मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले से सात साल पुराने एक लापता महिला का पुलिस ने खुलासा किया है 2019 में लापता हुई शादीशुदा महिला Mausam कुमारी को पुलिस ने तेलंगाना के हैदराबाद से बरामद किया है। महिला के लापता होने के बाद उसके पिता ने ससुराल वालों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लंबे समय तक पुलिस को महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

पुराने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान पुलिस ने इस मामले की दोबारा जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस को पता चला कि सात साल से लापता बताई जा रही मौसम अपनी मां और भाई के संपर्क में लगातार बनी हुई थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसे हैदराबाद में ट्रेस किया और स्थानीय पुलिस की मदद से बरामद कर मुंगेर लाया।

2019 में अचानक लापता हुई थी मौसम

मिली जानकारी के अनुसार, भागलपुर जिले के नारायणपुर गांव निवासी ज्वाला सिंह ने 2 अगस्त 2019 को श्यामपुर थाने में अपनी बेटी मौसम कुमारी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि मौसम की शादी वर्ष 2015 में श्यामपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तम गांव निवासी विकास कुमार के साथ हुई थी।

शादी के बाद मौसम अपने पति के साथ तेलंगाना के सिकंदराबाद में रहने लगी थी। बताया गया कि विकास वहां एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वर्ष 2019 में मौसम अपने ससुराल आई थी। इसी दौरान वह एक दिन शौच के लिए घर से निकली, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने अपने स्तर से उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। लगातार तलाश के बाद भी जब मौसम का पता नहीं चला तो उसके पिता ने पुलिस से संपर्क किया और अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया।

सात साल तक नहीं मिला कोई सुराग

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने महिला की तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उसके संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी। समय बीतने के साथ यह मामला लंबित मामलों में शामिल हो गया।

हालांकि, मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद की ओर से पुराने लंबित मामलों की समीक्षा और उनके निष्पादन को लेकर दिए गए निर्देश के बाद इस मामले में दोबारा जांच शुरू की गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की।

थानाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित हुई एसआईटी

महिला की तलाश के लिए श्यामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने पुराने दस्तावेजों के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच शुरू की।

पुलिस ने सबसे पहले महिला के मायके वालों से पूछताछ की और उनके संपर्क में रहने वाले मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान जांच टीम को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला।

पुलिस को जानकारी मिली कि सात वर्षों से लापता बताई जा रही मौसम अपनी मां और भाई के साथ मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क में थी। इस जानकारी के बाद पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच शुरू की।

मोबाइल लोकेशन से हैदराबाद में मिली मौजूदगी

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को महिला की लोकेशन तेलंगाना के हैदराबाद में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देरी किए उसकी तलाश के लिए हैदराबाद का रुख किया।

स्थानीय पुलिस के सहयोग से जांच टीम ने महिला को खोज निकाला। पुलिस के अनुसार, महिला बुर्के में मिली। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उसे मुंगेर लाया गया।

सात साल बाद महिला के बरामद होने की खबर सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस की पूछताछ में महिला ने अपने लापता होने के दौरान की पूरी कहानी बताई।

सिकंदराबाद में हुई थी जुबैर से मुलाकात

पुलिस पूछताछ में मौसम ने बताया कि शादी के बाद जब वह अपने पति के साथ सिकंदराबाद में रह रही थी, उसी दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद जुबैर नाम के युवक से हुई थी।

बताया गया कि शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह संबंध कथित रूप से प्रेम संबंध में बदल गया। इसके बाद मौसम ने जुबैर के साथ रहने का फैसला किया और वह उसके पास हैदराबाद चली गई।

महिला के अनुसार, इसके बाद वह जुबैर के साथ ही रहने लगी। इस दौरान उसने अपने मायके वालों से संपर्क बनाए रखा, लेकिन पुलिस को उसके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई।

दो बच्चों की मां बन चुकी है मौसम

पुलिस के मुताबिक, हैदराबाद में जुबैर के साथ रहने के दौरान मौसम ने दो बच्चों को जन्म दिया। वर्ष 2020 में उसने एक बेटी को जन्म दिया, जबकि वर्ष 2022 में एक बेटे का जन्म हुआ।

इस तरह सात साल पहले लापता हुई महिला अब दो बच्चों की मां बन चुकी है। बताया गया कि आधार कार्ड में उसका नाम बदला नहीं जा सका। दस्तावेजों में उसका नाम अब भी मौसम कुमारी ही दर्ज है।

महिला के बरामद होने के बाद पुलिस अब उसके बयान और परिस्थितियों की पूरी तरह जांच कर रही है।

जुबैर के साथ रहने की बात कही

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मौसम ने बताया कि वह अपनी इच्छा से जुबैर के पास गई थी। उसने यह भी कहा कि वह आगे भी जुबैर के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती है।

महिला ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह न तो अपने ससुराल वापस जाना चाहती है और न ही मायके लौटना चाहती है। हालांकि, महिला के इस बयान के बाद अब पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।

मेडिकल जांच के बाद अदालत में दर्ज होगा बयान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद न्यायालय में उसका बयान धारा 164 के तहत दर्ज कराया जाएगा।

अदालत के समक्ष महिला का बयान इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उसके बयान और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस यह भी देख रही है कि महिला किन परिस्थितियों में घर से गई थी और उसके बाद इतने लंबे समय तक वह कहां रही। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

परिवार के संपर्क में रहने की भी जांच

मामले की जांच में पुलिस के सामने एक अहम सवाल यह भी आया है कि जब मौसम अपनी मां और भाई के साथ लगातार फोन पर संपर्क में थी, तो उसके परिवार को उसके ठिकाने की जानकारी थी या नहीं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के परिवार के सदस्यों को उसके हैदराबाद में रहने की जानकारी थी या नहीं। अगर उन्हें जानकारी थी, तो इतने वर्षों तक पुलिस को इस संबंध में सूचना क्यों नहीं दी गई, इसकी भी जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद इस पहलू पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

सात साल पुराने मामले के खुलासे से पुलिस को मिली सफलता

Mausam की बरामदगी को सात साल पुराने लंबित मामले में पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उस महिला तक पहुंचने में सफल रही, जिसका वर्ष 2019 से कोई पता नहीं चल पा रहा था।

एसआईटी ने पुराने मामले की जानकारी को दोबारा खंगालते हुए परिवार के संपर्कों और मोबाइल नंबरों की जांच की। इसी प्रक्रिया में पुलिस को वह सुराग मिला, जिसके आधार पर हैदराबाद में महिला की मौजूदगी की पुष्टि हुई।

एसआईटी टीम को किया जाएगा पुरस्कृत

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की बरामदगी में एसआईटी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। मामले में तकनीकी जांच से लेकर हैदराबाद जाकर महिला को बरामद करने तक टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस विभाग की ओर से एसआईटी में शामिल पुलिसकर्मियों को रिवॉर्ड देकर सम्मानित किए जाने की भी बात कही गई है। इससे लंबित मामलों की जांच में जुटी पुलिस टीमों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

अब कानूनी प्रक्रिया पर टिकी नजर

सात साल बाद मौसम के बरामद होने के बाद इस मामले की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है। महिला का मेडिकल परीक्षण, न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान और पुलिस की आगे की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

महिला ने पुलिस को अपनी इच्छा से जुबैर के साथ जाने और उसी के साथ रहने की बात बताई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति पुलिस जांच और न्यायालय में दर्ज होने वाले बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल मुंगेर पुलिस महिला के बयान, पुराने केस के तथ्यों, परिवार के संपर्क और हैदराबाद में उसके रहने की परिस्थितियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सात साल पुराने इस मामले में तकनीकी जांच के जरिए महिला तक पहुंचना पुलिस के लिए एक अहम सुराग साबित हुआ है।