जमशेदपुर: Nikhar सबलोक हत्याकांड की चर्चा और पुलिस की जांच के बीच जमशेदपुर में एक कारोबारी से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। सोनारी थाना क्षेत्र के आशियाना गार्डेन आर्किड अपार्टमेंट निवासी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी नवल सोंथालिया को पिछले छह दिनों के दौरान कई बार फोन कर रंगदारी की मांग की गयी। रकम नहीं देने पर कारोबारी को हत्या करने की धमकी भी दी गयी। इतना ही नहीं, फोन करने वाले ने पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कारोबारी और उसके परिजन दहशत में हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नौ सितंबर को सिटी एसपी से शिकायत किये जाने के बाद सोनारी थाना में विशाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फोन करने वाला वास्तव में विशाल सिंह ही था या किसी दूसरे व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल कर कारोबारी को धमकाया है।
छह दिनों तक लगातार आते रहे रंगदारी के फोन
बताया गया है कि कारोबारी नवल सोंथालिया को लगातार छह दिनों तक अलग-अलग समय पर फोन किये गये। फोन करने वाले ने उनसे रंगदारी की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।

धमकी मिलने के बाद कारोबारी ने मामले की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों को दी। शिकायत के बाद पुलिस ने फोन नंबरों की जांच शुरू कर दी है। लगातार फोन आने के कारण कारोबारी परिवार में भी भय का माहौल है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रंगदारी मांगने वाला व्यक्ति कौन है और वह किस आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले का निखार सबलोक हत्याकांड के बाद शहर में सक्रिय हुए किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस को सूचना देने पर भी दी गयी धमकी
रंगदारी मांगने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कारोबारी को पुलिस को सूचना नहीं देने की चेतावनी भी दी। फोन करने वाले ने कहा कि यदि मामले की जानकारी पुलिस को दी गयी तो कारोबारी को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इसके बावजूद नवल सोंथालिया ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती फोन करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान सामने लाना है।
सीडीआर और मोबाइल नंबर की जांच में जुटी पुलिस
मामले की जांच में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है। जिस मोबाइल नंबर से कारोबारी को फोन किया गया, उसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर, मोबाइल लोकेशन और कॉल के समय से जुड़ी जानकारियों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित मोबाइल नंबर किसके नाम पर है और उसका इस्तेमाल किस स्थान से किया गया। साथ ही फोन करने वाले व्यक्ति की गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जानकारी जुटायी जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि नामजद विशाल सिंह और धमकी देने वाले व्यक्ति के बीच कोई संबंध है या नहीं।
कारोबारी नवल सोंथालिया का पारिवारिक कारोबार
नवल सोंथालिया इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के कारोबारी हैं। उनके पिता सुशील सोंथालिया भी कारोबारी हैं। बताया गया है कि नवल का टाटा स्टील में भी कारोबार चलता है।
शिकायतकर्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया के रिश्तेदार भी बताये गये हैं। ऐसे में कारोबारी परिवार को धमकी मिलने के बाद व्यवसायी वर्ग में भी चिंता बढ़ गयी है।
परिजनों का कहना है कि लगातार धमकी भरे फोन आने से परिवार के लोगों में डर का माहौल है। कारोबारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी जा रही है।
गैंग कनेक्शन ने बढ़ायी पुलिस की सक्रियता
मामले में नामजद किये गये विशाल सिंह को लेकर पुलिस अब पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे विशाल सिंह का पूरा पता मालूम नहीं है।
हालांकि आपराधिक मामलों से जुड़े रिकॉर्ड और चर्चाओं के अनुसार विशाल सिंह का नाम देहरादून में अखिलेश सिंह से जुड़े विक्रम शर्मा हत्याकांड तथा दुमका में मानगो निवासी अमरनाथ सिंह की हत्या के मामले में सामने आने की बात कही गयी है।
बताया जाता है कि देहरादून पुलिस ने विशाल सिंह पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह पूर्व में बागबेड़ा के गाराबासा इलाके में रहने की बात भी सामने आयी है।
विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद ठिकाने की हुई थी कुर्की
बताया गया है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद विशाल सिंह के जुगसलाई गौशाला सिनेमा रोड स्थित ठिकाने की देहरादून पुलिस ने कुर्की की थी। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम गणेश सिंह गिरोह से जुड़े व्यक्ति के रूप में सामने आने की बात कही जा रही है।
इन्हीं पुराने आपराधिक कनेक्शनों के कारण वर्तमान रंगदारी मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है। हालांकि किसी व्यक्ति का पुराने मामलों में नाम सामने आना वर्तमान घटना में उसकी संलिप्तता का स्वत: प्रमाण नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रंगदारी मांगने के पीछे कौन लोग हैं।
क्या निखार हत्याकांड के बाद सक्रिय हुआ कोई नेटवर्क?
जमशेदपुर में निखार सबलोक हत्याकांड के बाद कारोबारी को रंगदारी के लिए धमकी मिलने से पुलिस कई संभावित कोणों से जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रंगदारी मांगने वाला गिरोह शहर में किसी पुराने आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा है। साथ ही यह संभावना भी जांची जा रही है कि कहीं किसी पुराने अपराधी के नाम का इस्तेमाल कर कारोबारी को डराने की कोशिश तो नहीं की गयी।
फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
11 महीने बाद फिर कारोबारी से रंगदारी की मांग
शहर में कारोबारियों से रंगदारी मांगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब 11 माह पहले भुइयांडीह निवासी कारोबारी हरेराम सिंह से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था।
अब नवल सोंथालिया को लगातार धमकी भरे फोन आने से कारोबारी वर्ग में फिर से चिंता बढ़ गयी है। कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से व्यवसाय करने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
पुलिस के सामने चुनौती यह है कि रंगदारी मांगने वालों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और शहर में कारोबारियों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम किया जाए।
परसुडीह से भी अखिलेश सिंह के नाम पर फोन की सूचना
पुलिस को यह जानकारी भी दी गयी है कि परसुडीह क्षेत्र से नवल सोंथालिया को अखिलेश सिंह के नाम पर रंगदारी के लिए फोन किया गया था। पुलिस इन कॉल को भी मौजूदा मामले से जोड़कर देख रही है।
जांच अधिकारियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि सभी फोन एक ही व्यक्ति या नेटवर्क से किये गये थे या अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग नंबरों से धमकी दी।
कॉल के स्रोत, मोबाइल नंबर की लोकेशन, सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जुगसलाई के कारोबारियों को भी मिल चुकी है रंगदारी की धमकी
जमशेदपुर के जुगसलाई इलाके में भी कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे ही एक मामले में कई आपराधिक मामलों के आरोपित मनीष सिंह और उसके सहयोगियों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगा था।
बताया गया था कि रंगदारी नहीं देने पर शोरूम में फायरिंग की गयी थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
इन घटनाओं को देखते हुए वर्तमान मामले में पुलिस की सक्रियता बढ़ गयी है। कारोबारी वर्ग भी उम्मीद कर रहा है कि पुलिस जल्द ही धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंचेगी।
फोन करने वाला विशाल सिंह है या कोई और, जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल यही है कि नवल सोंथालिया को फोन कर रंगदारी मांगने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन है। प्राथमिकी में विशाल सिंह का नाम दर्ज है, लेकिन पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से इसकी पुष्टि करने में जुटी है।
यदि फोन करने वाला व्यक्ति वास्तव में विशाल सिंह निकला तो उसके पुराने आपराधिक नेटवर्क और वर्तमान घटना के बीच संबंधों की जांच महत्वपूर्ण होगी। वहीं, यदि किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल किया है तो पुलिस के सामने उस व्यक्ति की पहचान करना और उसके उद्देश्य का पता लगाना चुनौती होगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रंगदारी की रकम कितनी मांगी गयी थी और धमकी देने वाले व्यक्ति की कारोबारी से क्या जानकारी थी।
निखार हत्याकांड के बाद सामने आये इस रंगदारी मामले ने जमशेदपुर में पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। खासकर कारोबारी को लगातार फोन कर हत्या की धमकी दिये जाने से मामला गंभीर हो गया है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और संभावित गिरफ्तारी पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले के पीछे अकेला व्यक्ति है या किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की भूमिका है।




















