शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक Minor लड़की के साथ इलाज के बहाने दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। चेवाड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले ग्रामीण चिकित्सक (झोलाछाप डॉक्टर) विनोद कुमार सिंह पर नाबालिग से यौन शोषण करने, उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है।
मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
मामले में नया मोड़ तब आया, जब पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोपी की पत्नी पर भी पति की कथित करतूत की जानकारी होने और उसका सहयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस अब आरोपी की पत्नी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

छह माह पहले इलाज के लिए डॉक्टर के पास गई थी नाबालिग
पुलिस के अनुसार, पीड़िता करीब छह महीने पहले माहवारी से संबंधित समस्या के इलाज के लिए आरोपी ग्रामीण चिकित्सक के पास गई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसके साथ गलत हरकत की और बाद में उसका वीडियो बना लिया।
पीड़िता का आरोप है कि इसी वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी ने उसे लंबे समय तक मानसिक दबाव में रखा और उसका यौन शोषण करता रहा।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और उसके आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
बेहोशी की दवा देने का भी आरोप
पीड़िता ने पुलिस के समक्ष दिए गए बयान में आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान उसे सलाइन चढ़ाई गई और इसी दौरान आरोपी ने उसे बेहोशी की दवा दी। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और घटना का वीडियो बनाया गया।
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने कथित वीडियो को उसके परिवार और अन्य लोगों तक पहुंचाने की धमकी देकर उसे डराया। इसी डर के कारण वह लंबे समय तक घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी।
पुलिस ने पीड़िता के आरोपों को दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी डॉक्टर कथित वीडियो को वायरल करने की धमकी देता था। इसी के जरिए वह उसे लगातार मानसिक दबाव में रखता था।
बताया गया है कि आरोपी की ओर से कथित तौर पर बार-बार धमकी दिए जाने के कारण पीड़िता और उसका परिवार भयभीत था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित वीडियो वास्तव में बनाया गया था या नहीं और यदि बनाया गया था तो उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया या नहीं।
जांच के दौरान पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर सकती है।
घर पहुंचकर जबरन नथनी पहनाने का आरोप
मामले का खुलासा होने की घटना भी काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। आरोप है कि दो दिन पहले आरोपी अचानक पीड़िता के घर पहुंच गया। वहां उसने कथित तौर पर नाबालिग को नथनी या बेसर पहनाने की कोशिश की।
इस दौरान पीड़िता ने विरोध करते हुए शोर मचाया। आवाज सुनकर उसकी मां वहां पहुंच गईं। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने पीड़िता की मां को भी कथित वीडियो दिखाकर मामले को दबाने का प्रयास किया।
घटना के बाद परिवार के लोगों के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे पूरे मामले की जानकारी सामने आई।
माता-पिता को सच्चाई पता चलने के बाद पुलिस से शिकायत
पीड़िता के परिजनों को जब पूरी घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पीड़िता का बयान दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी ग्रामीण चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और यौन अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामले की जांच बाल यौन अपराधों से संरक्षण से संबंधित कानून के तहत की जा रही है।
महिला थानाध्यक्ष रिशु कुमारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपी की पत्नी की भूमिका पर भी पुलिस की नजर
मामले में सबसे महत्वपूर्ण नया पहलू आरोपी की पत्नी से जुड़ा हुआ है। पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी की पत्नी को उसके पति की कथित गतिविधियों की जानकारी थी और वह इस मामले में उसका सहयोग करती थी।
पुलिस ने फिलहाल आरोपी की पत्नी को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। महिला थानाध्यक्ष ने कहा है कि उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
यदि जांच के दौरान उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है और अपराध में उसकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई है। मेडिकल जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पुलिस घटना के समय, आरोपी और पीड़िता के बीच संपर्क, इलाज के दौरान मौजूद परिस्थितियों तथा कथित वीडियो से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसी का प्रयास है कि पीड़िता के बयान के साथ-साथ उपलब्ध भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि इलाज के लिए किसी चिकित्सक के पास जाने वाले मरीज और उनके परिवार को डॉक्टर पर विश्वास होता है। ऐसे में यदि उस विश्वास का दुरुपयोग किया जाता है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
झोलाछाप चिकित्सकों पर निगरानी का सवाल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वाले लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कई लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए स्थानीय चिकित्सकों पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे मामलों में लोगों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इलाज योग्य और अधिकृत चिकित्सा केंद्र या चिकित्सक से ही कराया जाए। किसी भी संदिग्ध व्यवहार या दबाव की स्थिति में परिवार के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल आरोपी डॉक्टर पुलिस की गिरफ्त में है और न्यायालय के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं आरोपी की पत्नी की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और कथित वीडियो से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।
Minor पीड़िता की पहचान कानून के तहत गोपनीय रखी जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।




















