का सामना कर रहे हैं।