प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के Prayagraj से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मिर्जापुर की रहने वाली नौ वर्षीय बच्ची को प्रयागराज रेलवे स्टेशन से कथित तौर पर कुरकुरे दिलाने के बहाने अगवा कर लिया गया। आरोप है कि आरोपी बच्ची को ई-रिक्शा से छिवकी रेलवे स्टेशन के पास ले गया और वहां किराये के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया।

बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद आरोपी उसे लेकर सतना पहुंचा और 11 सितंबर को रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। बाद में बच्ची को चाइल्ड लाइन की टीम के सुपुर्द किया गया। बच्ची से मिली जानकारी के आधार पर प्रयागराज जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को 14 सितंबर को ललितपुर रेलवे कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची थी महिला

मामला मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। बताया गया कि महिला अपनी नौ वर्षीय बेटी और अपने मुंह बोले भाई के साथ 8 सितंबर को दिल्ली जाने के लिए मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी।

महिला को दिल्ली जाना था और इसी सिलसिले में वह रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने पहुंची। इसी दौरान उसकी मुलाकात अजय कुमार नाम के एक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने भी खुद को दिल्ली जाने वाला बताया।

बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया। महिला को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति से वह सामान्य बातचीत कर रही है, वही उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाएगा।

उधना स्पेशल ट्रेन से प्रयागराज पहुंचे थे

शाम करीब छह बजे महिला, उसकी बेटी, मुंह बोला भाई और आरोपी अजय कुमार उधना स्पेशल ट्रेन संख्या 09032 के जनरल कोच में सवार हुए। सभी लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

ट्रेन जब प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंची तो आरोपी ने बच्ची से कुरकुरे दिलाने की बात कही। इसी बहाने वह बच्ची को अपने साथ ट्रेन से नीचे उतारकर प्लेटफॉर्म की ओर ले गया।

महिला को लगा कि आरोपी बच्ची को कुछ खाने का सामान दिलाकर वापस ट्रेन में ले आएगा। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद भी अजय और बच्ची वापस नहीं लौटे।

महिला ने स्टेशन परिसर में बच्ची और आरोपी को तलाशना शुरू किया, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो महिला ने जीआरपी को सूचना दी।

बच्ची के लापता होने पर दर्ज कराया गया मुकदमा

बच्ची के गायब होने की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। बच्ची की तलाश शुरू की गई और आरोपी के बारे में भी जानकारी जुटाई जाने लगी।

पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों से संबंधित जानकारी जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान बच्ची के बारे में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी भेजी गई।

मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया।

छिवकी में कमरा लेने का आरोप

पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी बच्ची को ई-रिक्शा से प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन के आसपास ले गया। वहां उसने कथित तौर पर करीब 300 रुपये में एक कमरा किराये पर लिया।

पुलिस के मुताबिक, इसी कमरे में आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची की तबीयत खराब होने लगी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर आरोपी घबरा गया।

इसके बाद वह बच्ची को लेकर छिवकी रेलवे स्टेशन पहुंचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्ची को लेकर ट्रेन से सतना की ओर चला गया।

सतना रेलवे स्टेशन पर बच्ची को छोड़कर भागा आरोपी

छिवकी से ट्रेन के जरिए आरोपी और बच्ची सतना पहुंचे। वहां भी बच्ची की तबीयत ठीक नहीं थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को इस बात का डर सताने लगा कि वह बच्ची के साथ पकड़ा जा सकता है।

इसी डर के चलते उसने 11 सितंबर को बच्ची को सतना रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गया।

आरोपी के बच्ची को छोड़कर चले जाने के बाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की नजर बच्ची पर पड़ी। बच्ची को मदद की जरूरत थी, जिसके बाद उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।

आरपीएफ और जीआरपी ने बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंपा

सतना रेलवे स्टेशन पर बच्ची के मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने उसे चाइल्ड लाइन टीम के हवाले किया। चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने बच्ची से बातचीत कर उसके परिजनों और घटना से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की।

बच्ची ने अधिकारियों को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इसके बाद सतना चाइल्ड लाइन की ओर से प्रयागराज जीआरपी को सूचना दी गई।

जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज जीआरपी की टीम बच्ची को अपने साथ लेकर आई। बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।

मेडिकल जांच के लिए भेजी गई बच्ची

पुलिस ने बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। मामले की जांच में बच्ची के बयान के साथ मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।

नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है। जांच के दौरान पुलिस आरोपी की गतिविधियों और उसके द्वारा बच्ची को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुका है गंभीर मामला

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अजय कुमार मिर्जापुर के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के चंद्रगढ़ मुड़ेल गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी एक बेहद गंभीर मामला दर्ज हो चुका है। वर्ष 2022 में मानिकपुर में ट्रेन के अंदर तीन वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, उस घटना में बच्ची की मौत हो गई थी।

उस मामले में अजय कुमार जेल जा चुका था। बाद में वर्ष 2026 में वह जमानत पर जेल से बाहर आया था।

इसके अलावा आरोपी के खिलाफ मिर्जापुर में चोरी का भी एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

ललितपुर रेलवे कॉलोनी के पास पुलिस ने घेरा

बच्ची को सतना स्टेशन पर छोड़ने के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी।

सीओ जीआरपी प्रयागराज अरुण कुमार पाठक के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। लगातार प्रयास के बाद पुलिस को आरोपी के ललितपुर में होने की जानकारी मिली।

14 सितंबर को पुलिस टीम ने ललितपुर रेलवे कॉलोनी के पास घेराबंदी की। इसी दौरान अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के बाद आरोपी को भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की।

पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बच्ची के बयान के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

रेलवे स्टेशन पर हुई घटना ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ट्रेन में यात्रा कर रही बच्ची को एक परिचित बनकर आरोपी ने कथित तौर पर विश्वास में लिया और स्टेशन पर उसे अपने साथ ले गया।

ऐसे मामलों में बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिजनों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की जाती है। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को किसी अनजान या कम परिचित व्यक्ति के साथ अकेले भेजने से बचना जरूरी है।

पुलिस जांच जारी

Prayagraj जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

बच्ची के बयान, मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्ची को समय रहते सतना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित संरक्षण मिल गया, जिसके बाद पुलिस तक मामले की जानकारी पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका।