जमशेदपुर: Bistupur थाना क्षेत्र स्थित डी.डी. बार के पास हुए जानलेवा हमला और हत्या मामले में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस बहुचर्चित मामले में गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना के बाद फरार होने में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली है। इससे पहले इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

क्या है पूरा मामला?

27 जून 2026 की रात लगभग 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डी.डी. बार के समीप धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

घटना के बाद बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 84/2026 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर तत्काल विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया।

SIT ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जांच

गठित SIT ने मामले की जांच के दौरान कई आधुनिक और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया।

जांच में शामिल प्रमुख बिंदु रहे—

  • सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण
  • तकनीकी साक्ष्य
  • मानवीय आसूचना (Human Intelligence)
  • घटनास्थल से मिले अन्य सबूत
  • लगातार छापेमारी अभियान

इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पहले ही 14 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल

पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले ही प्राथमिकी और अप्राथमिकी से जुड़े कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

हालांकि कुछ आरोपी अभी भी फरार थे, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था।

दो और आरोपी पुलिस की गिरफ्त मे

लगातार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं—

1. राघवेन्द्र कुमार उर्फ रविन्द्र उर्फ घेरे
  • उम्र : लगभग 40 वर्ष
  • पिता : स्वर्गीय बाबूचंद राम
  • पता : C5/12, जय प्रभा कॉम्पलेक्स, ब्लॉक नंबर-05, कदमा, जमशेदपुर
2. गणेश मछुवा
  • उम्र : लगभग 34 वर्ष
  • पिता : छोटू मछुवा
  • पता : जय प्रकाश नगर, ब्लॉक नंबर-05, कदमा, जमशेदपुर

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फरार आरोपियों को भगाने में निभाई थी अहम भूमिका

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी गणेश मछुवा ने घटना के बाद मुख्य आरोपियों को छिपाने और फरार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पुलिस के अनुसार उसने मुख्य आरोपी—

  • विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा
  • राहुल दुबे
  • राघवेन्द्र कुमार उर्फ घेरे

को घटना के बाद सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की थी।

आरोपी की निशानदेही पर स्कूटी बरामद

गणेश मछुवा से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों के भागने में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली।

बरामद वाहन का विवरण—

  • वाहन: TVS एक्टिवा स्कूटी
  • रजिस्ट्रेशन नंबर: JH05EH6474

पुलिस का मानना है कि यह बरामदगी जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती है।

गणेश मछुवा का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस के अनुसार गणेश मछुवा का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

उसके खिलाफ शराब की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है और वह पूर्व में दो बार जेल भी जा चुका है।

पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच कर रही है।

मुख्य आरोपियों की तलाश जारी

हालांकि इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस अभी भी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

विशेष अनुसंधान दल विभिन्न संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा है ताकि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

मामले की जांच अभी भी जारी

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिष्टुपुर के डी.डी. बार के पास हुए चर्चित हमला और हत्या मामले में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। SIT ने अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें हाल ही में पकड़े गए राघवेन्द्र कुमार उर्फ घेरे और गणेश मछुवा भी शामिल हैं। घटना में इस्तेमाल स्कूटी की बरामदगी से जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।