मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पति से नाराज होकर Ganga नदी में छलांग लगाने वाली 38 वर्षीय महिला करीब 14 घंटे बाद लगभग 40 किलोमीटर दूर जिंदा मिली। महिला को नदी में बहते हुए मछली पकड़ रहे मछुआरों ने देखा और नाव की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई।

महिला के नदी में कूदने की सूचना के बाद पुलिस ने रातभर उसकी तलाश की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह चुनार किले के पास महिला की आवाज सुनाई दी। मछुआरों ने आवाज की दिशा में जाकर उसे देखा और नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला।

महिला ने पुलिस को बताया कि गंगा में बहते हुए जब उसे अपने चार बच्चों की याद आई तो उसके मन में दोबारा जीने की इच्छा जागी। इसके बाद उसने मदद के लिए आवाज लगाई। उसकी आवाज मछुआरों तक पहुंची और उसकी जान बच गई।

पति से नाराज होकर घर से निकली थी महिला

यह पूरा मामला मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के छोटी बसही मोहल्ले का बताया जा रहा है। यहां 38 वर्षीय सुनीता साहनी अपने परिवार के साथ रहती हैं। उनकी शादी करीब 18 साल पहले सूर्यबली से हुई थी। बताया गया है कि उनके पति गुजरात के जामनगर में नौकरी करते हैं।

परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सुनीता पिछले कुछ दिनों से बुखार और खांसी से परेशान थीं। तबीयत खराब होने के कारण उन्हें दवा की जरूरत थी। उन्होंने अपने पति से दवा खरीदने के लिए पैसे भेजने को कहा था।

महिला के मुताबिक, पति ने मंगलवार सुबह पैसे भेजने की बात कही थी, लेकिन पैसे नहीं पहुंचे। इसको लेकर वह परेशान और नाराज हो गईं। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच फोन पर बातचीत हुई।

महिला ने पुलिस को बताया कि बातचीत के दौरान पति की एक कथित बात से वह बेहद आहत हो गईं। इसके बाद वह घर से निकल गईं।

शास्त्री पुल पहुंचकर गंगा में लगाई छलांग

पुलिस के अनुसार, महिला मंगलवार दोपहर करीब चार बजे घर से निकली थीं। इसके लगभग एक घंटे बाद वह मिर्जापुर के शास्त्री पुल पर पहुंचीं।

इसके बाद महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और महिला की तलाश शुरू कर दी गई।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने नदी के आसपास संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन तत्काल महिला का कोई पता नहीं चल सका। शाम होते-होते अंधेरा बढ़ गया और रेस्क्यू अभियान के सामने मुश्किलें बढ़ती गईं।

तेज बहाव में बहती चली गई महिला

महिला ने बाद में पुलिस को बताया कि गंगा के तेज बहाव में वह काफी दूर तक बहती चली गईं। इस दौरान वह कई घंटों तक नदी में रहीं।

शास्त्री पुल से करीब 40 किलोमीटर दूर चुनार किले के आसपास बुधवार सुबह वह पहुंचीं। महिला के अनुसार, उस समय वह काफी कमजोर हो चुकी थीं और उन्हें यह भी ठीक से पता नहीं था कि वह किस जगह पर हैं।

रातभर नदी में रहने के बाद सुबह रोशनी दिखाई देने पर उन्हें एहसास हुआ कि वह अभी जिंदा हैं। इसके बाद उन्हें अपने परिवार और बच्चों की याद आने लगी।

चार बच्चों की याद ने बदला फैसला

सुनीता के चार बच्चे हैं। उनके नाम राहुल, विक्की, सागर और रुक्मणी बताए गए हैं।

महिला के मुताबिक, नदी में बहने के दौरान जब उन्हें अपने बच्चों की याद आई तो उनके मन में विचार आया कि वह अपने बच्चों को इस तरह छोड़कर नहीं जा सकतीं।

इसके बाद उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश शुरू की। महिला ने नदी से मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी।

सुबह के समय आसपास कुछ मछुआरे नदी में मछली पकड़ रहे थे। महिला की आवाज सुनकर उनका ध्यान नदी की तरफ गया।

मछुआरों ने नाव से महिला को बचाया

मछुआरों ने आवाज की दिशा में देखा तो उन्हें महिला दिखाई दी। इसके बाद वे नाव लेकर उसकी ओर बढ़े।

काफी प्रयास के बाद मछुआरों ने महिला को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई।

करीब 14 घंटे तक गंगा के पानी में रहने के बाद महिला के जिंदा मिलने की खबर से पुलिस और परिवार ने राहत की सांस ली।

अस्पताल में कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण

नदी से बाहर निकालने के बाद महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की जांच की।

पुलिस के अनुसार, उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद महिला की हालत सामान्य थी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

परिजनों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था, क्योंकि रातभर महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी।

पति की कथित बात से आहत होने का दावा

महिला ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पति से दवा के लिए पैसे मांगे थे। उनके मुताबिक, पैसों को लेकर बातचीत के दौरान पति ने कथित तौर पर ऐसी बात कही, जिससे वह बेहद आहत हो गईं।

महिला का दावा है कि पति ने कथित तौर पर उन्हें मर जाने की बात कही थी। इसी के बाद वह भावनात्मक रूप से परेशान होकर घर से निकल गईं और शास्त्री पुल पहुंचीं।

हालांकि, पति की ओर से इस कथित बातचीत को लेकर क्या पक्ष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर सकती है।

पुलिस ने रातभर की महिला की तलाश

महिला के गंगा में कूदने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी थी। नदी के आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई।

लेकिन गंगा में तेज बहाव होने के कारण महिला के बहकर काफी दूर चले जाने की संभावना थी। रात होने के कारण तलाश अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया।

पुलिस को अगले दिन सुबह चुनार क्षेत्र से महिला के मिलने की सूचना मिली। इसके बाद परिवार को भी राहत मिली।

चुनार किले के पास मिली महिला

चुनार कोतवाली प्रभारी विजयशंकर सिंह के अनुसार, महिला मंगलवार शाम शास्त्री पुल से गंगा में कूदी थी। बहते हुए वह चुनार किले के पास पहुंच गई।

सुबह के समय मछुआरों ने महिला की आवाज सुनी और उसे नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार और जांच के बाद उसकी स्थिति ठीक पाई गई।

इसके बाद महिला को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

करीब 40 किलोमीटर दूर पहुंचने से हैरान लोग

इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि महिला शास्त्री पुल से गंगा में कूदने के बाद करीब 40 किलोमीटर दूर चुनार क्षेत्र तक पहुंच गई।

गंगा के पानी का बहाव, नदी की धार और रात के समय की परिस्थितियों को देखते हुए यह दूरी लोगों के लिए हैरान करने वाली रही।

हालांकि, नदी में बहने वाले व्यक्ति की दिशा और दूरी कई प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। पानी का बहाव, नदी का जलस्तर, धाराओं की दिशा और रास्ते में आने वाले किनारे जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।

इसलिए केवल दूरी के आधार पर घटना के बारे में कोई अलग वैज्ञानिक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

परिवार के लिए राहत की खबर

महिला के गंगा में कूदने की खबर से परिवार बेहद परेशान था। रातभर तलाश के बावजूद जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

लेकिन बुधवार सुबह महिला के जिंदा मिलने की सूचना ने परिवार को बड़ी राहत दी। मछुआरों ने समय रहते महिला की आवाज सुन ली और नाव की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया।

महिला के बच्चों की याद करने वाली बात भी इस घटना का भावनात्मक पहलू सामने लाती है। शुरुआती कदम के बाद महिला ने अपने परिवार और बच्चों के बारे में सोचा और मदद के लिए आवाज लगाई।

घटना से सामने आया महत्वपूर्ण संदेश

यह घटना पारिवारिक विवाद और भावनात्मक तनाव के दौरान जल्दबाजी में उठाए जाने वाले खतरनाक कदमों को लेकर भी गंभीर संदेश देती है। किसी विवाद या परेशानी की स्थिति में व्यक्ति को अकेले निर्णय लेने के बजाय किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या अन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से बात करनी चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार से जूझ रहा हो तो उसे तुरंत आसपास के भरोसेमंद लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए और पेशेवर सहायता लेनी चाहिए।

सुनीता के मामले में भी परिस्थितियां बेहद खतरनाक हो सकती थीं, लेकिन बाद में बच्चों की याद आने और मदद के लिए आवाज लगाने से घटनाक्रम बदल गया।

पुलिस आगे भी करेगी मामले की जांच

महिला के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें परिवार के हवाले कर दिया है। इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच हुए विवाद और महिला के घर से निकलने की परिस्थितियों को समझना मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

पुलिस महिला के बयान और उपलब्ध अन्य जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर सकती है। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि महिला घर से निकलने के बाद किस तरह शास्त्री पुल तक पहुंचीं।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि करीब 14 घंटे तक गंगा में रहने के बाद महिला को मछुआरों ने सुरक्षित बचा लिया और वह अपने परिवार के पास लौट गईं।