जमशेदपुर। विद्यार्थियों में उद्यमिता की सोच विकसित करने और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने स्वावलंबी ओडिशा के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य नवाचार, स्टार्टअप, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना है।
एमओयू पर श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. याह्या मजूमदार और स्वावलंबी ओडिशा के अध्यक्ष सदाशिबा मिश्रा ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उभरते उद्यमियों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप मार्गदर्शन, नवाचार गतिविधियां, तकनीकी प्रतियोगिताएं और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से जुड़ेंगे विद्यार्थी
इस सहयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय में उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ, नवाचार प्रकोष्ठ और स्टार्टअप प्रकोष्ठ को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों और नए उद्यमियों को उद्योग विशेषज्ञों, मेंटर्स, निवेशकों, एक्सेलेरेटर संस्थानों तथा स्टार्टअप नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

समझौते में आधुनिक तकनीकों को भी विशेष महत्व दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल नवाचार, इंडस्ट्री 4.0, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित करने की योजना है।
विद्यार्थियों के आइडिया को मिलेगा व्यावहारिक सहयोग
इस अवसर पर डॉ. याह्या मजूमदार ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे मजबूत इकोसिस्टम की आवश्यकता है, जहां विद्यार्थी अपने नए विचारों को व्यावहारिक रूप देकर उन्हें उद्यम में बदल सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सहयोग से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, व्यावहारिक अनुभव और आवश्यक नेटवर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
यह साझेदारी विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने वाले युवाओं के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी और नवप्रवर्तक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों संस्थाओं के बीच हुआ यह समझौता निर्धारित नियम एवं शर्तों के अनुसार प्रभावी तिथि से पांच वर्षों तक लागू रहेगा।




















