जमशेदपुर: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त 2026 को Srinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के माध्यम से ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना तथा देश में खेल संस्कृति को और अधिक मजबूत करने के लिए युवाओं के विचारों एवं सुझावों को सामने लाना था।

देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस को युवा सहभागिता, खेल विकास, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ मनाया गया। इसी क्रम में देश के विभिन्न जिलों में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से देश के युवाओं और खिलाड़ियों को एक साझा मंच प्रदान किया गया, जहां वे खेलों के विकास, युवा नेतृत्व और विकसित भारत के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त कर सकें।

Srinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन में उत्साहपूर्ण आयोजन

Srinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के सांसद श्री विद्युतवरण महतो तथा द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता एवं प्रसिद्ध आर्चरी प्रशिक्षक श्रीमती पूर्णिमा महतो की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, एनएसएस वॉलंटियर, शिक्षक एवं कॉलेज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री जी के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना और खेल तथा युवा सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को समझा।

देशभर के युवाओं को प्रधानमंत्री ने किया संबोधित

‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी ने देशभर के 1600 से अधिक विभिन्न स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से मुख्यमंत्री, सांसद और मंत्री भी कार्यक्रम से जुड़े।

प्रधानमंत्री जी का संबोधन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करने वाला रहा। उन्होंने खेलों को केवल प्रतियोगिता या पदक जीतने तक सीमित न मानकर व्यक्तित्व निर्माण और जीवन के संघर्षों से सीखने का माध्यम बताया।

मेजर ध्यानचंद को किया गया याद

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए सभी देशवासियों और युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खेल जगत में मेजर ध्यानचंद के योगदान को स्मरण किया और कहा कि देश के युवाओं को खेलों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

मेजर ध्यानचंद का जीवन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। राष्ट्रीय खेल दिवस उनके जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है और इस दिन देशभर में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

खिलाड़ी की सफलता पूरे समाज की सफलता

प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा कि जब कोई खिलाड़ी सफलता प्राप्त करता है तो वह केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उसके परिवार, स्कूल, जिले और राज्य की भी सफलता होती है। एक खिलाड़ी की उपलब्धि से उसके क्षेत्र की पहचान भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के बाद दुनिया उस शहर या क्षेत्र को अलग नजरिए से देखने लगती है। इसलिए देश के अलग-अलग जिलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें उचित अवसर देना आवश्यक है।

जिलों में प्रतिभाओं की तलाश पर जोर

प्रधानमंत्री जी ने युवाओं और खेल से जुड़े लोगों से आह्वान किया कि देश के प्रत्येक जिले में मौजूद खेल प्रतिभाओं को तलाशने का प्रयास किया जाए। भारत में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिनमें खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है, लेकिन उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सुविधाओं के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को खेलों में विश्व स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करना है तो प्रतिभाओं की पहचान जमीनी स्तर से करनी होगी। स्कूल, कॉलेज, जिला और राज्य स्तर पर खेल प्रतिभाओं को अवसर देने की व्यवस्था को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी

प्रधानमंत्री जी ने 2036 ओलंपिक के संदर्भ में प्रतिभाओं के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को ओलंपिक में बड़ी उपलब्धियां हासिल करनी हैं तो इसके लिए आज से ही खिलाड़ियों को तैयार करना होगा।

उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर प्रदान किए जाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। भविष्य के बड़े खेल आयोजनों को ध्यान में रखते हुए देश को अभी से प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान और उनके विकास पर ध्यान देना होगा।

खेलों को सरकार का पूरा सहयोग

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार की ओर से खेलों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेलों को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इसका उदाहरण ‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे व्यापक कार्यक्रम हैं।

खेलों के विकास के लिए खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार, खेल संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और समाज के सामूहिक प्रयास से भारत में मजबूत खेल इको सिस्टम तैयार किया जा सकता है।

युवाओं के विचारों को मंच देने की पहल

‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान आयोजित युवा संवाद को भी विशेष महत्व दिया गया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि युवा संवाद के माध्यम से युवाओं के विचार सामने आएंगे और ये विचार देश के खेल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मंच का अधिक से अधिक सार्थक उपयोग करें। युवाओं के नए विचारों और सुझावों को सामने आने देना आवश्यक है, क्योंकि यही विचार विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

खेल सिखाता है गिरकर उठना

प्रधानमंत्री जी ने खेलों के जीवन में महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल हमें केवल चैंपियन बनना नहीं सिखाता, बल्कि गिरकर दोबारा उठना भी सिखाता है।

खेलों में जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। हार से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही खिलाड़ी की वास्तविक ताकत होती है। यही भावना जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने में मदद करती है।

उन्होंने युवाओं को खेल भावना, अनुशासन, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

युवा संवाद के चार प्रमुख विषय

‘खेलो इंडिया संवाद’ के अंतर्गत आयोजित युवा संवाद में चार प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इन विषयों का उद्देश्य खेलों के विकास के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना रहा।

1. खेल इको सिस्टम को मजबूत करना

पहला प्रमुख विषय खेल इको सिस्टम को मजबूत करना रहा। देश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, खेल संस्थानों, प्रशिक्षकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

एक मजबूत खेल इको सिस्टम के माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण और विकास को व्यवस्थित किया जा सकता है। इससे देश में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा और अधिक युवा खेलों को अपने करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित होंगे।

2. 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं का विकास

दूसरा प्रमुख विषय 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं का विकास रहा। भारत को भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए अभी से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है।

इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना देश के खेल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

3. युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी

तीसरे विषय के रूप में युवा नेतृत्व और शासन में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा की गई। भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। युवाओं को केवल रोजगार और शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।

युवा अपनी ऊर्जा, तकनीकी ज्ञान और नए विचारों के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने से लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

4. विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण

चौथा प्रमुख विषय विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण रहा। देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

युवाओं को शिक्षा, कौशल, खेल, तकनीक, नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देकर उन्हें सशक्त बनाया जा सकता है। सशक्त युवा ही मजबूत और विकसित भारत की नींव तैयार कर सकते हैं।

एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम के आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनएसएस विद्यार्थियों को समाज सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का कार्य करता है। ‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को खेल और राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्यों से जोड़ने में सहायक हैं।

एनएसएस स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव

Srinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। प्रधानमंत्री जी के संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को खेलों में करियर की संभावनाओं, प्रतिभा विकास, युवा नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

विद्यार्थियों ने समझा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, टीम भावना और संघर्ष से सीखने की क्षमता भी विकसित करता है।

खेल और शिक्षा का समन्वय आवश्यक

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों में भागीदारी भी आवश्यक है।

खेल विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के साथ-साथ समय प्रबंधन, अनुशासन, धैर्य और प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाते हैं। इसलिए शिक्षण संस्थानों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

कॉलेज परिवार की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी मधु शर्मा, सभी सहायक प्राध्यापक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलंटियर उपस्थित रहे।

कॉलेज परिवार की सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।

युवाओं के लिए संदेश

‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने भीतर की प्रतिभा को पहचानें और निरंतर प्रयास करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। खेलों में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत, अनुशासन और धैर्य भी आवश्यक है।

युवाओं को अपने विचारों और सुझावों को सामने लाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया। आज का युवा केवल भविष्य का नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान में भी देश के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार है।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी शिक्षा, कौशल, ऊर्जा, रचनात्मकता और तकनीकी क्षमता के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराने और उन्हें राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।

सफल आयोजन के लिए सभी का आभार

Srinath कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर को और अधिक सार्थक बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, प्राचार्या, शिक्षकों, एनएसएस पदाधिकारी, वॉलंटियर्स और विद्यार्थियों की सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाया।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल खेलों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर रहा, बल्कि उन्हें युवा नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका समझने का भी अवसर मिला।

Srinath खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त 2026 को श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक पहल साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से खेल, युवा नेतृत्व, प्रतिभा विकास और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर लाया गया।

प्रधानमंत्री जी के संबोधन ने युवाओं को खेलों के प्रति गंभीरता से आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि खिलाड़ी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उससे परिवार, स्कूल, जिला, राज्य और पूरे देश का गौरव बढ़ता है।

‘खेलो इंडिया संवाद’ के चार प्रमुख विषय—खेल इको सिस्टम को मजबूत करना, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं का विकास, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण—देश के युवा भविष्य की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण विषय हैं।

श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम रहा। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत के विकसित और सशक्त भविष्य के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी तथा खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।