जमशेदपुर: पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पोटका के पूर्व जिला Council करुणा मय मंडल के लगातार प्रयास और संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क के बाद आखिरकार क्षेत्र के चार खराब चापाकलों की मरम्मत कर दी गई। इनमें माटकु पंचायत के तीन तथा डोमजूडी पंचायत का एक खराब चापाकल शामिल है।
लंबे समय से खराब पड़े चापाकलों के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर ग्रामीण महिलाओं को पानी की व्यवस्था के लिए दूर-दराज के स्थानों पर जाना पड़ रहा था। ऐसे में चापाकलों की मरम्मत होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद पूर्व पार्षद ने उठाया मामला
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों पूर्व ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की समस्या से पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल को अवगत कराया गया था।

ग्रामीणों ने बताया था कि कई स्थानों पर चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं और उनके खराब रहने के कारण लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्व जिला पार्षद श्री मंडल ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधना शुरू किया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रखंड जेई से लेकर स्क्रूटिव स्तर के अधिकारियों तक से संपर्क कर समस्या की जानकारी दी।
बारिश के मौसम में पेयजल की समस्या को लेकर जताई चिंता
पूर्व जिला पार्षद ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के मौसम में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के महत्व से भी अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में यदि ग्रामीणों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो तो विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। दूषित पानी के कारण ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विभाग से खराब पड़े चापाकलों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का अनुरोध किया था।
काफी मशक्कत के बाद विभागीय मिस्त्री ने की मरम्मत
ग्रामीणों की समस्या को विभाग तक पहुंचाने के बाद भी चापाकलों की मरम्मत तत्काल नहीं हो सकी। इसके लिए पूर्व जिला पार्षद को लगातार अधिकारियों से संपर्क करना पड़ा।
काफी मशक्कत और प्रयास के बाद आखिरकार विभागीय मिस्त्री द्वारा आज क्षेत्र में खराब पड़े चार चापाकलों की मरम्मत कर दी गई।
इनमें माटकु पंचायत के तीन चापाकल तथा डोमजूडी पंचायत का एक चापाकल शामिल है।
तिलाईडीह स्कूल के सामने का चापाकल भी हुआ चालू
मरम्मत किए गए चापाकलों में तिलाईडीह स्कूल के सामने स्थित चापाकल भी शामिल है।
स्कूल और आसपास के ग्रामीणों के लिए यह चापाकल काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लंबे समय से खराब पड़े इस चापाकल के दोबारा चालू होने से आसपास के लोगों को पेयजल की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
चापाकल से पानी निकलते ही स्थानीय ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली।
तात्कालिक मरम्मत, अभी पूरी तरह समस्या का समाधान नहीं
हालांकि विभाग द्वारा चार चापाकलों की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन इसे अभी पूर्ण मरम्मत नहीं कहा जा सकता।
बताया गया कि पाइप की अनुपलब्धता के कारण चापाकलों की संपूर्ण मरम्मत नहीं हो पाई है। फिलहाल विभागीय स्तर पर तात्कालिक मरम्मत की गई है, जिससे चापाकल से पानी निकलना शुरू हो गया है।
इस स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल राहत तो मिली है, लेकिन चापाकलों को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए आवश्यक पाइप उपलब्ध कराकर स्थायी मरम्मत करना जरूरी होगा।
महीनों बाद चापाकल से पानी निकलते देख ग्रामीणों में खुशी
लंबे समय से खराब पड़े चापाकलों से जब महीनों बाद पानी निकलना शुरू हुआ तो ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
विशेषकर ग्रामीण महिलाओं ने राहत की सांस ली। गांवों में पेयजल की व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और खराब चापाकलों के कारण उन्हें पानी के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी।
चापाकल चालू होने से महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को अपने आसपास ही पानी उपलब्ध होने की सुविधा मिल गई है।
ग्रामीणों ने इस प्रयास के लिए पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल की सराहना की और कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं को गंभीरता से उठाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने पूर्व जिला पार्षद के प्रयास की सराहना की
चापाकल की मरम्मत होने के बाद ग्रामीणों ने पूर्व जिला पार्षद के प्रयास की प्रशंसा की।
ग्रामीणों का कहना था कि खराब चापाकलों की समस्या को विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाने और लगातार उसका फॉलोअप करने से आखिरकार उन्हें राहत मिली है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिन अन्य स्थानों पर चापाकल खराब पड़े हैं, उनकी भी जल्द मरम्मत कराई जाएगी ताकि किसी भी परिवार को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।
पूर्व जिला पार्षद ने विभाग को दिया धन्यवाद
ग्रामीणों की समस्या के समाधान की दिशा में विभागीय मिस्त्री द्वारा की गई कार्रवाई पर पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को समझते हुए विभाग द्वारा चापाकलों की मरम्मत की गई, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाइप की कमी के कारण कुछ चापाकलों की पूर्ण मरम्मत अभी बाकी है। इसलिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर इनकी स्थायी मरम्मत कराना जरूरी है।
अन्य खराब चापाकलों की सूची भी विभाग को सौंपी
पूर्व जिला पार्षद श्री मंडल ने केवल चार चापाकलों की मरम्मत तक ही अपना प्रयास सीमित नहीं रखा। उन्होंने क्षेत्र में अन्य स्थानों पर खराब पड़े चापाकलों की सूची भी संबंधित विभाग को सौंप दी है।
उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि सूची में शामिल सभी खराब चापाकलों की जांच कर जल्द से जल्द उनकी मरम्मत कराई जाए।
उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल लोगों की बुनियादी जरूरत है और इसके लिए प्रशासन तथा संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए।
पाइप की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग
चापाकलों की तात्कालिक मरम्मत के बाद अब ग्रामीणों और पूर्व जिला पार्षद की प्रमुख मांग है कि आवश्यक पाइप एवं अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
यदि पाइप उपलब्ध नहीं कराया गया तो कुछ चापाकल दोबारा खराब हो सकते हैं या उनकी जलापूर्ति पूरी क्षमता से नहीं हो पाएगी।
इसलिए विभाग से मांग की गई है कि आवश्यक सामग्री जल्द उपलब्ध कराकर चापाकलों की पूर्ण एवं स्थायी मरम्मत कराई जाए।
जनता की मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार प्रयास जारी
पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा कि जनता द्वारा बताई गई समस्याओं को विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान तक लगातार फॉलोअप किया जाना जरूरी है।
चार चापाकलों की मरम्मत से ग्रामीणों को मिली राहत को उन्होंने सकारात्मक कदम बताया और उम्मीद जताई कि विभाग अन्य खराब चापाकलों की मरम्मत की दिशा में भी जल्द कार्रवाई करेगा।
ग्रामीणों की उम्मीद बाकी खराब चापाकल भी जल्द होंगे दुरुस्त
चार चापाकलों की मरम्मत के बाद अब ग्रामीणों की नजर उन अन्य चापाकलों पर है, जो अभी भी खराब पड़े हुए हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि पूर्व जिला पार्षद द्वारा विभाग को सौंपी गई सूची के आधार पर जल्द ही अन्य चापाकलों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
बरसात के मौसम को देखते हुए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में खराब चापाकलों को जल्द से जल्द दुरुस्त करना ग्रामीणों के हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।
पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल के प्रयास के बाद माटकु पंचायत के तीन और डोमजूडी पंचायत के एक चापाकल की मरम्मत होने से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली है। हालांकि पाइप की कमी के कारण मरम्मत पूरी तरह स्थायी नहीं हो सकी है।
अब जरूरत है कि विभाग आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर इन चापाकलों की संपूर्ण मरम्मत करे और पूर्व जिला पार्षद द्वारा सौंपी गई अन्य खराब चापाकलों की सूची पर भी जल्द कार्रवाई करे, ताकि ग्रामीणों को नियमित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।




















