जमशेदपुर: राही ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को Kadma स्थित आदर्श मध्य एवं उच्च विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और राज्य तंबाकू नियंत्रण कोषांग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों को कम उम्र में ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें तंबाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत कई बार कम उम्र में ही शुरू हो जाती है। ऐसे में बच्चों को शुरुआत से ही इसके नुकसान की जानकारी देना बेहद जरूरी है।

कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

राही ट्रस्ट के माध्यम से आदर्श मध्य एवं उच्च विद्यालय, कदमा में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कक्षा 6 से लेकर 10वीं तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में बच्चों को नशे के विभिन्न प्रकारों और उनसे होने वाले शारीरिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इसकी लत व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई विस्तृत जानकारी

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और राज्य तंबाकू नियंत्रण कोषांग की ओर से मौसमी चटर्जी और कुन्दन कुमार ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में समझाया गया। दृश्य माध्यम से जानकारी दिए जाने के कारण विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों को समझने में आसानी हुई।

बच्चों को बताया गया कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव या आसपास के वातावरण से प्रभावित होकर हो सकती है। इसलिए कम उम्र से ही सही जानकारी और जागरूकता बेहद जरूरी है।

कम उम्र में नशे की शुरुआत रोकना जरूरी

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू सेवन की शुरुआत कई बार इसी उम्र के बच्चों से होती है। यदि बच्चों को समय रहते तंबाकू और नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी जाए तो वे खुद भी इससे दूर रह सकते हैं और अपने आसपास के अन्य बच्चों को भी जागरूक कर सकते हैं।

विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन न करें और अपने दोस्तों एवं परिवार के सदस्यों को भी इसके नुकसान के प्रति जागरूक करें।

तंबाकू और नशीले पदार्थों के नुकसान बताए

जागरूकता कार्यक्रम में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान को प्रमुखता से समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति के स्वास्थ्य, पढ़ाई, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

बच्चों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए नशे से दूरी बनाए रखना जरूरी है। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के प्रति सजग रहने और किसी भी तरह के दबाव में आकर इसका सेवन नहीं करने की सलाह दी।

विद्यार्थियों ने सवालों के माध्यम से दिखाई रुचि

कार्यक्रम को केवल एकतरफा जागरूकता तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों को नशा मुक्ति से संबंधित विषयों पर सवाल पूछने और अपनी जानकारी साझा करने का अवसर भी दिया गया।

बच्चों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर गतिविधि भी आयोजित की गई। नशा मुक्ति अभियान से संबंधित सवालों के सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया।

सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार

राही ट्रस्ट के चेयरमैन विकास कुमार साहनी ने नशा मुक्ति कार्यक्रम से संबंधित विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे। जिन विद्यार्थियों ने सही उत्तर दिए, उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता के साथ-साथ कार्यक्रम के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना था। पुरस्कार मिलने से विद्यार्थियों में उत्साह भी देखने को मिला।

बच्चों के बीच चॉकलेट और बिस्कुट का वितरण

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच चॉकलेट और बिस्कुट का भी वितरण किया गया। इससे बच्चों में कार्यक्रम के प्रति उत्साह बढ़ा और जागरूकता अभियान का माहौल सकारात्मक बना रहा।

आयोजकों ने बच्चों को संदेश दिया कि नशे से दूर रहकर स्वस्थ और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।

राज कुमार भारती ने किया कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन राही ट्रस्ट के अध्यक्ष राज कुमार भारती ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और नशा मुक्ति जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। यदि वे स्वस्थ और नशामुक्त रहेंगे तो समाज और देश को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

बच्चों को अपने साथियों को जागरूक करने की अपील

कार्यक्रम में विद्यार्थियों से केवल खुद नशे से दूर रहने की अपील नहीं की गई, बल्कि उन्हें अपने साथियों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

उन्हें बताया गया कि अगर कोई दोस्त तंबाकू या किसी अन्य नशीले पदार्थ की ओर बढ़ रहा है तो उसे समझाना और इसके नुकसान के बारे में जानकारी देना भी उनकी जिम्मेदारी है।

इस तरह स्कूल स्तर पर जागरूकता फैलाकर नशे की शुरुआत को रोकने में मदद मिल सकती है।

नशामुक्त समाज बनाने में युवाओं की अहम भूमिका

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में युवाओं और स्कूली बच्चों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। बच्चों में यदि कम उम्र से ही नशे के खिलाफ सकारात्मक सोच विकसित की जाए तो भविष्य में नशे की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

राही ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भी विद्यार्थियों को नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा सहयोग

जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में कई लोगों ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। कार्यक्रम के आयोजन में अशोक कुमार, विकास साहनी, राज कुमार भारती, मनोज सकुजा, सविता और काजल का सहयोग रहा।

सभी सहयोगियों ने कार्यक्रम की व्यवस्था और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता संदेश पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई।

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान की जरूरत

आज के समय में नशे की समस्या समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। विशेष रूप से कम उम्र में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की शुरुआत बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

ऐसे में स्कूलों में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी देना जरूरी है। इससे बच्चे न केवल खुद नशे से बच सकते हैं, बल्कि अपने परिवार और दोस्तों को भी जागरूक करने में योगदान दे सकते हैं।

राही ट्रस्ट की पहल को सराहा गया

राही ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को नशे से दूर रखने के साथ-साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा।

कार्यक्रम में बच्चों को सरल और प्रभावी तरीके से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी, प्रश्नोत्तर और पुरस्कार वितरण जैसी गतिविधियों ने अभियान को और प्रभावी बनाया।

Kadma के आदर्श मध्य एवं उच्च विद्यालय में आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के माध्यम से कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और राज्य तंबाकू नियंत्रण कोषांग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मौसमी चटर्जी और कुन्दन कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को विस्तृत जानकारी दी।

राही ट्रस्ट के अध्यक्ष राज कुमार भारती ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि चेयरमैन विकास कुमार साहनी ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की और सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच चॉकलेट और बिस्कुट का वितरण किया गया। आयोजकों ने बच्चों को खुद नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संदेश दिया।