जमशेदपुर: Jamshedpur पूर्वी सिंहभूम जिले में न्यायालय से निर्गत गैर-जमानतीय वारंटों के प्रभावी और समयबद्ध निष्पादन को लेकर पुलिस ने 48 घंटे का विशेष अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के निर्देश पर शुरू किए गए इस विशेष अभियान के दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में वारंटियों की गिरफ्तारी और लंबित न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया।

यह विशेष अभियान 16 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026 की रात तक संचालित किया गया। अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 46 वारंटियों को गिरफ्तार किया। वहीं, अभियान के दौरान जिले में कुल 519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन किया गया।

पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालय से जारी लंबित वारंटों के निष्पादन में तेजी लाना, वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन को प्रभावी बनाना था।

जिले के सभी थाना क्षेत्रों में चलाया गया अभियान

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी थाना प्रभारियों को लंबित गैर-जमानतीय वारंटों के निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके तहत थाना स्तर पर वारंटों की समीक्षा करते हुए संबंधित वारंटियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।

इसके बाद पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अभियान को केवल एक थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि न्यायालय से जारी वारंटों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर वारंटियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए।

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने पुराने और लंबित वारंटों के मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर देखा। इससे लंबे समय से लंबित न्यायालयीय आदेशों के निष्पादन की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया गया।

46 वारंटियों की गिरफ्तारी

48 घंटे तक चले इस विशेष अभियान में पुलिस ने कुल 46 वारंटियों को गिरफ्तार किया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए रखा गया।

पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 46 वारंटियों में से 17 व्यक्तियों ने माननीय न्यायालय द्वारा जारी रिकॉल प्रस्तुत किया। संबंधित दस्तावेजों और न्यायालयीय आदेशों की जांच के बाद इन 17 व्यक्तियों को थाना से मुक्त कर दिया गया।

वहीं, शेष 29 वारंटियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद न्यायालयीय प्रक्रिया का भी पालन किया।

रिकॉल प्रस्तुत करने वालों को थाना से किया गया मुक्त

अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए कुछ व्यक्तियों ने न्यायालय से जारी रिकॉल प्रस्तुत किया। रिकॉल प्रस्तुत किए जाने के बाद संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया के तहत जांच की गई। इसके बाद कुल 17 व्यक्तियों को थाना स्तर से मुक्त कर दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई में यह भी स्पष्ट किया गया कि न्यायालयीय आदेशों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की गई। यानी अभियान का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक गिरफ्तारियां करना नहीं था, बल्कि न्यायालय से संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वारंटों का निष्पादन करना था।

29 वारंटियों को न्यायालय में किया गया प्रस्तुत

विशेष अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए कुल 46 वारंटियों में से 29 ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन लोगों के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानतीय वारंट जारी थे।

पुलिस के अनुसार, वारंटियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी प्रक्रिया के तहत 29 गिरफ्तार वारंटियों को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि पुलिस ने वारंटों के निष्पादन के साथ-साथ गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायालयीय प्रक्रिया से जोड़ने पर भी ध्यान दिया।

519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन

विशेष अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन शामिल है। पुलिस ने अभियान के दौरान लंबित वारंटों की पहचान कर उनके निष्पादन के लिए विशेष कार्रवाई की।

519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन यह दर्शाता है कि पुलिस ने अभियान के दौरान केवल गिरफ्तारी को ही कार्रवाई का आधार नहीं बनाया, बल्कि न्यायालय से जारी वारंटों के रिकॉर्ड और उनकी स्थिति की भी समीक्षा की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वारंटों का समय पर निष्पादन न्यायालयीय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। लंबित वारंटों के निष्पादन से संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया को भी गति मिलती है।

न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन पर विशेष जोर

पूर्वी सिंहभूम पुलिस के इस विशेष अभियान में न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन को प्रमुखता दी गई। पुलिस अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया था कि न्यायालय से निर्गत वारंटों को लंबित न रखा जाए और उनके निष्पादन के लिए लगातार कार्रवाई की जाए।

पुलिस के अनुसार, गैर-जमानतीय वारंट किसी न्यायालयीय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। ऐसे में इनके निष्पादन में देरी होने पर संबंधित मामलों की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान के दौरान लंबित वारंटों पर फोकस किया गया।

कानून व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के विशेष अभियान का एक उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करना भी है। न्यायालय से जारी वारंटों का निष्पादन सुनिश्चित होने से लंबित मामलों में कार्रवाई आगे बढ़ती है और पुलिस तथा न्यायालय के बीच कानूनी प्रक्रिया के अनुपालन को मजबूती मिलती है।

अभियान के दौरान सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों को सक्रिय रखा गया। वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ न्यायालयीय रिकॉर्ड के आधार पर लंबित वारंटों के निष्पादन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

अभियान के प्रमुख आंकड़े
कार्रवाईसंख्या
गिरफ्तार किए गए वारंटी46
रिकॉल प्रस्तुत करने पर थाना से मुक्त17
न्यायालय में प्रस्तुत वारंटी29
गैर-जमानतीय वारंट का निष्पादन519

इन आंकड़ों के अनुसार, 48 घंटे की अवधि में पुलिस ने वारंट निष्पादन को लेकर व्यापक कार्रवाई की। कुल 46 गिरफ्तारियों के अलावा 519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन अभियान की प्रमुख कार्रवाई रही।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पूर्वी सिंहभूम पुलिस की ओर से कहा गया है कि न्यायालय से निर्गत वारंटों के निष्पादन को लेकर कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य लंबित वारंटों के निष्पादन में तेजी लाना और न्यायालयीय आदेशों का प्रभावी तरीके से अनुपालन सुनिश्चित करना है।

विशेष अभियान के दौरान मिली कार्रवाई के बाद थाना स्तर पर लंबित वारंटों की समीक्षा और उनके निष्पादन की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस की ओर से सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

वारंट निष्पादन को लेकर पुलिस की सक्रियता

पूर्वी सिंहभूम जिले में चलाए गए इस 48 घंटे के विशेष अभियान में पुलिस ने एक साथ कई स्तरों पर कार्रवाई की। एक ओर 46 वारंटियों की गिरफ्तारी की गई, वहीं दूसरी ओर 17 लोगों द्वारा रिकॉल प्रस्तुत किए जाने के बाद उन्हें थाना से मुक्त किया गया और 29 वारंटियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

इसके साथ ही 519 गैर-जमानतीय वारंटों का निष्पादन किया गया। पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य न्यायालयीय आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करना और लंबित मामलों में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। आने वाले दिनों में भी वारंटों के निष्पादन और न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।