जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के Ghatshila थाना क्षेत्र के काशिदा स्थित न्यू कॉलोनी में एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 55 वर्षीय उमा गोस्वामी की हत्या के मामले में उनके 34 वर्षीय बेटे गोवर्धन गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि बेटे ने गुस्से में आकर लकड़ी के कुंदे से अपनी मां के सिर पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को कमरे में ही छोड़ दिया और कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी। कई दिनों तक घर से कोई हलचल नहीं होने के बाद पड़ोसियों को संदेह हुआ। परिजनों को सूचना दिए जाने के बाद जब घर का दरवाजा खोला गया तो कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। अंदर फर्श पर महिला का शव सड़ी-गली अवस्था में पड़ा मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

न्यू कॉलोनी काशिदा में हुई वारदात

घटना घाटशिला थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी, काशिदा की बताई गई है। मृतका की पहचान उमा गोस्वामी के रूप में हुई है। उनकी उम्र लगभग 55 वर्ष थी। वह स्वर्गीय सुधीर कुमार गोस्वामी की पत्नी थीं। बताया गया है कि उनके पति घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और सेवानिवृत्त हो चुके थे।

उमा गोस्वामी अपने 34 वर्षीय बेटे गोवर्धन गोस्वामी के साथ न्यू कॉलोनी स्थित अपने घर में रहती थीं। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, गोवर्धन का स्वभाव कथित तौर पर चिड़चिड़ा और गुस्सैल था। घर में मां-बेटे के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है।

19 सितंबर की सुबह हुई थी घटना

प्रेस रिलीज के अनुसार, घटना 19 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे हुई। शिकायतकर्ता प्रमिला सिंह, जो मृतका की बेटी हैं, ने पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी दी।

शिकायत के मुताबिक, 19 सितंबर की सुबह उमा गोस्वामी की तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने अस्पताल ले जाने के लिए बेटे से कहा और इसी दौरान कथित तौर पर दोनों के बीच विवाद हो गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मां की तबीयत खराब होने के दौरान वह अस्पताल ले जाने के लिए कह रही थीं और गुस्से में डांट रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने अपना आपा खो दिया और लकड़ी के कुंदे से कथित तौर पर मां के सिर पर वार कर दिया।

आरोप है कि सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उमा गोस्वामी की मौत हो गई।

हत्या के बाद शव कमरे में ही छोड़ने का आरोप

पुलिस के अनुसार, मां की मौत के बाद आरोपी ने घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं दी। आरोप है कि उसने शव को उसी कमरे में छोड़ दिया और कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी।

इसके बाद वह कथित तौर पर कई दिनों तक घर से दूर रहा। इस दौरान पड़ोसियों को घर में किसी तरह की गतिविधि नजर नहीं आई। न तो मृतका की आवाज सुनाई दी और न ही घर से सामान्य तौर पर होने वाली कोई हलचल दिखाई दी।

धीरे-धीरे पड़ोसियों को संदेह होने लगा कि घर में सब कुछ सामान्य नहीं है।

तीन दिन तक घर से नहीं मिली कोई आवाज

19 सितंबर से 21 सितंबर के बीच पड़ोसियों ने घर से कोई आवाज या हलचल नहीं सुनी। मृतका आमतौर पर घर में रहती थीं, इसलिए लगातार कई दिनों तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पड़ोसियों को चिंता हुई।

उन्होंने इस संबंध में मृतका की बड़ी बेटी को सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद परिजन घाटशिला स्थित न्यू कॉलोनी के घर पहुंचे।

21 सितंबर की रात जब मृतका की बेटी और अन्य परिजन घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार के लोगों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। बताया गया है कि मृतका के बेटे गोवर्धन ने दरवाजा खोला।

दरवाजा खुलते ही आने लगी तेज दुर्गंध

घर का दरवाजा खुलने के बाद कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। कमरे के अंदर जाकर देखा गया तो फर्श पर उमा गोस्वामी का शव पड़ा था।

शव कई दिनों पुराना होने के कारण सड़ने की अवस्था में पहुंच चुका था। शव की स्थिति देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद घाटशिला थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया।

बेटी की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी

इस मामले में मृतका की बेटी प्रमिला सिंह की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रमिला सिंह की उम्र लगभग 30 वर्ष है और वह अपने पति राहुल सिंह के साथ नरसिंहगढ़, धालभूमगढ़ में रहती हैं।

प्राथमिकी 22 सितंबर 2026 को दर्ज की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की।

पुलिस ने आरोपी गोवर्धन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आरोपी के स्वभाव को लेकर भी सामने आई जानकारी

पुलिस को दिए गए बयान में परिजनों ने आरोपी के स्वभाव को लेकर भी जानकारी दी है। बताया गया है कि गोवर्धन कथित तौर पर चिड़चिड़े और गुस्सैल स्वभाव का था तथा घर में मां के साथ उसका अक्सर विवाद होता रहता था।

हालांकि, किसी भी व्यक्ति के व्यवहार या पूर्व विवादों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने का आरोप

इस मामले में हत्या के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने की कोशिश का आरोप भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर हत्या के बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया और शव को वहीं छोड़ दिया।

कई दिनों तक शव उसी कमरे में पड़ा रहा। इसी वजह से कमरे में दुर्गंध फैलने लगी थी। पड़ोसियों को जब लगातार घर से कोई आवाज नहीं मिली तो उन्होंने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के बाद आरोपी कहां रहा और उसने घटना की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को दी थी या नहीं।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना सामने आने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर महिला की मौत की परिस्थितियों और चोटों की प्रकृति को लेकर और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने के साथ ही आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में घटना के समय मौजूद परिस्थितियों, कथित हत्या के कारण और वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों को भी शामिल किया जा रहा है।

दो बेटियों के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उमा गोस्वामी की मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में मां और बेटा साथ रहते थे, वहीं से महिला का शव बरामद होना परिवार के लिए बेहद सदमे की बात है।

मृतका की बेटी और अन्य परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पड़ोसियों के लिए भी यह घटना चिंता और हैरानी का विषय बनी हुई है कि कई दिनों तक घर में शव पड़ा रहा और किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

पुलिस की कार्रवाई से सामने आएगा पूरा घटनाक्रम

फिलहाल घाटशिला पुलिस ने आरोपी गोवर्धन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 19 सितंबर की सुबह घर में वास्तव में क्या हुआ था और हत्या के बाद आरोपी ने किन परिस्थितियों में शव को कमरे में छोड़ दिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने पूछताछ के दौरान मां पर लकड़ी के कुंदे से वार करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, इस कथित स्वीकारोक्ति के अलावा पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले में महत्वपूर्ण होंगे।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।