जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ प्रस्तावित ‘सट्टा एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन’ को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सम्मेलन की सफलता और अभियान की आगे की रूपरेखा तय करने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में बिष्टुपुर स्थित उनके आवासीय कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सम्मेलन की तैयारियों, विभिन्न स्तरों पर लोगों को जोड़ने और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी के कथित नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों और आम लोगों की ओर से पुलिस-प्रशासन को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा, लेकिन अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय मुख्य लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना पुलिस का काम है।

छोटे लोगों की गिरफ्तारी से पूरा नेटवर्क खत्म नहीं होगा : सरयू राय

बैठक में Saryu Roy ने कहा कि 21 सितंबर को बारीडीह में आयोजित सभा के दौरान ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ सम्मेलन एवं अभियान चलाने की घोषणा की गई थी। उनके अनुसार, इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से ड्रग्स और सट्टे से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई में पकड़े गए लोग उनके अनुसार छोटे स्तर पर सक्रिय लोग हैं। उनका कहना था कि जब तक कथित नेटवर्क के मुख्य संचालकों या सरगनाओं तक पुलिस नहीं पहुंचती और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा।

सरयू राय ने पुलिस से ड्रग्स और सट्टेबाजी से जुड़े लिंक की जांच करने तथा इसके पीछे सक्रिय लोगों तक पहुंचने की मांग की।

पुलिस की कार्रवाई और नेटवर्क की जांच पर जोर

सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों का असर केवल उन लोगों तक सीमित नहीं रहता, जो इसमें प्रत्यक्ष रूप से शामिल होते हैं। इसके सामाजिक प्रभाव परिवारों और युवाओं तक भी पहुंचते हैं। इसलिए उन्होंने नेटवर्क की तह तक जाकर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

हाल के दिनों में उनके अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में भी सट्टेबाजी और ड्रग्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, निगरानी व्यवस्था और जागरूकता अभियान की चर्चा हुई है। उनके आधिकारिक बयान के अनुसार, अभियान में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियां और जागरूकता गतिविधियां जोड़ने की योजना भी रखी गई है।

गैर सरकारी संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा

बैठक में यह निर्णय भी सामने आया कि ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ पहले से काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों (NGOs) को अभियान से जोड़ा जाएगा। सरयू राय ने कहा कि जो संगठन इस दिशा में पहले से सक्रिय हैं, उनके अनुभव और सहयोग का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ऐसे गैर सरकारी संगठनों को 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि अभियान को केवल राजनीतिक या प्रशासनिक स्तर तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक संगठनों और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

27 सितंबर को बारीडीह में होगी अहम बैठक

सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 27 सितंबर, रविवार को बारीडीह स्थित कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक दोपहर 12.30 बजे से आयोजित होगी।

बैठक में सम्मेलन से जुड़ी विभिन्न समितियों के गठन, जिम्मेदारियों के निर्धारण और कार्यक्रम की तैयारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। आयोजकों की ओर से सम्मेलन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।

2 अक्टूबर को धालभूम क्लब में होगा सम्मेलन

‘सट्टा एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन’ का आयोजन 2 अक्टूबर, महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर किया जाना है। कार्यक्रम धालभूम क्लब में पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगा।

हालिया सार्वजनिक रिपोर्टों में भी सम्मेलन के धालभूम क्लब, साकची में आयोजित होने और इसकी अध्यक्षता जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में सट्टेबाजी और ड्रग्स के सामाजिक प्रभाव, युवाओं पर पड़ने वाले असर तथा इनके खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

परिवारों और युवाओं पर पड़ रहे प्रभाव की चर्चा

बैठक के दौरान सरयू राय ने कहा कि सट्टेबाजी और ड्रग्स के सेवन का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, इन गतिविधियों के कारण परिवारों में तनाव और अन्य सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को इन गतिविधियों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान को भी मजबूत किया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रस्तावित सम्मेलन को व्यापक सामाजिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

आयोजकों की ओर से पहले भी यह बताया गया है कि 2 अक्टूबर के बाद जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना है, जिसमें स्कूलों और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

महिलाओं से भी मिल रहा बेहतर रिस्पांस

सरयू राय ने कहा कि सम्मेलन की घोषणा के बाद लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि महिलाओं की भागीदारी और प्रतिक्रिया भी बेहतर रही है।

उनके अनुसार, ड्रग्स और सट्टेबाजी को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय इसके सामाजिक प्रभावों पर भी चर्चा आवश्यक है। परिवारों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।

समितियों के गठन की तैयारी

2 अक्टूबर के सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समितियों के गठन की तैयारी चल रही है। 27 सितंबर की बैठक में इन समितियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

इन समितियों के माध्यम से आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ-साथ अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारियां भी तय की जा सकती हैं। पहले की बैठकों में नगर और मोहल्ला स्तर पर लोगों को जोड़ने तथा जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।

सामाजिक संगठनों और आम लोगों की भागीदारी पर जोर

आयोजकों का कहना है कि ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। इसी वजह से अभियान में सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओं, युवाओं और आम नागरिकों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

सम्मेलन के माध्यम से लोगों को इन गतिविधियों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और समाज में इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू करने की योजना है।

बैठक में कई लोग रहे मौजूद

बिष्टुपुर स्थित आवासीय कार्यालय में आयोजित बैठक में सम्मेलन के संयोजक एवं सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी मनोज सिंह, मुकुल मिश्रा, सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, अमित शर्मा, नीरज सिंह, विवेक पाण्डेय और अरविंद कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

बैठक में सम्मेलन की तैयारियों और अभियान को आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। सभी ने सम्मेलन को प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर चर्चा की।

सम्मेलन के बाद चलेगा जागरूकता अभियान

आयोजकों के अनुसार, 2 अक्टूबर का सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बाद ड्रग्स और सट्टेबाजी के दुष्प्रभावों के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।

इस अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से जोड़ने, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा मोहल्ला स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने की बात पहले भी सामने आई है।

पुलिस और समाज दोनों की भूमिका पर जोर

Saryu Roy ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ लड़ाई में समाज और प्रशासन दोनों की भूमिका है। आम लोग और सामाजिक संगठन पुलिस को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध करा सकते हैं, जबकि आरोपियों की पहचान, जांच, गिरफ्तारी और नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है।

इसी सोच के साथ प्रस्तावित सम्मेलन को सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच संवाद का मंच बनाने की तैयारी की जा रही है।

2 अक्टूबर को होने वाले इस सम्मेलन में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। वहीं, 27 सितंबर की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ विभिन्न समितियों की घोषणा किए जाने की संभावना है।