हरिद्वार: Ganpati विसर्जन के दौरान हरिद्वार के लालजीवाला क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। देहरादून से परिवार के साथ गणपति विसर्जन करने पहुंची एक नाबालिग किशोरी गंगा के तेज बहाव में बहकर लापता हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और किशोरी की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

किशोरी के गंगा में बहने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। रेस्क्यू टीमों ने नदी के आसपास के हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किशोरी बहते हुए गंगा के पानी की निकासी के लिए बनाए गए पाइप के अंदर चली गई थी। इसके बाद उसकी तलाश को लेकर अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया।

देहरादून से परिवार के साथ हरिद्वार आई थी किशोरी

जानकारी के अनुसार, नाबालिग किशोरी देहरादून के डोईवाला स्थित केशव बस्ती की रहने वाली है। वह अपने परिवार के साथ गणपति विसर्जन के लिए हरिद्वार के लालजीवाला क्षेत्र में पहुंची थी।

परिवार और अन्य लोग गणपति प्रतिमा के विसर्जन की तैयारी में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक किशोरी गंगा के पानी में गिर गई। देखते ही देखते वह पानी के बहाव में आगे चली गई और लापता हो गई।

घटना के बाद परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने भी किशोरी को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण उसे ढूंढना मुश्किल हो गया।

Ganpati विसर्जन के दौरान हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि गणपति विसर्जन के दौरान किशोरी गंगा के किनारे मौजूद थी। इसी दौरान वह गंगा में गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी के बहाव में बहते हुए किशोरी गंगा के पानी की निकासी के लिए बनाए गए एक बड़े आरसीसी ड्रेनेज पाइप की ओर चली गई।

इसके बाद वह पाइप के अंदर चली गई और फिर दिखाई नहीं दी। इस जानकारी के बाद रेस्क्यू टीमों ने पाइप और उसके आसपास के हिस्से की भी जांच शुरू की।

गंगा के पानी की निकासी के लिए बना है पाइप

लालजीवाला क्षेत्र में गंगा के पानी के डायवर्जन और निकासी के लिए करीब 1200 एमएम कंक्रीट थिक वॉल आरसीसी ड्रेनेज पाइप लगाए गए हैं। इन पाइपों के ऊपर रपटा बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि इसी स्थान के आसपास गणपति विसर्जन के दौरान किशोरी पानी में गिरी। पानी के बहाव के कारण वह कथित तौर पर पाइप की दिशा में बह गई।

पाइप का आकार और पानी का बहाव रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती बन गया। टीम ने आसपास के क्षेत्र में किशोरी की तलाश शुरू की।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जल पुलिस

हादसे की जानकारी मिलते ही जल पुलिस की टीम सक्रिय हुई। टीम ने गंगा में संभावित स्थानों पर किशोरी की तलाश शुरू की।

जल पुलिस के जवानों ने नदी के बहाव और घटनास्थल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया। आसपास के क्षेत्रों में भी नजर रखी गई ताकि यदि किशोरी कहीं बहकर पहुंची हो तो उसका पता लगाया जा सके।

SDRF की टीम ने भी संभाला मोर्चा

रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। एसडीआरएफ के जवानों ने जल पुलिस के साथ मिलकर गंगा में तलाशी अभियान चलाया।

नदी के तेज बहाव और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए टीम को सावधानी के साथ सर्च ऑपरेशन करना पड़ा। पाइप के आसपास भी संभावित स्थानों की जांच की गई।

किशोरी के गंगा में बहने की सूचना के बाद रेस्क्यू टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

पाइप के अंदर चले जाने की बात से बढ़ी चुनौती

प्रत्यक्षदर्शियों ने रेस्क्यू टीम को बताया कि किशोरी पानी में बहने के बाद ड्रेनेज पाइप के भीतर चली गई थी। इस सूचना के बाद पाइप के अंदर और उसके आसपास भी तलाशी की जरूरत महसूस हुई।

आरसीसी पाइप के कारण पानी के बहाव का स्वरूप अलग होने से रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया। टीम ने उपलब्ध संसाधनों के जरिए संभावित स्थानों पर तलाश की।

हालांकि, किशोरी का पता लगाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी रखा गया।

मौके पर जुटी लोगों की भारी भीड़

हादसे की जानकारी आसपास के लोगों को मिलते ही लालजीवाला क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। गंगा किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई किशोरी के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहा था।

भीड़ के कारण रेस्क्यू टीम को भी अभियान के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। पुलिस और अन्य कर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर रखने का प्रयास किया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

किशोरी के गंगा में बहने की सूचना के बाद उसके परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई। परिजन लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे।

गणपति विसर्जन के लिए परिवार के साथ हरिद्वार पहुंची किशोरी के अचानक लापता होने से खुशी का माहौल मातम में बदल गया। परिजन रेस्क्यू टीम की ओर से मिलने वाली जानकारी का इंतजार करते रहे।

गंगा में बहाव को लेकर सावधानी जरूरी

हरिद्वार में धार्मिक आयोजनों और विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी की जरूरत होती है।

खासकर बच्चों और नाबालिगों को नदी के किनारे अकेला न छोड़ने और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जाती है। नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने या पानी की दिशा बदलने की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है।

रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी निगाहें

फिलहाल जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम किशोरी की तलाश में जुटी हुई है। गंगा में संभावित स्थानों के साथ-साथ ड्रेनेज पाइप और उसके आसपास के क्षेत्र को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस और रेस्क्यू टीम घटना से जुड़ी परिस्थितियों की भी जानकारी जुटा रही है। किशोरी आखिर किस स्थान से गंगा में गिरी और पानी के बहाव में किस दिशा में गई, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।