जमशेदपुर: Karim City College के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में विद्यार्थियों के बीच पठन-पाठन की रुचि विकसित करने, रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने तथा आलोचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक चिंतन की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से “बुक रिव्यू” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तकों का चयन कर उनकी समीक्षा प्रस्तुत की और पुस्तक के कथानक, विषय-वस्तु, लेखन शैली, प्रमुख विचारों तथा संदेश पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल पुस्तकों के प्रति अपनी रुचि का प्रदर्शन किया, बल्कि किसी पुस्तक को पढ़ने और उसके विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करने की अपनी क्षमता भी प्रस्तुत की।

मुख्य अतिथि और निर्णायक मंडल के सदस्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में एस.डी.एस.एम. की प्राचार्या श्रीमती मौसमी दास मुख्य अतिथि एवं निर्णायक मंडल की सदस्य के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ करीम सिटी कॉलेज के प्रो. ए.के. दास और डॉ. तसनीम कौसर ने भी निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।

निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को विभिन्न मानकों के आधार पर परखा। इसमें पुस्तक की विषय-वस्तु की समझ, समीक्षा की गुणवत्ता, विचारों की स्पष्टता, अभिव्यक्ति, विश्लेषणात्मक क्षमता और प्रस्तुतीकरण के तरीके को प्रमुख आधार बनाया गया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों को अपनी चुनी हुई पुस्तकों के बारे में स्वतंत्र रूप से विचार रखने का अवसर मिला। इससे उनमें अपने विचारों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने और किसी रचना को आलोचनात्मक दृष्टि से समझने की क्षमता को भी बढ़ावा मिला।

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत कीं पसंदीदा पुस्तकों की समीक्षा

बुक रिव्यू प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग पुस्तकों का चयन किया। प्रतिभागियों ने चुनी गई पुस्तकों के कथानक और विषय-वस्तु को समझाते हुए उनके प्रमुख विचारों एवं संदेशों पर प्रकाश डाला।

विद्यार्थियों ने पुस्तक की लेखन शैली, पात्रों, घटनाक्रम, विचारधारा तथा लेखक द्वारा दिए गए संदेश जैसे विभिन्न पहलुओं को अपनी प्रस्तुतियों में शामिल किया। कई प्रतिभागियों ने पुस्तकों के विषय को अपने अनुभवों और विचारों से जोड़ते हुए भी अपनी बात रखी।

प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पुस्तक की कहानी बताना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को यह अवसर देना था कि वे किसी पुस्तक को पढ़कर उसके बारे में अपनी स्वतंत्र समझ विकसित करें और फिर उस समझ को प्रभावशाली ढंग से दूसरों के सामने प्रस्तुत करें।

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से साहित्य एवं पुस्तक-पठन के प्रति रुचि प्रदर्शित की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में विषय की समझ के साथ-साथ आत्मविश्वास और रचनात्मकता भी देखने को मिली। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति को ध्यानपूर्वक सुना और निर्धारित मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम से अलग सीखने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान करती हैं।

डॉ. बी.एन. त्रिपाठी ने बताया आयोजन का महत्व

कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी.एन. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बुक रिव्यू प्रतियोगिता जैसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को पढ़ने, विचार करने और अपने विचारों को प्रभावशाली तरीके से व्यक्त करने का सार्थक मंच प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पुस्तक पढ़ना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पढ़ी गई सामग्री को समझना, उसके विभिन्न पहलुओं पर विचार करना और अपनी समझ को तार्किक रूप से प्रस्तुत करना भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को इस तरह की रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने पुस्तक-पठन पर दिया जोर

इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने पुस्तक-पठन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से नियमित रूप से अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन व्यक्ति के ज्ञान के दायरे को विस्तृत करने के साथ-साथ उसकी सोचने और समझने की क्षमता को भी विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को तार्किक, स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. आफताब आलम ने विद्यार्थियों से कहा कि वे पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ ज्ञानवर्धक, साहित्यिक और विचारपरक पुस्तकों को पढ़ने की आदत विकसित करें।

निर्णायकों ने विभिन्न मानकों पर किया मूल्यांकन

प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का कई स्तरों पर मूल्यांकन किया। पुस्तक की विषय-वस्तु की समझ, समीक्षा की गुणवत्ता, अभिव्यक्ति की क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और प्रस्तुतीकरण को मूल्यांकन का आधार बनाया गया।

इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी पुस्तक की समीक्षा करते समय केवल उसकी कहानी या कथानक बताना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसके विषय, संदेश, लेखन शैली और लेखक के दृष्टिकोण को समझना भी आवश्यक है।

आलिया दिल्कस, सी. वंदना और अक्शा परवीन रहीं विजेता

प्रतियोगिता के परिणामों में आलिया दिल्कस, सी. वंदना और अक्शा परवीन ने विजेता के रूप में स्थान हासिल किया। उनकी प्रस्तुतियों को निर्णायक मंडल द्वारा सराहा गया।

विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों को साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी ऐसी रचनात्मक, साहित्यिक और बौद्धिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का भी माध्यम बनती हैं।

बुक रिव्यू प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पसंद की पुस्तकों पर स्वतंत्र रूप से विचार व्यक्त करने और अपनी अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने का अवसर मिला।

नालेन रसुल और साहिबा खान ने किया कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का सफल संचालन नालेन रसुल एवं साहिबा खान ने किया। उन्होंने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया और प्रतिभागियों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आभार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

बुक रिव्यू प्रतियोगिता का समापन सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों, निर्णायक मंडल के सदस्यों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में पुस्तक-पठन की आदत विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

Karim City College के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की यह पहल विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ साहित्य, विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम रही। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पुस्तकों का अध्ययन केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, अभिव्यक्ति और विश्लेषण क्षमता को भी मजबूत करता है।