जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार DALSA जमशेदपुर की ओर से शनिवार को पटमदा क्षेत्र में विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश एवं डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में डालसा की जागरूकता मोबाइल वैन पटमदा पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानून की बुनियादी जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
बामनी चौक और बुरूडीह सबर बस्ती में पहुंची टीम
डालसा की जागरूकता टीम ने पटमदा के विभिन्न इलाकों में जाकर ग्रामीणों के साथ संवाद किया। बामनी चौक, बुरूडीह सबर बस्ती के आंगनबाड़ी केंद्र तथा खेड़ूआ पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों को एकत्र कर विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उन्हें कानून के माध्यम से मिलने वाली सहायता के बारे में भी बताया।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर कानूनी जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डालसा की ओर से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
DALSA के कार्य और उद्देश्य की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार यानी डालसा के कार्यों और उद्देश्यों के बारे में बताया गया। टीम ने समझाया कि जरूरतमंद और पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में विधिक सेवा संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि किसी कानूनी समस्या में आर्थिक कठिनाई के कारण व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सहायता की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर पात्र व्यक्ति कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मौलिक अधिकार और कर्तव्यों पर चर्चा
अभियान के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि संविधान नागरिकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है, लेकिन अधिकारों के साथ नागरिकों के कुछ कर्तव्य भी जुड़े हुए हैं।
टीम ने ग्रामीणों से कानून का पालन करने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और समाज के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। साथ ही राष्ट्र के विकास में नागरिकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
युवाओं की सामाजिक और लोकतांत्रिक भागीदारी पर जोर
डालसा की टीम ने युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करते हुए कहा कि देश और समाज के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को सामाजिक, आर्थिक और लोकतांत्रिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
उन्हें शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता के बारे में बताया गया। टीम ने कहा कि जागरूक युवा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
बाल विवाह और बाल संरक्षण कानून की जानकारी
जागरूकता अभियान में बाल विवाह को लेकर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में सहयोग करने की अपील की गई।
इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनों और प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। विशेष रूप से बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की स्थिति में कानून की मदद लेने के तरीकों के बारे में बताया गया।
मानव तस्करी और बाल श्रम के प्रति किया सचेत
ग्रामीण क्षेत्रों में मानव तस्करी और बाल श्रम जैसी समस्याओं को देखते हुए डालसा टीम ने लोगों को इनके प्रति भी जागरूक किया। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी व्यक्ति को बहला-फुसलाकर या धोखे से कहीं ले जाना और उसका शोषण करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
बच्चों से मजदूरी कराने के खिलाफ मौजूद कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए टीम ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
पॉक्सो एक्ट की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया। बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाले इस कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों को बताया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या यौन हिंसा की घटना होने पर मामले को छिपाने के बजाय संबंधित अधिकारियों या हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता लेनी चाहिए।
घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता
महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा प्रदान करने वाले कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि किसी महिला के साथ शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या अन्य प्रकार की हिंसा होने की स्थिति में वह कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती है।
ग्रामीण महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें हिंसा की स्थिति में चुप न रहने और उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
नशा उन्मूलन और डायन प्रथा के खिलाफ संदेश
DALSA की टीम ने नशा उन्मूलन को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया। नशे के कारण परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की गई।
इसके साथ ही डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि अंधविश्वास के नाम पर किसी व्यक्ति को प्रताड़ित करना या उसके साथ हिंसा करना कानूनन अपराध है। ग्रामीणों से ऐसी घटनाओं का विरोध करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई।
सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी
विधिक जागरूकता के साथ-साथ ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। टीम ने बताया कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी रखना जरूरी है।
ग्रामीणों से कहा गया कि यदि किसी सरकारी योजना का लाभ लेने में उन्हें परेशानी हो रही है तो संबंधित विभाग से संपर्क करने के साथ जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता भी ली जा सकती है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न आपातकालीन और सहायता सेवाओं के महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी बताए गए। इनमें—
- नालसा निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन – 15100
- चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
- पुलिस सेवा – 100/112
- महिला हिंसा हेल्पलाइन – 181
- साइबर अपराध हेल्पलाइन – 1930
शामिल हैं।
टीम ने ग्रामीणों को बताया कि किसी आपात स्थिति या कानूनी समस्या में सही समय पर संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। विशेष रूप से साइबर ठगी के मामलों में जल्द शिकायत करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी किया जागरूक
आज के समय में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए लोगों को ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। ग्रामीणों से कहा गया कि वे किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते की जानकारी, ATM या डेबिट कार्ड का विवरण और अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर अपराध होने की स्थिति में जल्द से जल्द 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
DALSA टीम के सदस्य रहे मौजूद
जागरूकता अभियान के दौरान डालसा की टीम में लीगल एड डिफेंस कौंसिल के सदस्य अभिनव श्रीवास्तव के साथ पीएलवी शिव शंकर महतो, नंदा रजक, बुद्धेश्वर मुर्मू, फटीक चंद्र महतो, मिथिलेश तिवारी, शंकर गोराई, दिलीप जायसवाल, नागेन्द्र कुमार, संजय तिवारी और अनिल कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
टीम के सदस्यों ने अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और कानूनी जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
ग्रामीणों को न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करना उद्देश्य
पटमदा में आयोजित यह जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों तक कानूनी जानकारी पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा। डालसा की मोबाइल वैन के माध्यम से ऐसे इलाकों में पहुंचकर लोगों को कानून, अधिकार, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या शोषण की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लें। साथ ही बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल श्रम, घरेलू हिंसा, नशा और अंधविश्वास जैसी सामाजिक समस्याओं के खिलाफ सामूहिक रूप से जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।




















