अंबिकापुर: Jobs की तलाश कर रही युवतियों को अच्छी कमाई का झांसा देकर कथित तौर पर देह व्यापार के नेटवर्क में फंसाने की कोशिश का मामला सामने आया है। अंबिकापुर में सामने आए इस मामले ने नौकरी की तलाश कर रही युवतियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन को भी अधिक कमाई वाली नौकरी का लालच देकर कथित गिरोह ने अपने संपर्क में लेने की कोशिश की। हालांकि, परिवार की सतर्कता के कारण युवती आगे इस संपर्क में नहीं बढ़ी और कथित तौर पर किसी बड़े जाल में फंसने से बच गई।
Jobs के नाम पर फोन और बायोडाटा मांगने का आरोप
सामने आई जानकारी के अनुसार कथित तौर पर युवतियों से नौकरी के नाम पर फोन के जरिए संपर्क किया जा रहा था। बातचीत के दौरान उनसे बायोडाटा के अलावा कई निजी जानकारियां मांगे जाने का आरोप है।

इन जानकारियों में युवती की लंबाई, शरीर पर टैटू, तिल और अन्य व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल होने की बात कही जा रही है। सामान्य नौकरी के लिए मांगी जाने वाली जानकारी से अलग इस तरह के सवाल सामने आने के बाद कुछ लोगों को संदेह हुआ।
आरोप है कि निजी जानकारियां हासिल करने के बाद युवतियों को अच्छी कमाई का लालच देकर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता था।
सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर परी यादव ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर परी यादव ने अपनी बहन के साथ कथित तौर पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
परी यादव के मुताबिक, शुरुआत में उनकी बहन को नौकरी और अच्छी कमाई का प्रस्ताव दिया गया। बातचीत आगे बढ़ने पर उससे व्यक्तिगत और शारीरिक पहचान से संबंधित कई सवाल पूछे गए।
परिवार को जब इस बातचीत और मांगी जा रही जानकारी पर संदेह हुआ तो युवती को आगे संपर्क करने से रोक दिया गया। इसके बाद कथित नेटवर्क से उसका संपर्क आगे नहीं बढ़ा।
बड़ी कमाई का लालच देकर युवतियों को प्रभावित करने का दावा
परी यादव का आरोप है कि युवतियों को कथित नेटवर्क से जोड़ने के लिए बड़ी रकम और रुपए के ढेर दिखाने वाले वीडियो भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भेजे जाते थे।
आरोप के मुताबिक, इन वीडियो के जरिए युवतियों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया जाता था कि इस काम के जरिए कम समय में बड़ी रकम कमाई जा सकती है।
नौकरी और आर्थिक मजबूती की तलाश में रहने वाली युवतियों को इस तरह के लालच के जरिए प्रभावित करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नशा कराकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने का भी दावा
परी यादव ने कथित गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर सबसे गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि युवतियों को कथित तौर पर नेटवर्क के जाल में फंसाने के बाद नशा कराया जाता था और फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे।
इसके बाद उन्हीं वीडियो के माध्यम से युवतियों को कथित तौर पर ब्लैकमेल किए जाने का दावा किया गया है।
यदि जांच में इस तरह के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला बेहद गंभीर हो सकता है, क्योंकि इसमें युवतियों को लालच देकर फंसाने के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी और गरिमा का कथित तौर पर दुरुपयोग करने का मामला भी सामने आएगा।
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
निजी जानकारी मांगने पर परिवार को हुआ शक
परी यादव के मुताबिक, उनकी बहन से बातचीत के दौरान जब लगातार व्यक्तिगत और शारीरिक पहचान से संबंधित जानकारियां मांगी गईं तो परिवार को पूरे मामले पर संदेह हुआ।
परिवार ने बातचीत को सामान्य नौकरी की प्रक्रिया से अलग माना और युवती को आगे संपर्क करने से रोक दिया। इस सतर्कता के कारण युवती कथित तौर पर उस नेटवर्क के संपर्क से बाहर निकल गई।
यह घटना उन युवाओं के लिए भी चेतावनी मानी जा सकती है, जो सोशल मीडिया, फोन कॉल या ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाले नौकरी के प्रस्तावों पर भरोसा कर लेते हैं।
Jobs के नाम पर ठगी और शोषण से बचने की जरूरत
आज के समय में रोजगार की तलाश करने वाले युवा बड़ी संख्या में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नौकरी के नाम पर आने वाले हर प्रस्ताव की सत्यता जांचना जरूरी हो जाता है।
किसी भी नौकरी के लिए यदि अत्यधिक निजी जानकारी मांगी जाए, तत्काल मिलने के लिए दबाव बनाया जाए या असामान्य रूप से ज्यादा कमाई का लालच दिया जाए, तो सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार नौकरी से जुड़ी किसी भी पेशकश पर आगे बढ़ने से पहले कंपनी, संस्था, कार्यालय का पता और संपर्क संबंधी जानकारी की जांच करनी चाहिए। अनजान लोगों को निजी फोटो, वीडियो या अन्य संवेदनशील जानकारी भेजने से भी बचना चाहिए।
मामले ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर नौकरी के नाम पर युवतियों से संपर्क करने वाले लोग कौन हैं? वे किन माध्यमों से युवतियों तक पहुंच रहे हैं? उनसे शारीरिक पहचान से जुड़ी जानकारियां क्यों मांगी जा रही थीं? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?
इसके अलावा यह भी जांच का विषय हो सकता है कि सोशल मीडिया पर कथित तौर पर बड़ी रकम दिखाने वाले वीडियो किस उद्देश्य से प्रसारित किए जा रहे थे और क्या उनका संबंध नौकरी के नाम पर युवतियों को संपर्क में लेने से था।
यदि पुलिस जांच में किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस जांच से स्पष्ट होगी मामले की सच्चाई
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए कथित नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके को लेकर सामने आई बातों को जांच के निष्कर्ष से अलग करके देखना जरूरी है।
पुलिस जांच के दौरान फोन नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवतियों से संपर्क करने वाले लोग कौन थे और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
युवतियों और परिवारों से सतर्क रहने की अपील
इस तरह की घटनाओं से यह संदेश भी सामने आता है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खासकर ऐसे प्रस्तावों से सावधान रहना जरूरी है, जिनमें सामान्य नौकरी की तुलना में असामान्य रूप से अधिक कमाई का लालच दिया जाए।
परिवार के सदस्यों को भी युवतियों और युवाओं से मिलने वाले ऐसे ऑनलाइन या फोन आधारित नौकरी के प्रस्तावों के बारे में बातचीत करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है।
समय रहते सतर्कता से बची युवती
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि परी यादव और उनके परिवार ने बातचीत के दौरान मांगी जा रही असामान्य जानकारियों को गंभीरता से लिया। संदेह होने के बाद युवती को आगे बातचीत करने से रोक दिया गया।
इस वजह से युवती कथित तौर पर आगे किसी जोखिम में जाने से बच गई। हालांकि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन घटना ने नौकरी के नाम पर युवतियों से संपर्क करने वाले संदिग्ध लोगों और ऑनलाइन लालच के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को जरूर सामने रखा है।
जांच के बाद सामने आएगा कथित नेटवर्क का सच
अंबिकापुर में सामने आए इस मामले ने Jobs के नाम पर युवतियों को कथित तौर पर फंसाने और बाद में उनका शोषण करने जैसे गंभीर आरोपों को चर्चा में ला दिया है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर परी यादव के आरोपों में नशा कराने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर दावे भी किए गए हैं।
हालांकि अभी इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच और उपलब्ध डिजिटल एवं फोरेंसिक साक्ष्य इस मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि क्या वास्तव में कोई संगठित नेटवर्क युवतियों को नौकरी के नाम पर निशाना बना रहा था या मामला किसी अन्य प्रकार का था। फिलहाल यह घटना युवाओं को ऑनलाइन नौकरी के प्रस्तावों की सत्यता जांचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने की महत्वपूर्ण सीख देती है।




















