जमशेदपुर: Jamshedpur पूर्वी सिंहभूम जिले के आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती चोरी, डकैती, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, जिला पूर्वी सिंहभूम ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आने से आम लोगों, व्यापारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। एसोसिएशन का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

आपराधिक घटनाओं से व्यापारियों में बढ़ी चिंता

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को सामने आई एक बड़ी आपराधिक वारदात ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने दावा किया है कि एक बैंक से लगभग 40 लाख रुपये से अधिक नकद तथा अनुमानतः एक से दो करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण लूटे जाने की जानकारी सामने आई है।

संगठन ने यह भी कहा कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर क्षेत्र की अन्य आभूषण दुकानों में चोरी की घटनाएं सामने आने की जानकारी मिली। इन घटनाओं के कारण व्यापारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होने की बात कही गई है।

एसोसिएशन का कहना है कि बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि व्यापारी और आम नागरिक बिना भय के अपना काम कर सकें।

वरीय पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण के बाद भी उठाए सवाल

प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण का भी उल्लेख किया है। एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस प्रशासन में बदलाव के बावजूद अपराध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी के स्थानांतरण मात्र से कानून-व्यवस्था की चुनौती समाप्त नहीं होती। इसके लिए लगातार निगरानी, बेहतर पुलिसिंग, मजबूत सूचना तंत्र और अपराधियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है।

रात में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने जिले में रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने की मांग की है। संगठन के मुताबिक संवेदनशील इलाकों, बाजारों, प्रमुख सड़कों और ऐसे स्थानों पर नियमित पेट्रोलिंग की जानी चाहिए जहां देर रात तक लोगों की आवाजाही रहती है।

एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया है। संगठन का कहना है कि नियमित पुलिस गश्ती से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित अपराधों को रोकने में मदद मिल सकती है।

प्रमुख चौक-चौराहों पर फ्लाइंग चेकिंग की मांग

संगठन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और प्रवेश-निकास मार्गों पर फ्लाइंग चेकिंग एवं सघन जांच अभियान चलाने की मांग की है।

एसोसिएशन के अनुसार संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के साथ-साथ अवैध हथियारों की आवाजाही पर भी नजर रखी जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि नियमित और प्रभावी जांच से अपराधियों पर कानून का भय कायम करने में सहायता मिल सकती है।

हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाने की मांग

जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम के प्रमुख बाजारों एवं संवेदनशील इलाकों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी एसोसिएशन ने जोर दिया है।

संगठन ने प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, संवेदनशील मार्गों और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाने की मांग की है।

एसोसिएशन के अनुसार ऐसे कैमरे लगाए जाने चाहिए जिनकी मदद से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और वाहनों की नंबर प्लेट को स्पष्ट रूप से पढ़ने में सहायता मिल सके। इसके साथ ही CCTV फुटेज की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों द्वारा उसके उपयोग की व्यवस्था भी मजबूत करने की मांग की गई है।

पुलिस के सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर

संगठन ने पुलिस के खुफिया और स्थानीय सूचना तंत्र को मजबूत करने की भी मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि अपराध की रोकथाम में स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में आधुनिक तकनीक, मोबाइल लोकेशन और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का कानून के अनुरूप इस्तेमाल करने की मांग की गई है। संगठन के मुताबिक तकनीकी संसाधनों और बेहतर सूचना तंत्र के माध्यम से अपराधियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।

नशे और जमीन से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी की मांग

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने जिले में नशे के कारोबार, जमीन की दलाली, अवैध खरीद-बिक्री और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी की मांग की है।

संगठन का कहना है कि इन गतिविधियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

एसोसिएशन ने प्रशासन से ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखने और शिकायत मिलने पर समयबद्ध जांच करने का आग्रह किया है।

यातायात व्यवस्था सुधारने की भी मांग

कानून-व्यवस्था के साथ-साथ संगठन ने जमशेदपुर की यातायात व्यवस्था में सुधार की जरूरत भी बताई है। एसोसिएशन ने परिवहन विभाग, ट्रक-ट्रेलर एसोसिएशन, बस संगठनों और तीनपहिया वाहन यानी टेंपो एसोसिएशन से निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

संगठन के अनुसार वाहन पंजीकरण, परमिट, निर्धारित ठहराव और अन्य परिवहन नियमों का पालन होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

एसोसिएशन का कहना है कि यातायात नियमों के पालन से आम लोगों को होने वाली परेशानियों को कम करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी बेहतर किया जा सकता है।

पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए

प्रेस विज्ञप्ति में सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से पुलिस एवं प्रशासन को निष्पक्ष रूप से काम करने देने का आग्रह किया गया है।

एसोसिएशन ने कहा कि किसी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अनुचित राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप से बचना चाहिए। संगठन के अनुसार कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी व्यक्ति को उसकी पहचान या प्रभाव के आधार पर विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने कहा कि वर्तमान समय आधुनिक तकनीक का है और पुलिस विभाग को उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।

संगठन ने बेहतर सूचना तंत्र, CCTV निगरानी, तकनीकी जांच और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। एसोसिएशन का मानना है कि इन माध्यमों के बेहतर इस्तेमाल से अपराधियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सकता है।

हर नागरिक की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी

एसोसिएशन ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में जीवन-यापन करना आम जनता का अधिकार है। व्यापारियों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और समाज के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संगठन ने कहा कि अगर आम लोगों को लगातार अपराध की घटनाओं को लेकर चिंता बनी रहती है तो इससे प्रशासन के प्रति भरोसे पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना भी जरूरी है।

राज्य सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से अपनी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।

संगठन ने रात्रि गश्ती बढ़ाने, फ्लाइंग चेकिंग तेज करने, CCTV नेटवर्क मजबूत करने, सूचना तंत्र को सुदृढ़ बनाने, नशे एवं संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने तथा यातायात व्यवस्था में सुधार जैसे कदम तत्काल उठाने की मांग की है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एस. एन. पाल ने कहा कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए जिससे पूर्वी सिंहभूम में कानून-व्यवस्था मजबूत हो और आम जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रहे।

संगठन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।