बड़ी आंत का कैंसर जिसे बाउल Cancer या कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, एक गंभीर बीमारी है। हालांकि, अगर इसके शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और सही समय पर जांच व इलाज शुरू हो जाए, तो बीमारी को नियंत्रित करने और उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है। समस्या यह है कि इसके कई शुरुआती लक्षण सामान्य पेट की परेशानी जैसे दिखाई देते हैं। यही वजह है कि लोग लंबे समय तक इन्हें नजरअंदाज करते रहते हैं।

खास तौर पर मल में खून आना और मल त्याग की आदत में लगातार बदलाव ऐसे संकेत हैं, जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है, लेकिन इनकी वजह पता करने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

क्या है बड़ी आंत का कैंसर?

बड़ी आंत हमारे पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह छोटी आंत के बाद आती है और इसके अंतिम हिस्से को रेक्टम कहा जाता है। बड़ी आंत भोजन से पानी और कुछ अन्य पदार्थों को अवशोषित करने तथा शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जब बड़ी आंत या रेक्टम की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं और अनियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं, तो कैंसर विकसित हो सकता है। बीमारी की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कैंसर कितना बढ़ चुका है और क्या वह शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल गया है।

इसीलिए शुरुआती संकेतों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

मल त्याग की आदत में अचानक बदलाव

बाउल कैंसर के प्रमुख संकेतों में मल त्याग की आदत में लगातार बदलाव शामिल हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पहले सामान्य रूप से मल त्याग होता था, लेकिन अचानक लंबे समय तक कब्ज या दस्त की समस्या रहने लगे, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।

कुछ लोगों में सामान्य से ज्यादा बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस हो सकती है, जबकि कुछ लोगों को पहले की तुलना में कम बार मल त्याग हो सकता है। मल के स्वरूप में लगातार बदलाव भी ध्यान देने योग्य है।

हालांकि, कब्ज या दस्त के कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल इस एक लक्षण के आधार पर कैंसर की आशंका नहीं करनी चाहिए।

मल में खून आना क्यों है महत्वपूर्ण संकेत?

मल में खून दिखाई देना ऐसा लक्षण है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खून चमकीले लाल रंग का हो सकता है या कभी-कभी मल का रंग काला और तारकोल जैसा भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि, मल में खून आने के पीछे केवल कैंसर ही कारण नहीं होता। बवासीर, गुदा में दरार और पाचन तंत्र से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।

फिर भी अगर खून बार-बार दिखाई दे रहा है या इसके साथ अन्य लक्षण भी मौजूद हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

मलद्वार से बार-बार खून निकलना

अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के मलद्वार से बार-बार रक्तस्राव हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर छोड़ना उचित नहीं है। खासकर तब जब यह समस्या लगातार बनी हुई हो या इसके साथ वजन कम होना, पेट दर्द अथवा मल त्याग की आदत में बदलाव जैसी शिकायतें भी हों।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर लक्षणों के आधार पर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं।

टॉयलेट के बाद भी पेट साफ न होने का एहसास

कुछ लोगों को मल त्याग करने के बाद भी ऐसा लगता है कि उनका पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है और उन्हें दोबारा टॉयलेट जाने की जरूरत है।

अगर यह एहसास कभी-कभार हो तो इसके कई सामान्य कारण हो सकते हैं। लेकिन लगातार ऐसा महसूस होना, खासकर अन्य लक्षणों के साथ, चिकित्सकीय जांच की वजह बन सकता है।

पेट में दर्द या गांठ महसूस होना

लगातार पेट दर्द रहना भी कई अलग-अलग बीमारियों का संकेत हो सकता है। यदि पेट दर्द लंबे समय तक बना रहता है, बार-बार होता है या उसके साथ पेट में किसी तरह की गांठ अथवा असामान्य कठोरता महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

पेट में गांठ महसूस होना हर बार कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन इसकी वजह की जांच जरूरी है।

लंबे समय तक पेट फूलना भी करें नजरअंदाज

कभी-कभार गैस या पेट फूलना सामान्य हो सकता है। खान-पान, गैस, कब्ज या दूसरी पाचन संबंधी समस्याओं के कारण भी ऐसा हो सकता है।

लेकिन अगर पेट लगातार फूला हुआ, भारी या असहज महसूस होता है और समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसे केवल गैस समझकर लगातार टालना ठीक नहीं है। डॉक्टर से सलाह लेकर कारण पता करना बेहतर होता है।

बिना कोशिश वजन कम होना

अगर डाइट में बदलाव या एक्सरसाइज बढ़ाए बिना ही किसी व्यक्ति का वजन लगातार कम हो रहा है, तो इस पर ध्यान देना चाहिए।

बिना कोशिश वजन कम होना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में भी अनजाने में वजन कम हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक ऐसा होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

लगातार थकान और कमजोरी

बाउल कैंसर से जुड़े मामलों में लगातार थकान और कमजोरी की शिकायत भी हो सकती है। इसका एक संभावित कारण लंबे समय तक होने वाला रक्तस्राव और उससे जुड़ा एनीमिया हो सकता है।

अगर पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार कमजोरी महसूस होती है या रोजमर्रा के काम करने में भी जल्दी थकान होने लगी है, तो डॉक्टर से संपर्क करना उचित है।

थोड़ी मेहनत में सांस फूलना

एनीमिया की स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके कारण कुछ लोगों को कमजोरी के साथ चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने जैसी समस्या महसूस हो सकती है।

हालांकि सांस फूलने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए इसे देखकर खुद से कैंसर का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

ये 2 लक्षण दिखें तो रहें खास सतर्क

बड़ी आंत के कैंसर के कई संभावित संकेत हो सकते हैं, लेकिन दो लक्षण विशेष रूप से ध्यान देने योग्य हैं—

1. मल में खून आना

अगर मल में लाल या काला खून बार-बार दिखाई देता है, तो इसकी वजह की जांच करवानी चाहिए।

2. मल त्याग की आदत में लगातार बदलाव

अगर लंबे समय तक कब्ज, दस्त, बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत या मल त्याग के तरीके में असामान्य बदलाव बना हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

ध्यान रखें कि इन दोनों लक्षणों का मतलब कैंसर होना नहीं है। कई अन्य बीमारियों में भी ये समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन सही कारण पता करना जरूरी है।

किन लोगों में बढ़ सकता है बाउल कैंसर का खतरा?

बाउल कैंसर का कोई एक निश्चित कारण नहीं माना जाता। इसके पीछे आनुवंशिक कारणों के साथ-साथ उम्र, जीवनशैली और कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भूमिका निभा सकती हैं।

कुछ लोगों में इसका जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। इनमें—

  • अधिक उम्र के लोग, खासकर उम्र बढ़ने के साथ जोखिम बढ़ना
  • धूम्रपान करने वाले लोग
  • मोटापे से जूझ रहे लोग
  • परिवार में करीबी रिश्तेदार को बाउल कैंसर रहा हो
  • बाउल पॉलीप्स का इतिहास
  • इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज यानी IBD से पीड़ित लोग

शामिल हो सकते हैं।

परिवार में कैंसर का इतिहास हो तो रहें सावधान

अगर परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार को बाउल कैंसर हो चुका है, तो व्यक्ति को अपने जोखिम के बारे में डॉक्टर से चर्चा करनी चाहिए। कुछ मामलों में पारिवारिक इतिहास के कारण स्क्रीनिंग या जांच की जरूरत सामान्य व्यक्ति की तुलना में अलग हो सकती है।

इसलिए परिवार में कैंसर का इतिहास होने पर इसे डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर मल में खून दिखाई दे रहा है, टॉयलेट की आदत लंबे समय से बदली हुई है, लगातार पेट दर्द या पेट फूलने की समस्या है, बिना कोशिश वजन घट रहा है या लगातार कमजोरी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए।

डॉक्टर आपके लक्षणों, उम्र, पारिवारिक इतिहास और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के आधार पर जरूरी जांच की सलाह दे सकते हैं।

जांच से ही पता चलता है बीमारी का सही कारण

लक्षण देखकर खुद से यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को बाउल कैंसर है या नहीं। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच, मल की जांच, कोलोनोस्कोपी या अन्य जांचों की सलाह दे सकते हैं।

किसी भी जांच की जरूरत व्यक्ति के लक्षण और चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करती है।

लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें

बड़ी आंत के कैंसर से जुड़े लक्षणों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। मल में खून, कब्ज, दस्त, पेट दर्द या पेट फूलना कई सामान्य बीमारियों में भी हो सकता है। लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय से बनी हुई है, तो उसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात है कि व्यक्ति खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह ले और जरूरत पड़ने पर जांच करवाए।

समय पर पहचान हो तो इलाज में मिल सकती है मदद

किसी भी गंभीर बीमारी की तरह बाउल कैंसर में भी समय पर पहचान महत्वपूर्ण होती है। शुरुआती संकेतों पर ध्यान देने और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय जांच कराने से बीमारी का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

इसलिए मल में खून आना या लंबे समय तक टॉयलेट की आदत में बदलाव जैसी समस्या को सामान्य समझकर टालने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।