जमशेदपुर: पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “एक Tree Plantation भविष्य के नाम” अभियान के तहत शनिवार को सोनारी दोमुहानी संगम घाट पर भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ओपन हार्ट फाउंडेशन (NGO) द्वारा किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पौधारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना था। आयोजन के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधे लगाकर प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथियों ने किया पौधारोपण

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो नगर निगम की महापौर श्रीमती सुधा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

पर्यावरण संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी

अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा-सा पौधा भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर न केवल ऑक्सीजन देगा, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने लोगों से अपने घरों, विद्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया।

बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कदमा टाटा वर्कर्स स्कूल एवं सोनारी मिथिला स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण विषयक नुक्कड़ नाटक रहा।

छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को वृक्षों के महत्व, बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और हरियाली बचाने की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि यदि आज पर्यावरण की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर प्राकृतिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है।

बच्चों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

हर पौधा भविष्य की सुरक्षा का प्रतीक

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि “एक पौधा भविष्य के नाम” अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे वातावरण को शुद्ध करने, तापमान नियंत्रित रखने, वर्षा चक्र को संतुलित करने और वन्यजीवों के संरक्षण में भी अहम योगदान देते हैं।

इसलिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।

गणमान्य लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप सिंह, पद्मश्री सम्मानित चामी मुर्मू, डीएफओ सबा आलम अंसारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण प्रेमी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से अधिक से अधिक पौधे लगाने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह के पौधारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी पहल

सोनारी दोमुहानी संगम घाट पर आयोजित “एक पौधा भविष्य के नाम” अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी ने इस आयोजन को सफल और प्रेरणादायी बनाया।

यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले समय में हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भारत का सपना साकार किया जा सकता है। यही इस अभियान का मूल उद्देश्य और सबसे बड़ा संदेश भी है।