फरीदाबाद: डबुआ कॉलोनी स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी School में मंगलवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा जानवी ने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गंभीर रूप से घायल छात्रा को स्कूल स्टाफ तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकला, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। छात्रा की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना को लेकर अलग दावा किया गया है। मृतका के पिता ने जहां बेटी को कथित तौर पर सजा दिए जाने का आरोप लगाया है, वहीं स्कूल प्रबंधन ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

तीसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर हुई छात्रा

बताया जा रहा है कि मंगलवार को जानवी स्कूल में अपनी कक्षा में मौजूद थी। इसी दौरान वह कथित तौर पर तीसरी मंजिल तक पहुंच गई और वहां से नीचे गिर गई। घटना के बाद स्कूल में मौजूद स्टाफ और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया।

छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। स्कूल स्टाफ उसे लेकर अस्पताल की ओर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

छात्रा की अचानक हुई मौत से परिवार के लोग सदमे में हैं। घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर स्कूल परिसर में ऐसा क्या हुआ जिसके बाद छात्रा तीसरी मंजिल तक पहुंची।

पिता ने लगाया चार घंटे तक सजा देने का आरोप

मृतका के पिता प्रमोद कुमार ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी की कक्षा में छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पिता के मुताबिक, इस विवाद में जानवी की कोई गलती नहीं थी, इसके बावजूद उसे कथित रूप से सजा दी गई।

प्रमोद कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी को लगभग चार घंटे तक कक्षा से बाहर धूप में खड़ा रखा गया। पिता का कहना है कि इस दौरान उनकी बेटी मानसिक रूप से काफी परेशान और आहत हुई।

परिजनों के अनुसार, इसी घटना के बाद छात्रा स्कूल की तीसरी मंजिल तक पहुंची और वहां से नीचे गिर गई। पिता ने स्कूल में छात्रा के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हालांकि, पिता द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा को वास्तव में किसी प्रकार की सजा दी गई थी या नहीं।

स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन ने छात्रा के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। स्कूल के प्रधानाचार्य आरपी शर्मा ने कहा कि छात्रा को किसी प्रकार की सजा नहीं दी गई थी।

प्रधानाचार्य के अनुसार, जानवी कक्षा में मौजूद थी और उसने वॉशरूम जाने की बात कही थी। इसके बाद वह कक्षा से बाहर चली गई। प्रबंधन के मुताबिक, बाद में छात्रा स्कूल की तीसरी मंजिल तक पहुंच गई और वहां से नीचे छलांग लगा दी।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा को किसी तरह की सजा देने या धूप में खड़ा रखने की बात सही नहीं है। प्रबंधन की ओर से घटना के संबंध में अपना पक्ष पुलिस के सामने रखने की बात कही गई है।

पिता और स्कूल के बयानों में अंतर

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रा के पिता और स्कूल प्रबंधन के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। पिता का कहना है कि छात्रा को लंबे समय तक कथित रूप से सजा दी गई, जबकि प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्रा को कोई सजा नहीं दी गई थी।

दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के सामने अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि घटना से पहले छात्रा के साथ स्कूल में क्या हुआ था।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि छात्रा किन परिस्थितियों में तीसरी मंजिल तक पहुंची और उस समय स्कूल में कौन-कौन से कर्मचारी या विद्यार्थी आसपास मौजूद थे।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्रा के परिवार के सदस्यों और स्कूल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है। घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए स्कूल परिसर में मौजूद परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि छात्रा के कक्षा से बाहर निकलने के बाद क्या हुआ। साथ ही, स्कूल में मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा सकती है।

मामले में यदि स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो पुलिस उनके फुटेज की भी जांच कर सकती है। इससे छात्रा के कक्षा से निकलने से लेकर तीसरी मंजिल तक पहुंचने के बीच की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

घटना से पहले क्या हुआ, जांच का अहम हिस्सा

किसी भी ऐसी घटना में घटना से पहले की परिस्थितियां बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए पुलिस के सामने यह पता लगाना जरूरी है कि छात्रा और अन्य छात्राओं के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था और क्या उस विवाद के बाद छात्रा के साथ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।

यदि पिता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह भी जांच का विषय होगा कि छात्रा को किस कारण से और किस प्रक्रिया के तहत सजा दी गई। वहीं, यदि स्कूल प्रबंधन का पक्ष सही पाया जाता है, तो यह पता लगाना होगा कि छात्रा तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची और वहां उसकी मौजूदगी पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी।

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

परिवार में पसरा मातम

जानवी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। 16 वर्षीय छात्रा की अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि जो बच्ची सुबह स्कूल गई थी, वह अब उनके बीच नहीं है।

परिजन घटना की पूरी सच्चाई सामने आने और जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, पुलिस का प्रयास है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए परिसर में पर्याप्त निगरानी और जिम्मेदार स्टाफ की मौजूदगी जरूरी होती है।

विशेषकर बहुमंजिला स्कूल भवनों में छत, सीढ़ियों और अन्य संवेदनशील स्थानों तक विद्यार्थियों की पहुंच को लेकर सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल इस घटना को लेकर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। एक ओर मृतका के पिता ने छात्रा को कथित रूप से सजा दिए जाने का आरोप लगाया है, वहीं स्कूल प्रबंधन ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है।

ऐसे में जल्दबाजी में किसी एक पक्ष को सही या गलत ठहराना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस किन तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई करती है, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल 16 वर्षीय छात्रा की मौत ने परिवार, स्कूल और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।